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MP में एक महीने में 700% बढ़े निकाह:काजी बोले- आने वाले कानून का डर, जिसमें लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल होने वाली है

मध्य प्रदेश5 महीने पहलेलेखक: रोहित श्रीवास्तव

देश में लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले की आहट के बीच निकाह की संख्या तेजी से बढ़ी है। मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर जैसे 10 शहरों में निकाह की संख्या 42% से 700% तक बढ़ी है। यह खुलासा अक्टूबर से दिसंबर के बीच मस्जिदों में हुए निकाह के आंकड़ों की पड़ताल में हुआ है। निकाह की संख्या में सबसे ज्यादा 700% की बढ़ोतरी रायसेन में हुई है।

निकाह के 10 गुना रजिस्ट्रेशन बढ़े
भोपाल की मसाजिद कमेटी के सचिव यासिर अराफात ने बताया कि दिसंबर के आखिरी सप्ताह में निकाह के करीब 1 हजार आवेदन आए हैं। इनमें से अधिकांश ने अगले कुछ दिनों में ही निकाह की तारीख दिए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि दिसंबर में भोपाल में करीब 950 निकाह हुए हैं। यह पहले हो रहे निकाह की औसत संख्या से ज्यादा है।

इसकी वजह लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल किए जाने के कानून आने की सुगबुगाहट है। इसके अलावा निकाह की संख्या बढ़ने की दूसरी बड़ी वजह कोविड की सख्त बंदिशें लागू होने की आशंका है।

निकाह कुछ साल बाद होना था, लेकिन दिसंबर में ही कर दिया
जिंसी निवासी रियाज कुरैशी की शादी माहविया के साथ होना तय हुआ था। निकाह कुछ साल बाद होना था, लेकिन लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल तय होने के कानून बनने की आहट के चलते परिजन ने पिछले महीने ही दोनों का निकाह करा दिया।

6 महीने पहले कर दी शादी
भोपाल के काजी कैंप इलाके में रहने वाले जावेद (परिवर्तित नाम) ने बेटी का रिश्ता रायसेन में तय कर दिया था। मई 2022 में निकाह होना था, लेकिन इसे बीते महीने ही करा दिया गया। इसके पीछे जावेद का तर्क ये है कि बेटी अभी 19 साल की है। उसका रिश्ता एक साल पहले तय कर दिया था। अगर लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल कर दी गई, तो बच्ची के निकाह के लिए दो साल और इंतजार करना पड़ता। इस कारण पिछले महीने भोपाल की ताजुल मसाजिद में बेटी का निकाह करा दिया।

परिजन, निकाह रजिस्ट्रेशन के लिए दस्तावेजों के साथ होते हैं पेश
निकाह के लिए कमेटी के सामने लड़का और लड़की के परिजन को दस्तावेजों के साथ पेश होना पड़ता है। दस्तावेजों की जांच के बाद काजी, संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार को निकाह के लिए पाबंद करते हैं। जो तय तारीख पर निकाह पढ़वाते हैं।

निकाह की तादाद बढ़ी है
सूफी इस्लामिक बोर्ड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाफिज मोहम्मद दानिश ने कहा कि PM नरेंद्र मोदी ने निकाह की जो ऐज फिक्स कर दी है, उसे देखते हुए काफी तादाद में निकाह हो रहे हैं। लॉकडाउन भी इसकी एक वजह है। भोपाल में तो निकाह पहले करना और बाद में विदाई करने का रिवाज शुरू से ही चलता आ रहा है।