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थाने में शादी, पुलिसवाले पंडित, बाराती और घराती:शहडोल में जाति बनी दीवार तो पुलिस ने थाने के मंदिर में कराई प्रेमी जोड़े की शादी, सिपाही ने पंडित बनकर रीति-रिवाज निभाए

शहडोल2 महीने पहले

शहडोल में प्रेम के आड़े जाति आ गई। अपने ही पराए हो गए और प्रेम में दीवार बनकर खड़ हो गए तो पुलिस को सामने आना पड़ा। पुलिस ने प्रेमी जोड़े की शादी थाना परिसर में बने मंदिर में करा दी। सिपाही ने पंडित की भूमिका अदा की और रीति-रिवाजों से शादी कराई। पुलिस वाले बाराती और घराती बने।

लॉकडाउन में विवाह को लेकर जब बाराती और घरातियों की संख्या 25 से घटाकर 10 कर दी गई। कुछ जगहों पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया है। ऐसे में शहडोल जिले के गोहपारू थाना परिसर स्थित मंदिर में प्रेमी जाेड़े की शादी चर्चा में है। पुलिसकर्मियों ने नव दंपती की आर्थिक मदद भी की।

दरअसल गोहपारू थानाक्षेत्र के ग्राम सकरिया निवासी नानबाई गोड़ (22) और पैलवाह निवासी अनुज गुप्ता (24) एक दूसरे को पसंद करते थे। शादी करना चाहते थे। समस्या यह थी कि उनके रिश्ते को लेकर परिवार के लोग राजी नहीं थे। तभी 27 अप्रैल को नानबाई और अनुज घर से भाग गए। परिजनों ने इसकी सूचना गोहपारू थाने में दर्ज करवाई। पुलिस ने 30 अप्रैल को दोनों को शहडोल से पकड़ लिया।

थाने में युवक और युवती के परिजनों को बुलाया गया तो दोनों ही पक्ष के परिजनों ने इस रिश्ते को अपनाने से इनकार कर दिया। दोनों बालिग थे, इसलिए पुलिस ने ही दोनों की शादी विधि विधान से करवाने का फैसला लिया। गोहपारू पुलिस ने कोरोना कर्फ्यू को ध्यान रखते हुए परिसर स्थित मंदिर में शादी की तैयारी की। मंदिर में भगवान को साक्षी मानकर हिंदू रीति अनुसार शादी करवाई गई। थाने के आरक्षक रामानंद तिवारी ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर नानबाई और अनुज की शादी करवाई।

पुलिस ने आर्थिक मदद भी की
गोहपारू थाना प्रभारी ज्योति सिकरवार ने बताया कि शादी के बाद जीवन की गाड़ी पटरी पर लाने के लिए दोनों को आर्थिक मदद भी की गई। अनुज ने बताया कि उसने शहडोल में कमरा किराए पर लिया है। आगे कुछ काम धंधा शुरू करेगा।

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