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'शराब नीति' पर बैकफुट पर सरकार:लाइसेंस फीस 5% बढ़ाकर 10 माह के लिए ठेके देने का प्रस्ताव फिलहाल टाला; गृह मंत्री बोले- कम है वृद्धि, शराब से खूब कमाते हैं कारोबारी

मध्य प्रदेशएक वर्ष पहले
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  • पेंशन योजना में 4% अंशदान बढ़ाने के प्रस्ताव काे मंजूरी
  • 2005 के बाद भर्ती हुए 4 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा

प्रदेश में शराब बिक्री के लिए नई नीति काे लेकर सरकार फिलहाल बैकफुट पर दिखाई दे रही है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के शेष 10 महीनों के लिए लाइसेंस फीस 5% बढ़ाने के आबकारी विभाग के प्रस्ताव को शिवराज कैबिनेट ने फिलहाल डिफर (अगली या उसके बाद होने वाली बैठक तक के लिए) यानी टाल दिया है। बैठक में जब इस प्रस्ताव चर्चा शुरू हुई, तो गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि शराब से कारोबारी बहुत कमाई करते हैं। अगले 10 माह के लिए लाइसेंस फीस सिर्फ 5% पर ठेका देना उचित नहीं है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए।

मंत्रालय सूत्रों ने बताया, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने नरोत्तम मिश्रा का समर्थन किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव पर अगली बैठक में चर्चा की जाएगी। बता दें कि प्रदेश में शराब की नई नीति 1 अप्रैल से लागू होना थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते वर्तमान ठेकेदारों को लाइसेंस फीस में 5% की वृद्धि कर इसे 31 मई तक के लिए लागू किया गया था।

विभाग के एक अफसर ने बताया कि चूंकि प्रदेश में कोरोना महामारी के चलते शराब की दुकानें 10 अप्रैल से बंद हैं। अभी जल्दी खुलने की संभावना भी कम है। ऐसे में मौजूदा हालातों और कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए नई नीति लागू करने के बजाय वर्तमान लाइसेंस फीस में 5% की वृद्धि करने का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए कैबिनेट में भेजा गया।

पेशन योजना में 4% अंशदान बढ़ाने का प्रस्ताव स्वीकृत
शिवराज सरकार 2005 के बाद भर्ती अधिकारियों-कर्मचारियों की पेंशन में सरकार द्वारा अपना अंशदान 4% बढ़ाए जाने का प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजृूरी दे दी है। बता दें कि अभी राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत कर्मचारी और सरकार 10-10% अंशदान जमा करते हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के दौरान राष्ट्रीय पेंशन योजना में 4% अंशदान बढ़ाने की सैद्धांतिक सहमति दे दी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली थी।

सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2005 के बाद भर्ती अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू है। इसके तहत जितना अंशदान कर्मचारी जमा करते हैं, उतनी ही राशि राज्य व केंद्र सरकार भी मिलाती है। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक अप्रैल 2019 से अंशदान 10 से बढ़ाकर 14% कर दिया है। राज्य सरकार ने 20 मार्च 2020 से यह प्रावधान मध्य प्रदेश में कार्यरत अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के लिए लागू कर दिया है, लेकिन इसका लाभ प्रदेश के कर्मचारियों को नहीं दिया गया।

अब प्रदेश में एक मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा याेजना
शिवराज कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में अब एक मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा योजना संचालित की जाएगी। अभी तक विभाग अपने स्तर पर आदेश जारी कर याेजना को लागू कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब विभाग इसके आदेश जारी नहीं करेंगे, बल्कि सामान्य प्रशासन विभाग समग्र नीति का प्रस्ताव तैयार करेगा।

ब्लैक फंगस के लिए राज्य स्तरीय कमेटी बनेगी
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के मुताबिक बैठक में ब्लैक फंगस के मरीज मिलने को लेकर भी कैबिनेट बैठक में चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इसके लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और बेड की व्यवस्थाओं की तैयारी काे लेकर भी चर्चा की गई।

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