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जल संकट में खंडवा:इंदिरा सागर जलाशय का बैक वाटर गिरा तो नर्मदा जल योजना बंद, 20 फीसदी हिस्से में सुक्ता डेम से मिल रहा मटमैला पानी; 2 लाख की आबादी टैंकरों पर निर्भर

खंडवा2 महीने पहले
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इंदिरा सागर जलाशय में बैक वाटर गिरने से खंडवा शहर में जल संकट खड़ा हो गया है। निजीकरण वाली नर्मदा जल योजना बंद होने से 5 दिन से शहर में जल संकट है। लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। 2 लाख की आबादी वाला शहर टैंकरों पर निर्भर हो गया है। निगम प्रशासन जिस सुक्ता डेम को विकल्प बता रहा है, उससे सिर्फ 20 फीसदी हिस्से में ही पानी की सप्लाई हो रही है। यहां तक की नलों में मटमैला पानी आ रहा है।

शहर के 80 फीसदी क्षेत्र यानी सिंघाड़ तलाई, खानशाह वली, सिंधी कॉलोनी, राम कॉलोनी, आनंद नगर, भगत सिंह वार्ड, संत रैदास वार्ड, आनंद नगर, पदम कुंड वार्ड, सरोजनी नायडू वार्ड, भैरव तालाब, अंबेडकर वार्ड, गणेश तलाई इन इलाकों में लोगों को निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। 5 हजार लीटर वाले टैंकर के बदले 1200 से 1500 रुपए चुकानें पड़ रहे हैं। इधर, निगम अफसर दावा कर रहे हैं कि जल संकट से उबरने के लिए जी-जान से मेहनत कर रहे हैं। वार्डों में सरकारी टैंकरों से सप्लाई जारी है।

नर्मदा जल योजना:20 फीट पानी में पत्थर डालकर बनाया सात फीट का रास्ता 8 फीट और काम होने पर तीसरे पोट से शहर को मिलेगा पानी

- पहली बार जलाशय के तीसरे पोट से पानी लेने की जरूरत पड़ी

नर्मदा जल योजना अंतर्गत इंदिरा सागर जलाशय में चारखेड़ा स्थित फिल्टर प्लांट बनाया है। जहां से शहर में पानी की सप्लाई होती है। पेयजल सप्लाई का जिम्मा निजी सेक्टर की विश्वा कंपनी को दिया गया है। अब तक यहां दो पोट से पानी लिया जा रहा था। लेकिन जलस्तर गिरने से अब तीसरे पोट पर पहुंचने के लिए खुदाई की जा रही है। निगम कमिश्नर का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है। समुद्र सतह से 241 मीटर की ऊंचाई पर लगे तीसरे पोट तक पहुंचने के लिए दो बड़ी भुजा वाली पोकलेन मशीन और 25 से अधिक लोगों की टीम लगी हुई है। जल्द सफलता मिलेगी और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त होगी।

- नागचून का पानी लेने से मटमैला आ रहा

शहर में पेयजल समस्या दुरुस्त करने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। सुक्ता डेम का पानी मटमैला आने का कारण नागचून तालाब का पानी मिलना है। पीने के पानी के लिए टैंकरों से सप्लाई जारी है। एक-दो दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएगी।

- हिमांशु भट्ट, निगम कमिश्नर खंडवा

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