तस्वीरों में देखिए, सर्द-सर्द सा MP:24 घंटे तक पूरे प्रदेश में ऐसा ही रहेगा मौसम, मावठे से फसल को राहत, लेकिन दिन ठंडे

मध्य प्रदेशएक वर्ष पहले

मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मावठ गिरा। कुछ जगह बादल हैं और बारिश के आसार भी हैं। सर्द हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है। सुबह कोहरे के आगोश में रही। दोपहर में धुंध है। अगले 24 घंटे तक पूरे प्रदेश में मौसम का यही हाल रहेगा। मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह के मुताबिक बुधवार को भी कुछ जगह गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। तस्वीरों में देखिए, मध्य प्रदेश में कोहरा, ओले और बारिश...

बड़वानी के गांवों में किसान मिर्च की फसल खेतों में सुखा रहे हैं। यहां धूप के साथ बादल भी हैं। ऐसे में मावठा गिरा तो किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकता है।
बड़वानी के गांवों में किसान मिर्च की फसल खेतों में सुखा रहे हैं। यहां धूप के साथ बादल भी हैं। ऐसे में मावठा गिरा तो किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकता है।
इंदौर में कोहरे का असर रात से सुबह तक रहा। दोपहर में भी हल्की धुंध है। मंगलवार को अधिकतम तापमान एकदम 8 डिग्री तक गिर गया और 18.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
इंदौर में कोहरे का असर रात से सुबह तक रहा। दोपहर में भी हल्की धुंध है। मंगलवार को अधिकतम तापमान एकदम 8 डिग्री तक गिर गया और 18.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
भोपाल के बुलेवर्ड स्ट्रीट पर रात का नजारा। राजधानी में मंगलवार को सुबह से शाम तक बादल छाए रहे। रात में भी बारिश हुई। ठंडी हवाओं ने शहर को कंपकंपा दिया।
भोपाल के बुलेवर्ड स्ट्रीट पर रात का नजारा। राजधानी में मंगलवार को सुबह से शाम तक बादल छाए रहे। रात में भी बारिश हुई। ठंडी हवाओं ने शहर को कंपकंपा दिया।
ग्वालियर में मोतीझील रोड। सीजन में पहली बार हुई मावठ से ग्वालियर-चंबल बेल्ट में मौसम ठंडा हो गया। मावठा की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद बताई जा रही है। अंचल में सबसे अधिक बारिश श्योपुर और दतिया में करीब 13-13 मिमी हुई।
ग्वालियर में मोतीझील रोड। सीजन में पहली बार हुई मावठ से ग्वालियर-चंबल बेल्ट में मौसम ठंडा हो गया। मावठा की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद बताई जा रही है। अंचल में सबसे अधिक बारिश श्योपुर और दतिया में करीब 13-13 मिमी हुई।
सागर यूनिवर्सिटी कोहरे के आगोश में। सागर में भी मंगलवार को साल का पहला मावठा गिरा। दिन के तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ गई। आज सुबह भी शहर धुंध से ढंका रहा।
सागर यूनिवर्सिटी कोहरे के आगोश में। सागर में भी मंगलवार को साल का पहला मावठा गिरा। दिन के तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ गई। आज सुबह भी शहर धुंध से ढंका रहा।
होशंगाबाद में मावठे से कंपकंपी तेज हो गई। अचानक हुई बारिश से होशंगाबाद कृषि मंडी में किसानों को धान से भरी ट्रॉलियां टीन शेड में खड़ी करनी पड़ी।
होशंगाबाद में मावठे से कंपकंपी तेज हो गई। अचानक हुई बारिश से होशंगाबाद कृषि मंडी में किसानों को धान से भरी ट्रॉलियां टीन शेड में खड़ी करनी पड़ी।
धार में बारिश से खेत खिल उठे। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जीएस गठिये ने बताया कि धुंध से फसलों को कोई विशेष नुकसान नहीं होगा। गेहूं और चने की फसल के लिए यह बारिश फायदेमंद है।
धार में बारिश से खेत खिल उठे। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जीएस गठिये ने बताया कि धुंध से फसलों को कोई विशेष नुकसान नहीं होगा। गेहूं और चने की फसल के लिए यह बारिश फायदेमंद है।
रतलाम में भी मौसम ने करवट बदली। ग्रामीण इलाकों में बारिश तो शहर में बूंदाबांदी हुई। बुधवार को भी ऐसा ही मौसम है। शहर में तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं।
रतलाम में भी मौसम ने करवट बदली। ग्रामीण इलाकों में बारिश तो शहर में बूंदाबांदी हुई। बुधवार को भी ऐसा ही मौसम है। शहर में तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं।
विदिशा में सुबह का नजारा। मावठा गिरने के बाद से शहर में ठंड बढ़ गई है। सुबह शहर कोहरे के आगोश में रहा। दोपहर में भी हल्की धुंध है।
विदिशा में सुबह का नजारा। मावठा गिरने के बाद से शहर में ठंड बढ़ गई है। सुबह शहर कोहरे के आगोश में रहा। दोपहर में भी हल्की धुंध है।
मंदसौर में मावठे की बारिश से उपज मंडी में किसानों का प्याज और लहसुन गीला हो गया। मौसम साफ होते ही पारे में और गिरावट आएगी।
मंदसौर में मावठे की बारिश से उपज मंडी में किसानों का प्याज और लहसुन गीला हो गया। मौसम साफ होते ही पारे में और गिरावट आएगी।
छिंदवाड़ा में मंगलवार को कुछ इस तरह बादल उमड़-घुमड़ आए। जिले के कई गांवों में चने तो कुछ जगह बेर के आकार के ओले भी गिरे। बुधवार को भी मौसम का यही मिजाज है।
छिंदवाड़ा में मंगलवार को कुछ इस तरह बादल उमड़-घुमड़ आए। जिले के कई गांवों में चने तो कुछ जगह बेर के आकार के ओले भी गिरे। बुधवार को भी मौसम का यही मिजाज है।
आगर-मालवा में भी मौसम का मिजाज बदल गया। ठंडी हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है। ठंड दूर भगाने के लिए लोगों ने अलाव जलाए।
आगर-मालवा में भी मौसम का मिजाज बदल गया। ठंडी हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है। ठंड दूर भगाने के लिए लोगों ने अलाव जलाए।
जबलपुर को भी मावठे ने भिगोया। दिन भर बादल रहे और बारिश रुक-रुक कर होती रही। बुधवार को भी मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है।
जबलपुर को भी मावठे ने भिगोया। दिन भर बादल रहे और बारिश रुक-रुक कर होती रही। बुधवार को भी मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है।
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