• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Prohibition On Declaration Of Results Of MP Panchayat Elections; Will Be Kept Safe, Will Be Issued Simultaneously

MP पंचायत चुनाव का रिजल्ट रोका:चुनाव प्रक्रिया जारी रहेगी, OBC सीटों सहित सभी के नतीजे एक साथ होंगे घोषित; सरकार की SC में पुनर्विचार याचिका

भोपाल9 महीने पहले

राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कहा है कि मध्यप्रदेश में चल रहे पंचायत चुनाव के परिणाम घोषित नहीं होंगे। प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब सवाल है कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया के बीच इस तरह का आदेश क्यों आया? आयोग ने यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में दिए हैं। इससे पहले आयोग अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित पदों की चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा चुका है। कहा गया है कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चलती रहेगी, लेकिन निर्विरोध चुने जाने के बाद भी न तो प्रमाण पत्र मिलेगा और न ही विजेता की घोषणा की जाएगी। वहीं, राज्यसभा सांसद एवं कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने बताया कि सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट (SC) में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी गई है। इसकी प्रति उन्हें बुधवार को देर शाम मिल गई है। तन्खा ने बताया कि इस याचिका में कांग्रेस भी शामिल है।

स्थानीय निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण मामले में दिए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ओबीसी के लिए रिजर्व सीट को सामान्य घोषित किया जाए। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि पंचायत चुनाव के परिणाम एक साथ घोषित किए जाएं। कई पंचायतों में निर्विरोध चुनाव होने लगे थे। यही नहीं, पंच-सरपंच भी चुने जाने लगे, चूंकि कोर्ट का आदेश है कि सभी परिणाम एक साथ घोषित किए जाएं, इसलिए आयोग को इस तरह का आदेश निकालने की जरूरत पड़ी।

आदेश के व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश इस आदेश के तहत किसी भी पद पर निर्विरोध चुने जाने पर रिटर्निंग ऑफिसर अभ्यर्थी को न ही निर्वाचित घोषित करेगा और न ही निर्वाचन का प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए गए हैं।

निर्वाचन प्रक्रिया चलती रहेगी
राज्य निर्वाचन आयोग के नए आदेश के तहत पंच, सरपंच, जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया चलती रहेगी। सिर्फ उनके परिणाम घोषित नहीं किए जाएंगे।

पंचायत के पहले चरण के लिए मतदान 6 जनवरी और दूसरे चरण के लिए 28 जनवरी को होगा। मतगणना भी तय तारीख को होगी, लेकिन परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति में भी निर्वाचित अभ्यर्थी के निर्वाचन की न तो घोषणा की जाएगी और न ही प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

आयोग ने कहा है कि पंचायत के सभी पदों के लिए मतगणना का सारणीकरण (टेब्युलेशन) और निर्वाचन परिणाम की घोषणा से जुड़ी कार्यवाही स्थगित रहेगी। इस संबंध में आयोग अलग से निर्देश जारी करेगा। पहले चरण में पंच और सरपंच के लिए 6 जनवरी को मतदान के बाद मतगणना होगी।

राज्य निर्वाचन आयोग का आदेश।
राज्य निर्वाचन आयोग का आदेश।

जनपद व जिला पंचायत सदस्य के लिए EVM से होगी मतों की गणना
जनपद और जिला पंचायत सदस्य के लिए विकासखंड मुख्यालय पर 10 जनवरी को EVM (इलेक्ट्राॅनिक वोटिंग मशीन) से मतों की गणना की जाएगी। इसी तरह दूसरे चरण में पंच और सरपंच पद के लिए 28 जनवरी और जनपद व जिला पंचायत सदस्य के लिए एक फरवरी को विकासखंड मुख्यालय पर EVM से मतगणना होगी।

मतगणना का रिकाॅर्ड सील बंद रखा जाएगा
मतगणना से संबंधित सभी दस्तावेज अभ्यर्थी या उनके अभिकर्ताओं की उपस्थिति में सील बंद करके सुरक्षित अभिरक्षा में रखे जाएंगे।

सरकार स्थिति स्पष्ट करे: कमलनाथ

आयोग के इस आदेश पर नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने कहा कि मतदान और मतगणना कराई जा रही है पर परिणाम घोषित नहीं होंगे। ओबीसी के लिए आरक्षित पदों के लिए चुनाव नहीं होंगे। नए-नए आदेशों से पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता का माहौल बढ़ता जा रहा है। सरकार आखिर स्पष्ट क्यों नहीं कर रही है कि वह चाहती क्या है। सरकार को पंचायत चुनाव के मामले में स्थिति स्पष्ट करना चाहिए।

खबरें और भी हैं...