बढ़ेंगी दुर्घटनाएं:न सुधरी गोशाला, न बने कांजी हाउस, बारिश लगते ही सड़कों पर आने लगे आवारा मवेशी

बरेली2 महीने पहले
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रात के अंधेरे में फिर बढ़ेंगी सड़क दुर्घटनाएं। - Dainik Bhaskar
रात के अंधेरे में फिर बढ़ेंगी सड़क दुर्घटनाएं।

बारिश का दौर शुरू हो चुका है और सड़कों पर मवेशियों ने भी अपना ठिकाना बनाना शुरु कर दिया है। लेकिन अब तक न तो नगर में कहीं गोशाला का निर्माण हो पाया न ही कांजी हाउस। जिससे इन आवारा मवेशियों को ठिकाना मिल सके और होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में नगर में कांजी हाउस नहीं होने के कारण सैकड़ों की संख्या में नगर के आवारा मवेशी बारिश के दौरान सड़कों पर यहां वहां झुंड बनाकर खड़े और बैठे दिखाई देने लगे हैं।

सड़क दुर्घटनाओं में जहां वाहन चालक चोटिल हो जाता है तो वहीं मवेशी भी घायल हो जाते हैं, जिससे दोनों का नुकसान होता है, लेकिन इस गंभीर समस्या का समाधान करने के लिए जनप्रतिनिधि और अफसरों द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही है। फलस्वरूप लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

वहीं नगर में एकमात्र पशु चिकित्सालय है वह भी वर्तमान में काफी दयनीय स्थिति में है जहां पर यदि गो सेवक इन अंग भंग मवेशियों को इलाज के लिए लेकर आते भी हैं तो इन मवेशियों के समुचित इलाज और इनके रहने एवं खाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाती है। यही नहीं नगर में घूम रहे आवारा पशुओं को व्यवस्थित करने के लिए नगर परिषद के द्वारा भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई, जिससे लोग परेशान हो रहे हैं।
समाजसेवियों ने करवाई वैकल्पिक व्यवस्था
नगर के समाजसेवियों के द्वारा पशु चिकित्सालय के एक हिस्से को रिपेयर करवाकर टीन शेड डालकर गोशाला का निर्माण कर पशुओं की सेवा की जा रही है, लेकिन जगह की पर्याप्त व्यवस्था न होने की स्थिति में कम ही पशुओं की सेवा की जा रही है।

एकमात्र आचार्य विद्यासागर जीव दया एवं पर्यावरण संस्थान जिसे कि जैन समाज के द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसकी क्षमता भी लगभग 300 पशुओं के रखने की है, लेकिन वर्तमान में 350 से अधिक पशु इस गोशाला में है, लेकिन इसके अलावा क्षेत्र में अन्य कोई गोशाला क्षेत्र में नहीं है।

ऐसी स्थिति में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के हजारों की संख्या में आवारा पशुओं को फसल सुरक्षा के दौरान किसान ग्रामीण क्षेत्र से नगर की ओर भगा देते हैं परिणाम स्वरूप आवारा मवेशी नगर के मुख्य मार्ग सहित राष्ट्रीय राजमार्ग एवं पिपरिया मार्ग पर डेरा डाले देखे जा सकते हैं , जिसके चलते इन सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

अफसर और जनप्रतिनिधियों ने भी नहीं ली रुचि यही वजह है मवेशियों को अब तक नहीं मिला ठिकाना

बीमारी से बचने के लिए आ जाते हैं सड़कों पर
पशु विशेषज्ञों ने बताया कि बारिश के दौरान जगह जगह पानी भराव हो जाता है और कीचड़ हो जाती है, जहां मच्छर और लार्वा पनपता है, जिससे बीमारियों को बढ़ावा मिलता है। आवारा मवेशियों को मच्छर कीड़े मकोड़े काटते हैं,

जिससे पशुओं में बीमारियां होने लगती है जिससे बचने के लिए यह मवेशी सुरक्षित रखने के लिए सड़कों का सहारा लेते हैं लेकिन नेताओं की उदासीनता और अफसरों की अनदेखी के कारण इन मवेशियों के न तो योजना बनी न ही उन्हें कोई ठिकाना नहीं मिल पा रहा है। नागरिकों ने मांग की है जल्द नगर में कांजी हाउस बनाया जाए।

शहर से गांव और गांव से शहर की ओर दोड़ेंगे मवेशी
दूसरी ओर आने वाले दिनों में क्षेत्र में बड़ी मात्रा में धान की रोपाई की जाएगी, जिसके चलते किसानों के द्वारा अपनी फसल को सुरक्षित रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी मात्रा में पशुओं को नगर की ओर भगा दिया जाएगा, वहीं नगर से गांवों की ओर पशुओं को भगाया जाएगा। यही नहीं बारिश के दौरान नगर में पशुओं की संख्या में इजाफा होगा जो बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

पूर्व सरकार के द्वारा पंचायत स्तरों पर गोशाला खोलने की घोषणा अमल में आ जाती तो यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाती, लेकिन प्रदेश में सत्ता बदलने से आदेश ही रह गए।

हर पंचायत में गोशाला की योजना हो गई फैल
तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने हर पंचायत में गोशाला खोलने की घोषणा की थी। इसकी शुरुआत भी हुई, कई पंचायतों में गोशाला तैयार हो चुकी और चालू भी हो चुकी लेकिन अब उनके संचालन को लेकर समस्या आ रही है ।

जल्द बनाएंगे कार्ययोजना
नगर में आवारा मवेशियों समस्या के समाधान को लेकर जल्द से जल्द कार्य योजना तैयार की जाएगी, जिससे कि नगर की जनता को इस समस्या से निजात मिल सके यातायात भी प्रभावित न हो।
संतोष रघुवंशी, सीएमओ।

सुरभि व पहल बनी वरदान
पशु चिकित्सालय में पशुओं को इलाज नहीं मिल रहा है। यहां समय पर न तो चिकित्सक पहुंच रहे हैं न ही कंपाउडर इलाज कर रहे हैं। ऐसे में सुरभि संजीवनी और टीम पहल के सदस्य इन मवेशियों के लिए लाभदायक साबित हो रहे हैं।

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