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  • Recruitment Was To Be Done After The Second Wave, The File Is Stuck For Four Months, The Reality Revealed In Shivraj's Meeting

एक्सपर्ट डॉक्टर्स के बिना कोरोना से जंग:दूसरी लहर के बाद होनी थी भर्ती, चार महीने से अटकी है फाइल, CM शिवराज की बैठक में सामने आया सच

मध्यप्रदेश19 दिन पहले

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के कारण प्रदेश संकट के मुहाने पर है। तीसरी लहर प्रदेश में शुरू हो चुकी है। इसके बाद भी प्रदेश के शासकीय अस्पतालों को विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी आगे भी झेलनी पड़ सकती है। गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा की गई। बैठक में विभागीय मंत्री प्रभुराम चौधरी ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती जल्द की जानी है, लेकिन इसके लिए फाइल बीते चार महीने से चल रही है।

हालांकि मंत्री ने कहा कि जल्द भर्ती करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए नया प्रस्ताव लाया जा रहा है। जल्द ही सभी जिला अस्पतालों को एक्सपर्ट डॉक्टर्स मिल सकेंगे। वहीं, शिवराज ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। डॉक्टर्स की नियुक्ति जल्द होनी चाहिए।

मध्यप्रदेश में करीब 4 हजार मेडिकल ऑफिसर व विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। मुख्यमंत्री शिवराज ने सभी जिलों के अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थाओं को सुविधा संपन्न बनाने के निर्देश दिए हैं। शिवराज ने कहा कि हेल्थ एंड वेलनेस केयर सेंटर्स में 63 प्रकार की जांच उपलब्ध हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में मरीजों को प्राइवेट सेंटर्स पर जांच करानी पड़ रही हैं। इसलिए आमजन को इस बारे में जानकारी पहुंचाई जाए। जिससे उन्हें प्राइवेट अस्पतालों न जाना पड़े। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, स्वास्थ्य आयुक्त सुदाम खाड़े, एमडी एनएचएम प्रियंका दास सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।