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  • Sindh 9 And Chambal River 5 Meters Above The Danger Mark; 15 Villages Still Surrounded By Water, There Is A Possibility Of Heavy Rain In Sheopur, Guna, Ashok Nagar, Vidisha And Rajgarh

MP में 25 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद:सिंध 9 और चंबल नदी 5 मीटर खतरे के निशान से ऊपर; 15 गांव अब भी पानी से घिरे, श्योपुर, गुना में अत्यधिक बारिश का अनुमान

मध्य प्रदेश3 महीने पहले

चंबल-ग्वालियर क्षेत्र में आई बाढ़ से 25 हजार हेक्टेयर से ज्यादा फसल चौपट हो गई है। 25 हजार से ज्यादा मकान गिर गए हैं। नुकसान का यह प्रारंभिक आंकलन है। अब भी 15 गांव पानी से घिरे हैं, जबकि 276 गांव में पानी उतर गया है। गुरुवार देर शाम की स्थिति में खतरे के निशान से सिंध नदी (मैदाघाट) 9 मीटर ऊपर और चंबल नदी (उदयमाड़-भिंड) 5 मीटर ऊपर बह रही है। सरकार ने अलर्ट किया है कि श्योपुर, गुना, अशोक नगर, विदिशा व राजगढ़ में अत्याधिक बारिश का अनुमान है।

बाढ़ प्रभावित जिलों में बांधों का जल स्तर फिलहाल स्थिर हो गया है। कोटा बैराज का फुल रिजरवायर लेवल 260 मीटर है, जबकि गुरुवार रात तक लेवल 259 मीटर था। यहां से 375 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। काली घाट (चंबल) का फुल रिजरवायर 199 मीटर है, जबकि कल शाम तक यह 194 मीटर रहा। इसी तरह मकसूदन गढ़ (पार्वती) फुल रिजरवायर लेवल 409 मीटर है। कल देर शाम तक लेवर 405 मीटर रहा।

शिवपुरी। बैराड़ के ऐचवाड़ा गांव में घर तबाह होने के बाद सामान ढूंढता युवक।
शिवपुरी। बैराड़ के ऐचवाड़ा गांव में घर तबाह होने के बाद सामान ढूंढता युवक।

6,918 लोगों का रेस्क्यू
बाढ़ की चपेट में आए भिंड, मुरैना, दतिया, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर व श्योपुर से अब तक 6,918 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। इसमें सबसे ज्यादा मुरैना में 2 हजार 338 लोगों को एयर फोर्स, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ ने बचाया है। अब तक कुल 27 हजार 830 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

केंद्रीय टीम तुरंत भेजने का अनुरोध
राज्य शासन ने बाढ़ से हुए नुकसान के मूल्यांकन के लिए केंद्र सरकार से तुरंत अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही राजस्व विभाग कुल नुकसान का आंकलन करने के लिए मैदानी सर्वे कर आंकड़े भी जुटा रहा है। विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय (आपदा प्रबंधन विभाग) को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि केंद्रीय टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान के मूल्यांकन से प्रदेश को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के तहत जल्दी से जल्दी अतिरिक्त सहायता दी जाए।

6 नदियों में पानी खतरनाक स्तर पर पहुंचा
पत्र में जानकारी दी गई है कि ग्वालियर और चंबल संभाग में बहुत ही कम समय में हुई मूसलधार बारिश ने बड़े पैमाने पर क्षति पहुंचाई है। भारी बारिश के कारण चंबल, सिंध, पार्वती, कूनो, सीप और क्वारी का पानी भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। बाढ़ के कारण श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड जिले की बहुत सी बस्तियों और गांवों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

राज्य आपदा कोष में 1364 करोड़
केंद्र सरकार को भेजे पत्र में कहा गया है कि राज्य आपदा राहत कोष से इस साल एक अप्रैल से 5 अगस्त बीच 576 करोड़ रुपए व्यय किए जा चुके हैं। अब इस कोष में 1364 करोड़ रुपए शेष है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए यह राशि बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए अपर्याप्त है, इसलिए केंद्र इस मद से ज्यादा से ज्यादा फंड उपलब्ध कराए।

शिवराज ने अमित शाह से फिर बात की
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार देर शाम गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर बाढ़ बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की और टीम भेजने का अनुरोध किया। उन्होंने जानकारी दी कि अशोकनगर जिले में बाढ़ में लगभग 50 लोग फंसे हैं, लेकिन तेज बारिश के कारण वायुसेना का हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहा है। इसके बाद अशोकनगर में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ की दो टीमें भेजने के आदेश जारी किए गए हैं।

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