‘बुंदेलखंड की अयोध्या’ में श्रीराम विवाह महोत्सव:रामराजा सरकार बनेंगे दूल्हा, जानकी मंदिर में होंगी रस्में

मयंक दुबे, ओरछा (निवाड़ी)2 महीने पहले

अयोध्या, मिथला की तरह बुंदेलखंड की अयोध्या यानी मप्र के निवाड़ी जिले के ओरछा में भी भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह महोत्सव की धूम है। यहां तीन दिन का विवाह महोत्सव मनाया जा रहा है। मार्गशीष शुक्ल पक्ष की पंचमी यानी सोमवार को भगवान का विवाह होगा।

महोत्सव के लिए तीन दिन तक ओरछा में अयोध्या और मिथला की झांकी दिखेंगी। शनिवार से विवाह की रस्में शुरू हुईं और भगवान श्रीराम और माता सीता की तेल की रस्म निभाई गई। निवाड़ी कलेक्टर तरूण भटनागर ने मंडप का पूजन किया। रविवार को मंडप पूजन और नगर भोज होगा। सोमवार को रामराजा सरकार दूल्हा बनेंगे। नगर में बारात निकाली जाएगी। इसके बाद भगवान जानकी मंदिर पहुंचकर सीता माता से विवाह करेंगे।

भगवान श्रीराम और माता सीता की विवाह महोत्सव के लिए मंदिर को रोशनी से सजाया गया है।यहां तीन दिन तक महोत्सव मनाया जा रहा है।
भगवान श्रीराम और माता सीता की विवाह महोत्सव के लिए मंदिर को रोशनी से सजाया गया है।यहां तीन दिन तक महोत्सव मनाया जा रहा है।

गलियों में गूंज रहे बुंदेली गीत
ओरछा में भगवान श्रीराम का विवाह महोत्सव हर वर्ष तीन दिन तक धूमधाम और राजसी परंपरा के साथ बुंदेली संस्कृति में मनाया जाता है। तेल की रस्म होने के बाद से मिथला यानी ओरछा के जानकी मंदिर में बुंदेली वैवाहिक गीत और गारी गूंज रही हैं। मुख्य मंदिर में वर पक्ष बुंदेली वैवाहित गीत बन्ना को चढ़ गओ हरदी तेल बन्ना मेरो पीरो पर गाओ री…। वहीं वधू पक्ष के श्रद्धालु और महिलाएं बन्नी गा रही हैं, बन्नी तेरी अंखिया सुर में दानी, बन्नी तेरी बेंदी लाख की बन्नी तेरो गेंदा है हजारी…,।

खजूर का मुकुट पहनेंगे भगवान
राजसी अंदाज में होने वाले कार्यक्रम और रामराजा की बारात की शोभायात्रा अनूठी होगी। आधुनिक सुविधाओं के बीच भी बुंदेली स्वरूप व परम्परा जीवंत दिखेगी। बारात में दूल्हे के रूप में रामराजा सरकार की प्रतिमा को पालकी में विराजित किया जाएगा। भगवान के सिर पर सोने का मुकुट नहीं, बल्कि आम बुंदेली दूल्हों की तरह खजूर की पत्तियों से बना मुकुट पहनाया जाएगा। पालकी के एक ओर छत्र और दूसरी ओर चंवर रहेगा। इसे देखकर बुंदेली वैभव की याद ताजा हो जाती है।

आधुनिक सुविधाओं के बीच भी बुंदेली स्वरूप व परम्परा जीवंत दिखेगी। बारात में दूल्हे के रूप में रामराजा सरकार की प्रतिमा को पालकी में विराजित किया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं के बीच भी बुंदेली स्वरूप व परम्परा जीवंत दिखेगी। बारात में दूल्हे के रूप में रामराजा सरकार की प्रतिमा को पालकी में विराजित किया जाएगा।

धार्मिक कीर्तन मंडली रामधुन भी साथ रहेगी
बारात के मंदिर से निकलते ही सशस्त्र पुलिस बल की ओर से दूल्हा बने राजाराम सरकार को गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद श्री राम अपने छोटे भाई लक्ष्मण जी के साथ पालकी में विराजमान होकर नगर के लोगों को दर्शन देते हुए नगर के मुख्य चौराहे पर स्थित जनक भवन मंदिर के लिए निकलेंगे। लाइटों से जगमगाए ओरछा के रास्तों के बीच परंपरा अनुसार पालकी के आगे एक व्यक्ति मशाल लेकर चलेगा। बारात में राजसी प्रतीक चिन्ह पंखा, तिकोना, छड़ी, मशाल आदि सरकार की पालकी के साथ चलेंगे। बारात में धर्मध्वज, बैंडबाजे, विद्युत सजावट के साथ धार्मिक कीर्तन मंडली रामधुन भी साथ रहेगी।

नगर के मुख्य व बारात निकलने वाले मार्ग को जगह-जगह तोरण द्वार और मंगल कलश से सजाया गया है। स्वागत-सत्कार के लिए झांसी, कानपुर व सागर करीब चार क्विंटल फूल मंगाए गए हैं।
नगर के मुख्य व बारात निकलने वाले मार्ग को जगह-जगह तोरण द्वार और मंगल कलश से सजाया गया है। स्वागत-सत्कार के लिए झांसी, कानपुर व सागर करीब चार क्विंटल फूल मंगाए गए हैं।

जानकी मंदिर में होंगी विवाह की रस्में
नगर में भ्रमण के बाद बारात रामराजा की ससुराल विशम्भर मंदिर (जानकी मंदिर) पहुंचेगी। पुजारी राजा जनक के रूप में सरकार का टीका कर बारात की अगवानी करेंगे। बारातियों के स्वागत के साथ द्वारचार की रस्म होगी। बुंदेली वैवाहिक गीत, हरे बांस मंडप छाए, सिया जू खा राम ब्याहन आए..., इन गलिन होकें ल्याइयौरी, रघुनाथ बना खों.....जैसे पारंपरिक गीत गूंजेंगे। इसके बाद वैदिक रीती अनुसार विवाह की सभी रस्में होंगी। मुख्य यजमान के रूप में निवाड़ी कलेक्टर तरूण भटनागर मौजूद रहेंगे। भगवान माता जानकी का वरण कर वापस मुख्य मंदिर में पहुंचेंगे।

ओरछा के श्री रामराजा सरकार मंदिर में भगवान का दिव्य दरबार। श्री राम और माता सीता के विवाह में सोमवार को लाखों की तादाद में भक्तों के आने का अनुमान है।
ओरछा के श्री रामराजा सरकार मंदिर में भगवान का दिव्य दरबार। श्री राम और माता सीता के विवाह में सोमवार को लाखों की तादाद में भक्तों के आने का अनुमान है।

डेढ़ लाख भक्त होंगे शामिल
विवाह समारोह में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसमें शामिल होने के लिए निवाड़ी, टीकमगढ़, झांसी, छतरपुर, दतिया, ग्वालियर, जालौन, ललितपुर, सागर सहित बुंदेलखंड के अलग-अलग जिलों से श्रद्धालु ओरछा पहुंचेंगे। प्रशासन का अनुमान है कि रविवार को भगवान के विवाह की पांत यानी भंडारे और सोमवार को रामराजा सरकार की बारात में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा भक्त पहुंच सकते हैं। इनके हिसाब से ओरछा में व्यवस्थाएं की गई हैं। पांच जगह वाहनों की पार्किंग बनाई गई है। स्वागत-सत्कार के लिए झांसी, कानपुर और सागर से करीब चार क्विंटल फूल मंगाए गए हैं। पूरे बारात मार्ग पर आकर्षक लाइटें लगाई गई हैं।

मेहमानों और बारातियों-घरातियों के लिए 200 लोगों की टीम पकवान बना रही है। सभी पकवान शुद्ध घी में बनाए जा रहे हैं। इसके लिए घी के 150 टीन आए हैं।
मेहमानों और बारातियों-घरातियों के लिए 200 लोगों की टीम पकवान बना रही है। सभी पकवान शुद्ध घी में बनाए जा रहे हैं। इसके लिए घी के 150 टीन आए हैं।

पहले पांत फिर बारात
विवाह महोत्सव में पहले भगवान की पांत फिर बारात का महत्व है। श्रद्धालु साल भर इसके इंतजार में होते हैं। ललितपुर जिले के सैदपुर गांव से आए रामराजा शर्मा ने बताया कि भगवान को दूल्हा बने देखना परम सौभग्य है। इसके लिए वे रविवार सुबह से ही ओरछा पहुंच गए हैं। विवाह महोत्सव के बाद ही वापस जाएंगे। झांसी के श्रद्धालु प्रशांत ने बताया कि ओरछा उनके नगर से सिर्फ 14KM इसके बाद भी वे यहां शनिवार को पहुंच गए। दो दिन ओरछा में रहकर ही भगवान के विवाह महोत्सव का आनंद लेंगे।

देशी घी में बन रहा भोजन, 200 हलवाई जुटे
27 नवम्बर को होने वाले भोज में 80 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। मेहमानों और बारातियों-घरातियों के लिए 200 लोगों की टीम पकवान बना रही है। सभी पकवान शुद्ध घी में बनाए जा रहे हैं। इसके लिए घी के 150 टीन आए हैं। आयोजन को लेकर सभी विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अब जानिए ओरछा की कहानी

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अयोध्या के 11 मंदिरों में 5 दिन तक मनेगा रामविवाह महोत्सव

श्री राम विवाह महोत्सव के दौरान सजा अयोध्या के प्रसिद्ध कनक भवन मंदिर का गर्भगृहl
श्री राम विवाह महोत्सव के दौरान सजा अयोध्या के प्रसिद्ध कनक भवन मंदिर का गर्भगृहl

अयोध्या के 11 प्रमुख मंदिरों में 5 दिवसीय सीता-राम विवाह महोत्सव आरंभ हो गया हैl महोत्सव के पहले दिन रामार्चा और भगवान गणेश का पूजन किया गयाl इसके साथ ही मंदिरों की सजाव और रामलीला का मंचन आरंभ हो गया हैl महोत्सव में शामिल होने के लिए पूरे देश के भक्त भगवान के लिए उपहार और विवाह से जुड़े सामान लेकर पहुंच रहे हैंl पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

10 दरवाजे वाले मंडप में होगा भगवान का विवाह

अयोध्या के ऐतिहासिक रंग महल में मां सीता की मुंह दिखाई की रस्म हुई थीl दस दरवाजे वाले इस मंडप में राम विवाह की रस्में होंगी।
अयोध्या के ऐतिहासिक रंग महल में मां सीता की मुंह दिखाई की रस्म हुई थीl दस दरवाजे वाले इस मंडप में राम विवाह की रस्में होंगी।

अयोध्या के ऐतिहासिक रंग महल में मां सीता की मुंह दिखाई की रस्म हुई थीlइसके बाद इस महल को कौशल्या ने सीता जी को मुंह दिखाई के उपहार में दे दियाl इस मंदिर में सीता जी प्रधानता है और भगवान श्री राम के दूल्हा स्वरूप की पूजा की जाती हैl इस मंदिर के संत अपने आपको सीता जी की सखी मानते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

भगवान श्री राम के ओरछा में दीपावली

दीपावली पर श्री रामराजा दरबार को रोशनी और फूलों से सजाया गया है। दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह से हाथ में फूल, माला, प्रसादी और दीपक लेकर कतारों में लगे दिखाई दिए। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम किए हैं। बुंदेलखंड की अयोध्या यानी निवाड़ी जिले के ओरछा में दीपोत्सव पर्व की अलग ही धूम रहती है। भक्तों का मंदिर में आने का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया है। मंदिर में फूल, रंगीन रोशनी और बंदनवारों से आकर्षक साज सज्जा की गई है। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भी मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के पूर्ण इंतजाम किए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

रामनवमी पर 5 लाख दीयों से जगमग हुई रामराजा सरकार की नगरी

बुंदेलखंड की अयोध्या यानी ओरछा में इस साल अप्रैल में रामनवमी पर दीपावली जैसा नजारा देखने को मिला था। यहां भगवान श्री राम के जन्म महोत्सव को लेकर 5 लाख दीपक जलाए गए थे। 10 मिनट में 4500 वॉलंटियर्स ने इन दीयों को जलाया। ओरछा में 6 जगह यह दीये जलाए गए। कार्यक्रम में शामिल होने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश के पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर, निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री गोपाल भार्गव भी पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह ने कंचना घाट पर महाआरती की।पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।