कलेक्टर के आदेश का हो रहा उल्लघंन:पंचायत सचिव को निलंबित करने के दिए निर्देश, अभी तक नहीं हुआ पालन; संबल योजना में की गड़बड़ी

निवाड़ी2 महीने पहले
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असाटी पंचायत सचिव स्वामी प्रसाद अहिरवार को कलेक्टर ने पंचायत सचिव के पद से निलंबित करने का आदेश दिया था। स्वामी प्रसाद अहिरवार पर संबल योजना के पात्र हितग्राही को अपात्र करने का आरोप लगा है। पंचायत सचिव स्वामी प्रसाद ने सुरेश कुशवाहा का नाम संबल योजना के भौतिक सत्यापन के दौरान गलत तरीके से अपात्र कर काट दिया था।

भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष निवाड़ी के वरिष्ठ नेता सुरेश तिवारी इन दिनों जनसुनवाई में चक्कर लगाते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह तक कह दिया कि अब तो उनका जनसुनवाई पर से विश्वास उठ गया है। उन्होंने कहा कि असाटी के जिस पंचायत सचिव को भ्रष्टाचार के मामले में कलेक्टर ने निलंबित करने के आदेश दिए थे, उसे निलंबित ना कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने नहीं किया निलंबन
सुरेश कुशवाहा ने इसकी शिकायत कलेक्टोरेट में की थी। शिकायत के बाद पंचायत सचिव पर लगे आरोपों की जांच की गई, तब यह सिद्ध हुआ कि पंचायत सचिव स्वामी प्रसाद अहिरवार मामले में दोषी हैं। निवाड़ी कलेक्टर कार्यालय की ओर से 19 मई 2021 को आदेश जारी कर दिया था, जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पंचायत सचिव को निलंबित करने का आदेश दिया था, लेकिन आज तक उन्हें निलंबित नहीं किया है।

पंचायत सचिव के खिलाफ हो कार्रवाई- पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा
भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने मामले में हस्तक्षेप किया और 8 मार्च 2022 को भी जनसुनवाई में शिकायत की थी। इसके बाद भी पंचायत सचिव स्वामी प्रसाद को अपने पद से पृथक नहीं किया। बार-बार शिकायत करने पर भी पंचायत सचिव पर कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने सांठ गांठ के आरोप लगाने शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिव के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई नहीं करने से पंचायत सचिव के हौसले बुलंद हैं।

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