• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • MP CM Shivraj Singh Chouhan Dialogue Gaad Dunga | Kamal Nath, Govind Singh, Sonia Gandhi

मोदी के मंत्री को भाया शिवराज का डायलॉग- गाड़ दूंगा!:अफसर को लताड़ा, सरकार की छाया में थानेदार सरकार पर भारी, जानिए सुनी-सुनाई...

भोपाल2 महीने पहलेलेखक: राजेश शर्मा

‘गाड़ दूंगा’… यह डायलॉग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान माफिया के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन एक केंद्रीय राज्य मंत्री ने तो एक कदम आगे बढ़कर अफसर के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया। हुआ यह कि एक केंद्रीय राज्य मंत्री अपने विभाग की बैठक ले रहे थे। जो जानकारी मंत्री जी मांग रहे थे, वह संबंधित अधिकारी ने नहीं दी। फिर क्या था, मंत्री ने आपा खो दिया। अफसर को धमकी भरे लहजे में कहा- तुम मुझे जानते नहीं हो, यहीं जिंदा गाड़ दूंगा…। यह सुनते ही बैठक में सन्नाटा पसर गया। थोड़ी ही देर में बैठक खत्म भी हो गई। सुना है कि अफसर इतना डर गया था कि एक घंटे के अंदर जो जानकारी मंत्रीजी मांग रहे थे, उसे लेकर उनके पास पहुंच गया, लेकिन मंत्रीजी के तेवर बदल चुके थे। उन्होंने अफसर को साथ बैठाकर चाय पिलाई। अफसर भी मंत्रीजी की तारीफ करते थक नहीं रहा है। इस पर एक सहयोगी अफसर की टिप्पणी- सबके सामने जलील किया और बंद कमरे में चाय पिलाई यह किसने देखा?

भागवत कथा का प्रसाद बांट रहे प्रमुख सचिव
आखिरकार नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी कमलनाथ में छोड़ दी और इस पर डॉ. गोविंद सिंह को विराजमान कर दिया गया हैl नेता प्रतिपक्ष का कद विधानसभा में भले ही सरकार से थोड़ा कम रहता है, लेकिन सरकार में उनकी पूछ परख बढ़ जाती हैl एक प्रमुख सचिव यह पहले ही भांप गए थे कि नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी डॉक्टर साहब को ही मिलेगीl सोनिया गांधी की हरी झंडी मिलने के कुछ दिन पहले ही डॉक्टर साहब ने अपने विधानसभा क्षेत्र लहार में भागवत कथा का आयोजन किया था। लिहाजा प्रमुख सचिव समय निकालकर वहां पहुंच गए। उन्होंने भागवत कथा सुनी और वापस भोपाल आकर प्रसाद भी बांटाl अब प्रमुख सचिव को यह भरोसा हो गया है कि डॉक्टर साहब विधानसभा में उनके खिलाफ मामले नहीं उठाएंगेl दरअसल, डाक्टर साहब ने इस अफसर की एक फाइल तैयार की है। अब देखना बाकी है कि ये मामले विधानसभा में उठेंगे या नहीं?

'सरकार' है मेहरबान तो डर काहे का
परिवहन विभाग इन दिनों सुर्खियों में हैl पहले ट्रांसपोर्ट कमिश्नर कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी की अपनों के खिलाफ शिकायत से मंत्रालय तक हड़कंप मचाl अब जबलपुर संभाग के एक बड़े अधिकारी की ट्रांसपोर्टर्स को सीधे धमकी सुर्खियों में है l साहब की EOW में शिकायतों की फाइल मोटी होती जा रही है, लेकिन उनका कोई भी बाल बांका नहीं कर पा रहा हैl हाल ही में उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे ऑटो वालों को यह कहते दिख रहे हैं कि जैसे पुलिस गांजा रखकर गिरफ्तार करती है उसी तरह ऑटो में गांजा रखकर अंदर करवा दूंगाl शिकायत ऊपर तक पहुंची, लेकिन कुछ नहीं हुआl सुना है कि साहब की ‘सरकार’ के किचन तक पहुंच हैl इसलिए स्थानीय नेता से लेकर मंत्री तक पंगा नहीं लेना चाहतेl

संघ छाया में थानेदार सरकार पर भारी
राजधानी में एक सीमाई थाने के थानेदार की दबंगई से पूरा इलाका परेशान हैl व्यवहार से स्टाफ भी नाखुश है। उनकी वसूली के किस्से थाने से लेकर सरकार तक चर्चा में है, लेकिन कोई उनका कुछ नहीं कर पा रहा हैl पहली बात तो यह है कि वह सब इंस्पेक्टर हैं और थाना प्रभारी के चार्ज में हैंl जबकि 8 से 10 इंस्पेक्टर जिले में मैदानी पोस्ट के इंतजार में बैठे हैंl करीब 6 माह पहले गुना से उनका तबादला भोपाल हुआ थाl इस आदेश में बाकायदा थाने का नाम भी लिखा गया था जहां उनकी पोस्टिंग की गई है। अमूमन ऐसा आदेश होता नहीं हैl

एसपी या डीआईजी कानून व्यवस्था को ध्यान में रखकर थाना प्रभारी की पोस्टिंग करते हैंl सुना है उनका यह रुतबा संघ के एक पदाधिकारी का रिश्तेदार होने के कारण हैl जब यह पदाधिकारी बीजेपी संगठन में ताकतवर पद पर आसीन हुए, उसके तत्काल बाद उनके इस रिश्तेदार को राजधानी के मलाईदार थाने में पदस्थ किया गयाl सुना है कि 6 महीने में ही थानेदार 200 से अधिक गिफ्ट ले चुके हैं। इनमें से कई बेशकीमती भी हैंl उनके कारनामों की शिकायत बड़े अधिकारियों तक गई तो उन्होंने आंख बंद कर ली और कहा- उन्हें तो सौ खून माफl उन्हें हटाकर संघ से कौन पंगा ले।

सरकार की आंख से बचकर छत्तीसगढ़ का दौरा
हाल ही में एक अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी छत्तीसगढ़ दौरे पर गए थेl वहां उन्होंने शराब से पर्दे के पीछे होने वाली कमाई का पूरा गणित समझाl सवाल यह है कि मध्यप्रदेश में अगले साल मार्च तक के लिए आबकारी नीति लागू है फिर यह अधिकारी छत्तीसगढ़ से क्या सीखने गए थे? सुना है कि मध्य प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले नई आबकारी नीति अप्रैल 2023 में लागू की जाएगीl यह पॉलिसी ऐसी बने जिससे सरकार और ठेकेदारों दोनों की बल्ले बल्ले हो जाएl दरअसल तैयारी एक कॉरपोरेशन को अस्तित्व में लाने की है जिसमें सारे फैसले लेने का अधिकार अफसरों के हाथ में आ जाएl खास बात तो यह है कि यह अफसर सरकार की आंख से बचकर दौरा कर आए हैं।

और अंत में...

साहब का ड्रीम स्पॉट बना रूफ टॉप क्लब
राजधानी में पदस्थ एक आईपीएस को रूफ टॉप क्लब खूब भा रहा है। अपनी आलीशान शानो शौकत और रंगीन मिजाज माहौल के लिए मशहूर ये स्पॉट अब साहब का भी ड्रीम स्पॉट बन गया है। आये दिन साहब यहां अपनी शाम गुजारते नजर आने लगे हैं। ये साहब वैसे अपने कलरफुल मिजाज के लिए पहचाने जाते हैं। आईपीएस साहब पिछले दिनों महंगी शॉपिंग कर चर्चा में आए थे। साहब के शौक महंगे हैं और जीवनशैली में उसका असर दिखाई देता है। बता दें कि कमलनाथ सरकार में इस अफसर की तूती बोतली थी, लेकिन अब उनपर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।