• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • MP IAS Officer Lokesh Kumar Jangid Threatening Case; Bhopal Police Probe Begins

IAS जांगिड़ को धमकी मिलने का मामला:धमकी देने वाले ने सभी रिकॉर्ड मिटाए; 40 घंटे बाद भी आरोपी नहीं मिला, मंत्री विश्वास सारंग बोले- जांगिड़ का रिकाॅर्ड खराब

भोपालएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • DGP से निर्देश मिलने के बाद भोपाल पुलिस हरकत में आई

मध्यप्रदेश कैडर के IAS अफसर लोकेश कुमार जांगिड़ को फोन पर धमकी मिलने के मामले में 40 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ है। हालांकि, भोपाल पुलिस ने DGP से निर्देश मिलने के बाद कॉल के लिए उपयोग करने वाले ऐप की जानकारी के लिए सेंट्रल सर्विस को पत्र लिखा है। आरोपी ने कॉल करने के बाद ऐप को अन इंस्टॉल कर दिया था। इधर, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जांगिड़ ने यह नहीं बता पा रहे हैं कि धमकी किसने दी।

जांगिड़ को छुट्‌टी पर जाने को कहा था
फोन पर धमकाने वाले ने जांगिड़ को छह महीने की छुट्‌टी पर जाने को कहा था। उन्हें यह फोन गुरुवार रात करीब 12 बजे आया था। जांगिड़ ने इसकी शिकायत DGP से रात को ही वाॅट्सऐप और ई-मेल से की थी। हालांकि, अब तक इस मामले में पुलिस को सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस ने आरोपी का पता लगाने के लिए सेंट्रल सर्विस ऐप से मदद मांगी गई है। आरोपी ने धमकी देने के बाद कॉल करने वाले एप को अन इंस्टॉल कर दिया। इस कारण उसकी जानकारी सीधे नहीं मिल पा रही है।

जांगिड़ ने ये शिकायत की थी

जांगिड़ ने शिकायत करते हुए बताया था कि फोन करने वाले ने कहा कि तू जानता नहीं है कि तूने किससे पंगा लिया है। अगर तेरे को जान प्यारी है, तो मीडिया से बात करना और लिखना बंद कर दो। तू अपने बच्चे की भी खूब फोटो डालता है। कल से छह महीने की छुट्‌टी पर चले जाओ।

इसलिए आरोपी को पकड़ना मुश्किल
सिग्नल एक सुरक्षित मैसेजिंग ऐप बताया जाता है। यह काफी हद तक वॉट्सऐप की तरह ही है। यह न सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप है बल्कि एक प्रोटोकॉल भी है। आप इसमें वाइस और वीडियो कॉल कर सकते हैं। इससे किसी दूसरे सिग्नल ऐप यूजर को मैसेज भेज सकते हैं। चैट कर सकते हैं और ग्रुप भी बना सकते हैं। इसकी खासियत यह है कि यूजर का डाटा क्लाउड सर्वर में स्टोर नहीं होता है। वह आपके फोन में ही सेव रहता है। इस कारण से पुलिस को आरोपी का पता लगाने में मुश्किल आ रही है। आरोपी ने कॉल करने के बाद ऐप अन इंस्टॉल कर दिया। ऐसे में उसकी कोई भी जानकारी अब नहीं है। यह आरोपी के फोन को जब्त करने के बाद ही प्राप्त की जा सकती है।

मंत्री बोले- जांगिड़ ने हमेशा अनुशासनहीनता की है
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने इस मामले पर कहा कि जांगिड़ ने हमेशा अनुशासनहीनता की है। IAS एसोसिएशन ने भी इस बात की निंदा की है। हर बात को रखने का एक उचित प्लेटफार्म होता है। अब वह यह नहीं बता पा रहे हैं कि धमकी किसने दी। IAS जैसे ओहदे पर यह बेहद शर्मनाक है। जांगिड़ का ट्रैक रिकॉर्ड खराब है।

IAS लोकेश जांगिड़ को फोन पर धमकी:कहा- 6 महीने की छुट्‌टी पर चले जाओ नहीं तो अच्छा नहीं होगा; DGP से शिकायत करने के 12 घंटे बाद भी सुरक्षा नहीं मिली

यह है पूरा मामला
मध्यप्रदेश कैडर के IAS अफसर लोकेश कुमार जांगिड़ की फील्ड पोस्टिंग के अभी साढ़े 4 साल हुए हैं। लेकिन उनके 8 बार ट्रांसफर हो चुके हैं। यानी औसतन हर 6 माह में उन्हें हटाया गया। 42 दिन पहले राज्य शिक्षा केंद्र के अपर संचालक से बड़वानी अपर कलेक्टर बनाया गया था। लेकिन पिछले सप्ताह उन्हें वापस राज्य शिक्षा केंद्र भेज दिया गया है।

IAS लोकेश बने MP के 'खेमका':साढ़े 4 साल में 8 ट्रांसफर; ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदी में भ्रष्टाचार उजागर करने के बाद बड़वानी से हटाया, केंद्र से 3 साल के लिए महाराष्ट्र में डेपुटेशन मांगा

खबरें और भी हैं...