• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Madhya Pradesh School Strike Update; Raisen Vidisha Teacher Protest In Bhopal

MP में निजी स्कूलों की हड़ताल का दूसरा दिन:नाराज संचालक बोले- बच्चों का सवाल; अधिकारी AC से निकलने को तैयार नहीं, हम भी डटे रहेंगे, पुलिस फोर्स लगाया

भोपाल5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
हड़ताल के दूसरे दिन विदिशा और रायसेन के प्राइवेट स्कूल संचालक जमा हुए। - Dainik Bhaskar
हड़ताल के दूसरे दिन विदिशा और रायसेन के प्राइवेट स्कूल संचालक जमा हुए।

एमपी बोर्ड के प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की अनिश्चित कालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। गुरुवार को शुरू हुई हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को भी एसोसिएशन से जुड़े स्कूल संचालकों ने लोक शिक्षण संचालनालय धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस फोर्स लगाया गया है।

पहले दिन भोपाल के स्कूल संचालक थे, तो शुक्रवार को विदिशा और रायसेन से प्रदर्शन करने भोपाल पहुंचे। नाराज संचालकों का कहना है कि हम बच्चों के भविष्य की बात कर रहे और अधिकारी AC से निकलने तक तैयार नहीं हैं।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह कहना है कि अभी हम इसी तरह लोक शिक्षण के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे। अगर इसके बाद भी शासन नहीं मानता है, तो प्रदर्शन को योजना के तहत आगे ले जाया जाएगा। पहले दिन से रणनीति के तहत एक-एक शहर के स्कूल संचालक यहां पर प्रदर्शन करने आएंगे। स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई जारी है।

साजिश के तहत तुड़वाई थी हड़ताल

अध्यक्ष सिंह ने बताया कि मांगों को लेकर 12 और 13 अगस्त को प्रदेशव्यापी आंदोलन किया गया गया था। हड़ताल को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने साजिश के तहत इसे रुकवा दिया था। पूर्व आयुक्त जयश्री कियावत ने सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। हमें लगा कि सरकार इस पर गंभीरता से सोच रही है, लेकिन कियावत के रिटायर होते ही सबकुछ तस का तस रह गया। अब कोई बात भी नहीं कर रहा है।

प्रदेश में करीब 45 हजार स्कूल

सिंह ने बताया कि प्रदेश में एमपी बोर्ड के करीब 45 हजार प्राइवेट स्कूल हैं। इनमें से कई स्कूल बंद हो चुके हैं, लेकिन कई स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। ऐसे में अगर सरकार आगे नहीं आती है, तो फिर इसमें पढ़ने वाले बच्चों के साथ गलत होगा। उनके भविष्य का सवाल है।

यह पांच मांगें

  • पहली से 12वीं तक की सभी क्लास नियमित खोली जाएं।
  • स्कूल का नवीनीकरण 2025 तक किया जाए।
  • आरटीई का रुका पैसा दिया जाए।
  • स्कूलों के ऋण, टैक्स और बिजली बिल आदि माफ किए जाएं।
  • सरकारी स्कूलों में बिना टीसी के एडमिशन न दिया जाए।
खबरें और भी हैं...