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मध्य प्रदेश:गुजरात से यूपी जा रहे मजदूर की ट्रक में तबीयत बिगड़ी, इलाज के दौरान मौत, मुस्लिम दोस्त ने आखिरी समय तक नहीं छोड़ा साथ

शिवपुरी, (नरेंद्र शर्मा)2 वर्ष पहले
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अमृत का सिर गोदी में लिए हाईवे किनारे बैठा मोहम्मद कयूब। - Dainik Bhaskar
अमृत का सिर गोदी में लिए हाईवे किनारे बैठा मोहम्मद कयूब।
  • मजदूर युवक की हालत अचानक बिगड़ गई थी, ट्रक में बैठीं दूसरी सवारियों ने विरोध कर युवक को सड़क किनारे उतरवा दिया और ट्रक आगे चला गया
  • मजदूर अमृत के दोस्त कयूब ने आखिरी समय तक नहीं छोड़ा साथ, दोस्त का सिर गोदी मे रख रोता रहा, लोगों ने अस्पताल पहुंचाया

जिला अस्पताल में मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई है। युवक को शनिवार शाम बेहोशी में उसका मुस्लिम दोस्त अस्पताल लेकर पहुंचा था। युवक की गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था। मजदूर अमृत (24) पुत्र रामचरण सूरत गुजरात से उत्तरप्रदेश के बस्ती जिले के गांव बंदी बलास जा रहा था। अस्पताल की जानकारी के बाद पुलिस ने युवक के परिजनों को सूचित कर दिया है। कोरोनावायरस के सैंपल लेने के बाद शव को शवगृह में रखवा दिया गया है।

शुक्रवार देर शाम गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला जाने के लिए ट्रक से लौट रहे मजदूर युवक की हालत अचानक बिगड़ गई थी। ट्रक में बैठीं दूसरी सवारियों ने विरोध कर युवक को सड़क किनारे उतरवा दिया। लेकिन अमृत के दोस्त मोहम्मद कयूब ने उसका साथ नहीं छोड़ा और वो भी रास्त में ही उतर गया। कयूब अमृत का सिर गोदी में रख सड़क किनारे बैठ गया और लोगों से मदद की गुहार लगाने लगा। हाईवे से गुजर रहे लोगों ने उसको रोता देख एम्बुलेंस बुलाई और दोनों को अस्पताल भेजा। गंभीर हालत के चलते युवक को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा है। 

मुस्लिम दोस्त ने आखिरी समय तक नहीं छोड़ा साथ

अमृत कुमार के साथ जिला अस्पताल में मौजूद मोहम्मद कयूब (23) पुत्र मोहम्मद युनुस ने बताया कि हम दोनों गुजरात के सूरत स्थित फैक्ट्री में मशीन से कपड़ा बुनने का काम करते थे। लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री बंद हो गई। सूरत से ट्रक में 4-4 हजार रुपए किराया देकर नाशिक, इंदौर होते हुए कानपुर लौट रहे थे। सफर के दौरान अचानक हालत बिगड़ गई। अमृत को तेज बुखार आया और उल्टी जैसी स्थित बनने लगी। हालांकि उल्टियां नहीं हुईं। ट्रक में बैठे 55-60 लोग विरोध करने लगे और अमृत को उतारने की जिद करने लगे। अमृत का ख्याल रखने के लिए मैं भी उतर गया।

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