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शिवराज कैबिनेट की बैठक में अहम फैसले:स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई का फैसला मंत्री समूह करेंगे, बच्चों की सुरक्षा के लिए पेरेंट्स को देंगे ट्रेनिंग; पहली बार मुख्य सचिव को बैठक से दूर रखा

मध्य प्रदेशएक वर्ष पहले
बैठक शुरू होने से पहले कैबिनेट ने कोरोना के शिकार हुए लोगों को दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

शिवराज कैबिनेट की बैठक सोमवार को सीहोर के निजी रिसॉर्ट में हुई। करीब 7 घंटे चली बैठक में स्कूल-कॉलेज बंद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई के अन्य तरीकों पर विचार किया गया। इस दौरान मंत्रियों ने कई सुझाव दिए। एक मंत्री ने कहा कि गांवों में संक्रमण कम है। ऐसे में यहां स्कूल खाेले जा सकते हैं। अन्य मंत्री ने कहा- अगले दो माह तक ऑनलाइन क्लास चलने की अनुमति स्कूलों को देना चाहिए। इसे लेकर निर्णय हुआ, मंत्रियों के सुझाव कैबिनेट सब कमेटी को भेजे जाएंगे।

यह कमेटी ही स्कूलों के अलावा कॉलेजों को खोलने को लेकर सरकार को रिपोर्ट देगी। इसके आधार फैसला लिया जाएगा। यह पहला मौका है, जब मुख्य सचिव इकबालसिंह बैंस को इस तरह की बैठक से दूर रखा गया हो, जबकि मुख्यमंत्री सचिवालय के अफसर बैठक में मौजूद रहे। हालांकि विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों को भी बैठक से दूर ही रखा गया। इससे पहले मंत्रालय के बाहर 5 जनवरी को कैबिनेट की बैठक कोलार डैम के गेस्ट हाउस में हुई थी। उसमें मुख्य सचिव समेत आला अफसर मौजूद थे।

बैठक के बारे में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया, मंत्रियों के सुझाव पर विचार करने के अलावा आम लोगों से भी फीडबैक लिया जा रहा है। इसके लिए अंतिम तारीख 30 जून तय की गई है। स्पष्ट है कि स्कूल-कॉलेजों को खोलने का निर्णय अगले माह के पहले सप्ताह में लिया जा सकता है।

इस दौरान अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मंथन भी किया गया। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने और विभागों की गतिविधियों को बढ़ावा देने के मुद्दे पर विमर्श किया गया। बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा, छह महीने बाद बैठक हो रही है।

लंच के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व अन्य।
लंच के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व अन्य।

तीसरी लहर से पहले बच्चों के पेरेंट्स को देंगे ट्रेनिंग
बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को खतरा ज्यादा है। इसे ध्यान में रखकर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल स्टाफ के अलावा बच्चों के पेरेंट्स को भी ट्रेनिंग दी जाएगी।

मास्क लगाना व सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। इसे जनआंदोलन बनाया जाएगा। इसके लिए क्राइसिस मैनजमेंट ग्रुप अस्तित्व में रहेगा। किल कोरोना अभियान भी निरंतर रहेगा। कोविड केयर सेंटर कुछ जगह चालू रहेंगे। टेस्टिंग भी जारी रहेगी।

350 सीएम राइज स्कूल खुलेंगे

स्कूल शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने बताया कि प्रदेश में करीब एक हजार सीएम राइज स्कूल शुरू किए जाएंगे। अगामी शिक्षा सत्र में 350 स्कूलों का चयन किया गया है। इसमें ट्राइबल व सामान्य व जिला, ब्लाॅक का विभाजन किया है। नगर निगम क्षेत्र है, तो जहां स्कूल नहीं है, उसको भी शामिल किया जा रहा है। इन स्कूलों के निर्माण में 40 करोड़ लागत आएगी।

राेजगार अधिकारियों की वर्कशॉप होगी
यशोधरा राजे सिंधिया ने बताया, सरकार राेजगार पर फोकस करेगी। तय किया गया, प्रदेश के रोजगार कार्यालय तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन काम कर रहे हैं। अब जिलों के रोजगार अधिकारियों की वर्कशॉप कर ट्रेनिंग दी जाएगी। स्व सहायता समूहों को रोजगार को तकनीकी तौर पर ट्रेंड किया जाएगा। उन्हें प्लंबर, फिटर जैसे कामों की ट्रेनिंग दी जाएगी। बड़े उद्योगों के लिए स्किल डेपलपमेंट सेंटर खोले जाएंगे।

मेडिकल एजुकेशन कोर्स शुरू कर सकेंगे निजी विश्वविद्यालय
उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. मोहन यादव ने बताया कि आत्मनिर्भर बनाने के लिए 50 से ज्यादा काॅलेजों का भवन निर्माण कराया जाएगा। राेजगार मूलक कोर्स शुरू किए जाएंगे। विश्वविद्यालयों को यह स्वायत्तता दी जाएगी कि वह मेडिकल एजुकेशन व रोजगार परक कोर्स शुरू करें। कोरोना मुक्ति अभियान में कॉलेजों के स्टूडेंट शामिल होंगे।

किसानों को 16 हजार करोड़ की सब्सिडी दे रही सरकार
ऊर्जा मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर ने बताया कि सरकार बिजली उपलब्ध कराने के लिए 16 हजार करोड़ की सब्सिडी किसानों को, 5 हजार करोड़ की सब्सिडी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दी जा रही है। प्रदेश में 1 करोड़ 15 लाख में 95 लाख को 100 रुपए में बिजली उपलब्ध करा रही है। हर उपभोक्ता पर 400 रुपए तक की बिलों में छूट मिल रही है।

मंत्रियों के सुझाव
गोपाल भार्गव, पीडब्ल्यूडी मंत्री - डॉक्टर्स को ट्रेनिंग देनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रो में प्रमुख दवाइयों और अन्य प्राथमिक आवश्यकताओं के लिए जागरूक करना चाहिए।
जगदीश देवड़ा, वित्त मंत्री- गांव के लोगों के मन से वैक्सीनेशन का डर हटाना जरूरी है। इसके लिए प्रदेश व्यापी अभियान चलाने की जरूरत है।
तुलसी सिलावट, जल संसाधन मंत्री - ऑक्सीजन प्लांट, बेड, मेडिसिन और डॉक्टर्स की संख्या को बढ़ाया जाए।
प्रद्युम्न सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री -योजनाओं का नीचे तक क्रियान्वयन और उनकी समीक्षा होना चाहिए। जो बच्चे कोरोना के कारण अनाथ हो गए, उन तक योजनाओं का लाभ पहुुंचाने के लिए निगरानी तंत्र मजबूत बने।
कमल पटेल, कृषि मंत्री - किल कोरोना अभियान सार्थक रहा, हमें इसे सतत जारी रखना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे लोगों की मदद लेनी चाहिए।
इंदर सिंह परमार, स्कूल शिक्षा मंत्री -ग्रामीण क्षेत्रो में रोगी कल्याण समितियों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हों।
मीना सिंह, आदिवासी कल्याण मंत्री -ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीन लगवाने के लिए कई बार दूर जाना पड़ता हैं। वैक्सीन के लिए गांव में ही व्यवस्था की जाए, जिससे सभी ग्रामीणों को समय पर टीका लग सके।

कांग्रेस का सवाल- 800 करोड़ का नया मंत्रालय भवन किसके लिए?
बैठक को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। प्रदेश मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि सरकार ने मंत्रालय की नई एनेक्सी बिल्डिंग पर 800 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। जिसमें मीटिंग रूम हाइटेक बनाया गया है। सुरक्षा के सभी इंतजाम हैं। बावजूद मुख्यमंत्री ने निजी रिसाेर्ट में बैठक बुलाई है। सलूजा ने आरोप लगाया कि सरकार काेरोनाकाल में लोगों को राहत देने के बजाय सरकारी धन का दुुरुपयोग कर रही है।

नियमित बैठक मंगलवार को मंत्रालय में होगी
कैबिनेट की नियमित बैठक मंगलवार को मंत्रालय में होगी। इसमें शासकीय सेवकों के लिए लागू विशेष त्योहार अग्रिम योजना, शहरी पथ विक्रेताओं को 60 करोड़ रुपए की राशि देने के निर्णय का अनुसमर्थन, दिसंबर 2020 से लागू बिजली की दरों के लिए शासन के अनुदान सहित अन्य मुद्दों पर विचार किया जाएगा।

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