पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • The Structure Is Ready, The Machines Did Not Come, If The Infection Is Reduced, Then The Minister, The Officer Forgot About The Oxygen

कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों पर ग्राउंड रिपोर्ट:होशंगाबाद में स्वास्थ्य मंत्री 15 दिन में ऑक्सीजन प्लांट बनाने का कह गए, 42 दिन से ढांचा ही खड़ा है; गुना में पंचायत मंत्री का दावा झूठा निकला

मध्यप्रदेश2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना की दूसरी लहर क्या बीती, हमारी तैयारियां सुस्त पड़ गई हैं। जब अस्पतालों में सांसें टूटने लगीं तो ताबड़तोड़ जिलों में ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत किए गए। ऐसा लगा जैसे अब किसी की सांसें ऑक्सीजन की कमी से नहीं थमेंगी। नेता और प्रशासन ने 15-20 दिनों में प्लांट से शुरू कर ऑक्सीजन उत्पादन के दावे किए लेकिन हालत यह है कि कई जिला अस्पतालों में रेत-सीमेंट और ईंट के स्ट्रक्चर खड़े हो गए हैं पर महीने बीत गए मशीनों का पता ही नहीं है। तीसरी लहर की आशंका के बीच यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। होशंगाबाद में मुख्यमंत्री ने भी घोषणा पिछले साल की थी, वह 200 टन का प्लांट भी आज तक नहीं बना। दीवार ही खड़ी हैं।

कलेक्टर, विधायक और मंत्री भी फुरसत में हैं। वे भूलने लगे हैं कि क्या वादे हुए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि दूसरी लहर में स्थिति देखने के बाद अफसर-नेता गंभीर नहीं हुए तो तीसरी लहर में कितनी भयावह स्थिति पैदा हो सकती है।
जानिए… होशंगाबाद, गुना और भिंड जिलों में ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति-

होशंगाबाद: स्वास्थ्य मंत्री का 15 दिन में ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने दावा, 42 दिन हो गए, केवल स्ट्रक्चर बनाया

स्वास्थ्य मंत्री ने 27 अप्रैल को होशंगाबाद में निरीक्षण किया था।
स्वास्थ्य मंत्री ने 27 अप्रैल को होशंगाबाद में निरीक्षण किया था।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने 27 अप्रैल को होशंगाबाद जिले के निरीक्षण में जिला अस्पताल परिसर में बन रहे मिनी ऑक्सीजन प्लांट को 15 दिन में शुरू करने का दावा किया था। स्वास्थ्य मंत्री चौधरी का दावा पूरी तरह फेल साबित हुआ। अस्पताल में स्ट्रक्चर 13 मई से बनकर तैयार है। स्ट्रक्चर को 25 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक ऑक्सीजन प्लांट की मशीन का पता नहीं। स्वास्थ्य विभाग पुणे से मशीन आने की बात कह रहा था।

सिविल सर्जन डॉ. दिनेश गहलवार ने बताया 750 एलपीएम के एक ओर ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होने वाला है, जिसकी प्रक्रिया चल रही। शासन से स्वीकृत 300 एलपीएम प्लांट स्थापित करने वाली कंपनी नहीं आ रही है। अस्पताल में अप्रैल-मई में ऑक्सीजन के 180 से 200 सिलेंडर की रोजाना खपत हो रही थी। जो अब घटकर 50,60 सिलेंडर पर आ गई।

स्वास्थ्य मंत्री का ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने का दावा फेल:23 दिन में प्लांट से ऑक्सीजन मिलना तो दूर पुणे से नहीं पाई मशीन, अफसरों की सुस्ती के कारण अटका काम, सिर्फ स्ट्रक्चर तैयार

होशंगाबाद में खड़ा ऑक्सीजन प्लांट का ढांचा।
होशंगाबाद में खड़ा ऑक्सीजन प्लांट का ढांचा।

होशंगाबाद में ऑक्सीजन प्लांट पर एक नजर

प्लांट की लागत: 1.16 करोड़

प्लांट की क्षमता : 300 एलपीएम

कार्य प्रारंभ : 24 अप्रैल

प्लांट शुरू करने की घोषणा : 15 दिन

वर्तमान स्थिति: स्ट्रक्चर बनकर तैयार।

गुना: 8 दिन तेजी से खड़ा किया स्ट्रक्चर, अब एक माह से मशीनों का इंतजार
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिला अस्पताल गुना में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम शुरू हुआ था। एक शासन द्वारा लगवाया जा रहा है। वहीं दूसरा गेल के सीएसआर फंड से बन रहा है। 20 अप्रैल से प्लांट का काम शुरू हुआ। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने15 दिन में शुरू करने की घोषणा की थी। 8 दिन में ताबड़तोड़ काम कर प्लेटफार्म बनाकर खड़ा कर दिया गया। लेकिन दूसरी लहर के कमजोर होते ही इसकी गति धीमी पड़ गई। दोनों प्लांट के लिए प्लेटफार्म बनकर खड़े हैं। अब एक माह से मशीन आने का इंतजार है।

CMHO डॉ. पी बुनकर ने बताया अपनी तरफ से हमने आप काम पूरा कर लिया है। शासन से मशीन कब मिलेंगी, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। दोनों जगह प्लेटफार्म तैयार हो गया है। एक प्लांट में बिजली कनेक्शन भी हो गया है। मशीन आते ही आगे का कार्य शुरू हो जाएगा।

गुना जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का स्ट्रक्चर बनकर तैयार है।
गुना जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का स्ट्रक्चर बनकर तैयार है।

गुना में ऑक्सीजन प्लांट पर एक नजर

प्लांट की लागत: 1.25 करोड़

प्लांट की क्षमता : 300 एलपीएम

कार्य प्रारंभ : 20 अप्रैल

प्लांट शुरू करने की घोषणा : 15 दिन

वर्तमान स्थिति: स्ट्रक्चर बनकर तैयार, मशीन का इंतजार

भिंड: CSR मद से बने प्लांट के भरोसे दो मंत्रियों के क्षेत्र वाला जिला अस्पताल

भिंड जिलाा अस्पताल में तैयार हो रहा ऑक्सीजन प्लांट।
भिंड जिलाा अस्पताल में तैयार हो रहा ऑक्सीजन प्लांट।

प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया का गृह जिला व भिंड के कोविड प्रभारी राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया के क्षेत्र में जिला अस्पताल शासन स्तर से ऑक्सीजन प्लांट नहीं बन रहा। भिंड जिला अस्पताल में सीएसआर मद से कंपनियां 1400 एलपीएम के तीन ऑक्सीजन प्लांट लगा रही हैं। नाइटवॉक्स कंपनी 250 एलपीएम, जेन कंपनी 850 एलपीएम और एरोक्स कंपनी 300 एलपीएम क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट सीएसआर मद से लग रहे हैं। नाइटवॉक्स कंपनी 250 एलपीएम का काम 70% तक पूरा हो गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा की पोस्ट।
मुख्यमंत्री द्वारा की पोस्ट।

दूसरी लहर से पहले मुख्यमंत्री का दावा :कहा था 6 माह में प्लांट से बनने लगेगी 200 टन ऑक्सीजन, 9 माह में दीवार तक खड़ी नहीं हो पाई
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने होशंगाबाद जिले के मोहासा में 6 महीने के भीतर प्लांट से 200 टन ऑक्सीजन बनने का दावा किया था। 9 माह होने को है। लेकिन अब तक प्लांट की चारदीवारी भी पूरी नहीं बनी है। सीएम ने बाकायदा 10 सितंबर 2020 को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से घोषणा की थी। हकीकत यह है कि ऑइनॉक्स कंपनी को प्लांट के लिए जमीन दी गई है, उसमें करार ही दो साल का है।

कंपनी के अफसरों का स्पष्ट कहना है उत्पादन शुरू होने में अभी डेढ़ साल और लगेगा। इसमें मेडिकल ऑक्सीजन एवं नाइट्रोजन गैस होगी। जिसका उत्पादन कोविड 19 के लिए प्रदेश में ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए किया जाना है। प्रदेश को ऑक्सीजन देने वाला यह प्लांट मोहासा इंडस्ट्रियल एरिया में 150 कराेड़ से बनेगा। प्लांट में रोज ऑक्सीजन 150 मीट्रिक टन, नाइट्रोजन गैस 54 मीट्रिक टन तथा ऑर्गन गैस 6 मीट्रिक टन का उत्पादन हाेगा।

(होशंगाबाद से धर्मेंद्र दीवान, गुना से आशीष रघुवंशी और भिंड से पवन दीक्षित की रिपोर्ट)

खबरें और भी हैं...