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MP में व्यापमं घोटाला! पार्ट-3:अपात्र कंपनी 'एडुक्विटी' को दिया शिक्षक भर्ती पात्रता एग्जाम का जिम्मा; उसने कमीशन पर राजस्थान के साईं एजुकेयर को दिया ठेका

भोपाल6 महीने पहलेलेखक: योगेश पांडे/रोहित श्रीवास्तव

MP-TET के पेपर का स्क्रीन शॉट वायरल होने के मामले में बवाल मचा हुआ है। दो दिन पहले शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-3 के पर्चे सोशल मीडिया पर वायरल हुए। सवाल उठे कि जब इतनी गोपनीयता और सख्त चेकिंग थी, तो ऐसा कैसे हुआ? किसी ने इसे व्यापमं-3 कहा, तो किसी ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। मुख्यमंत्री सचिवालय के उपसचिव लक्ष्मण सिंह पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा और व्हिसिल ब्लोअर आनंद राय के खिलाफ FIR भी हो गई।

भास्कर ने पड़ताल की कि आखिर पर्चा बाहर कैसे आया? इसका सीधा जवाब तो नहीं मिला, लेकिन ये जरूर पता चला कि जिस एडुक्विटी कंपनी को एग्जाम कराने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है, उसने कमीशन लेकर साईं एजुकेयर को अपना काम दे दिया। यानी हमारे 9.36 लाख नौजवानों के भविष्य पर कमीशन का धंधा चल रहा है। इतना ही नहीं, जिस कंपनी को एग्जाम का कांट्रैक्ट मिला है, उसे तो केंद्र सरकार ने इस काम के योग्य भी नहीं माना है। फर्जीवाड़े के लिए बदनाम व्यापमं/पीईबी से जुड़े इस मामले में आप यहां अपनी राय दे सकते हैं...

वर्क ऑर्डर में रखी गई शर्तों को किया दरकिनार
बेंगलुरू की कंपनी एडुक्विटी को PEB ने ऑनलाइन परीक्षा कराने का काम सशर्त सौंपा है। पीईबी ने एजेंसी को परीक्षा के लिए एग्जाम सेंटर से बुकिंग लेकर परीक्षा कराने तक का काम खुद ही करने की शर्त रखी है, लेकिन एडुक्विटी ने वर्क ऑर्डर की शर्तों को दरकिनार कर काम राजस्थान के जयपुर से संचालित साईं एजुकेयर को दे दिया। अब परीक्षाओं के लिए एग्जाम सेंटर बुक करने से लेकर परीक्षा कराने तक का काम साईं एजुकेयर कर रही है। दोनों कंपनियां बीते पांच महीने से लगातार काम कर रही हैं। इसके बावजूद PEB चेयरमैन और परीक्षा नियंत्रक ने मामले में एग्जाम सेंटर बुकिंग और एग्जाम प्रोसेस की जांच नहीं कराई है।

एग्रीमेंट।
एग्रीमेंट।

केंद्र सरकार ने एडुक्विटी को अपात्र बताया
मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट के डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग (डीजीटी) ने एडुक्विटी कॅरियर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड बेंगलुरू को ऑनलाइन एग्जाम के लिए अपात्र घोषित किया है। डीजीटी ने इसकी एक रिपोर्ट भी जारी की थी। इसमें देश की चार कंपनियों को कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट के लिए अपात्र घोषित किया गया था। बावजूद इसके पीईबी ने उसे ठेका दे दिया।

जानिए, क्या है मैकेनिज्म और कैसे हुई सेंधमारी?

  • ऑनलाइन एग्जाम के लिए 3 लाख प्रश्नों का प्रश्न बैंक सर्वर में सेव किया गया।
  • दो शिफ्ट में पेपर हुए। ऑटोमेटेड सिस्टम से रेंडमली 100 प्रश्न सिलेक्ट होते हैं।
  • ह्यूमन इंटरवेंस बचाने के लिए एग्जाम के 30 मिनट पहले ये प्रश्न एग्जाम सेंटर तक पहुंचाए जाते हैं, ताकि किसी भी स्तर पर लीकेज की गुंजाइश न रहे।

अब बात करते हैं सुरक्षा की
एग्जाम सेंटर की सुरक्षा के लिए 50 छात्रों पर दो सीसीटीवी से निगरानी होती है। यहां किसी को कुछ भी ले जाने की इजाजत नहीं होती। न छात्रों को, न परीक्षकों को।

फिर भी स्क्रीन का फोटो बाहर आया
इससे साफ है कि कोई न कोई एग्जाम सेंटर में मोबाइल फोन लेकर गया। उसने कम्प्यूटर स्क्रीन से पर्चा बाहर भेजा। ऐसा इसलिए किया जाता है, ताकि बाहर से कोई व्यक्ति उन प्रश्नों के सही उत्तर बता दे। हालांकि, पीईबी का कहना है कि अभी इसकी जांच की जा रही है। ये कैसे हुआ ये जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

जांच कराएगा PEB

प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के पीआरओ जेपी गुप्ता का कहना है कि चेयरमेन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

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