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मुद्दा गरम है..:जनसंख्या नियंत्रण के लिए योगी सरकार कानून ला रही, यह पॉलिसी मध्यप्रदेश में 21 साल से लागू; BJP विधायक कानून चाहते हैं

मध्य प्रदेश3 महीने पहले
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून के ड्राॅफ्ट को लेकर चर्चा में है। इसमें दो से अधिक संतान होने पर सरकारी नौकरी के लिए अपात्र करने का प्रस्ताव है। चुनाव लड़ने पर भी रोक लगाने की तैयारी है। इस बीच मध्यप्रदेश भाजपा के विधायक भी जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग करने लगे हैं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग की है तो भोपाल से विधायक रामेश्वर शर्मा ने CM शिवराज सिंह चौहान को चिट्‌ठी तक लिख दी है।

भास्कर पड़ताल में सामने आया कि जनसंख्या को लेकर एक पॉलिसी मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह शासनकाल के वक्त से ही लागू है। मध्य प्रदेश सरकार ने 26 जनवरी 2000 को जनसंख्या नियंत्रण कानून के तहत निर्देश जारी किए थे। सामान्य प्रशासन विभाग के मार्च 2000 में जारी निर्देशों में स्पष्ट है कि दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी कर्मचारी नौकरी के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। ऐसा होने पर उन्हें सेवा से हटाया सकता है। ऐसे मामलों में सरकार मप्र सिविल सर्विसेज रूल्स 1961 की धारा 6(6) के तहत कर्मचारी को बर्खास्त कर सकती है।

10 मार्च 2000 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन।
10 मार्च 2000 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन।

2005 में बीजेपी सरकार ने ही पलटा था फैसला
हाल ही में योगी सरकार के ड्राफ्ट में दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरियों के साथ स्थानीय चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का भी प्रस्ताव है। मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी में यह नियम लागू है, लेकिन चुनाव लड़ने पर रोक के फैसले को 2005 में बीजेपी सरकार ने पलट दिया था।

दमोह में 3 कर्मचारियों को गंवानी पड़ी थी नौकरी
2019 में दमोह जिला अदालत के तीन कर्मचारियों को इस नियम का उल्लंघन करने पर नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है। इतना ही नहीं, सरकार इस नियम के तहत दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन अपनाने वाले सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को दिए जाने वाले विशेष इंक्रीमेंट को बंद कर चुकी है। इस मामले में अफसरों का मानना था कि परिवार नियोजन को लेकर लोगों में जागरुकता आई है, इसलिए अब विशेष छूट देने की जरूरत नहीं है।

विधानसभा में जवाब दे चुकी है सरकार
कमलनाथ सरकार के समय कांग्रेस विधायक संजय शाह ने 18 दिसंबर 2019 इसी नियम को लेकर सवाल किया था। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग के तत्कालीन मंत्री गोविंद सिंह ने जानकारी दी थी कि मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के 22 (4) में लिखा है कि “प्रत्येक शासकीय सेवक भारत सरकार एवं राज्य सरकार के परिवार कल्याण नीति से संबंधित नीतियों का पालन करेगा। नियम में साफ लिखा है कि शासकीय सेवक के 2 से अधिक बच्चे होने को अवाचार माना गया है। यदि उनमें से 1 का जन्म 26 जनवरी 2001 या उसके बाद हुआ हो।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का पत्र।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का पत्र।

विधायक रामेश्वर शर्मा से सीधी बात

आपने मुख्यमंत्री को चिट्‌ठी लिखी है, जनसंख्या नियंत्रण के लिए कैसा कानून चाहते हैं?

  • यह तो सरकार को ही तय करना है। हमने मांग की है। सरकार इस पर विचार करे। संविधान विशेषज्ञों के जरिए बहस हो और कानून बने।

योगी सरकार दो से ज्यादा संतान होने पर नौकरी नहीं देने का कानून ला रही है, यह तो एमपी में पहले से लागू है?

  • हां। होगा। पर समय के हिसाब से कानून लाया जाना चाहिए। आज की परिस्थिति को देखते हुए ही निर्णय लिया जाना चाहिए।

यूपी में तो चुनाव लड़ने से रोकने का कानून भी आ रहा है, जिसे भाजपा ने ही 2005 में वापस कर दिया था।

  • परिस्थिति रही होगी। जनहितैषी विषय होने से अपनी मांग रख दी है। सरकार को आगे तय करना है।
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