ठेकेदारों की मनमानी:अफसरों पर भारी पड़ रहा निर्माण एजेंसी का ठेकेदार, किया नहरों का घटिया निर्माण

बाड़ी2 महीने पहले
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अफसरों पर भारी पड़ रहा निर्माण एजेंसी का ठेकेदार, काम रोकने के  निर्देश के बाद भी कर दिया नहरों का घटिया निर्माण - Dainik Bhaskar
अफसरों पर भारी पड़ रहा निर्माण एजेंसी का ठेकेदार, काम रोकने के निर्देश के बाद भी कर दिया नहरों का घटिया निर्माण

बारना की सब माइनर नहरों पर निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार इन दिनों अफसरों पर भारी पड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। यही वजह है कि अफसरों द्वारा काम रोकने के निर्देश के बाद भी ठेकेदार ने गुणवत्ताविहीन सामग्री का उपयोग कर नहरों का निर्माण कर दिया जो अब बनने के साथ ही जगह जगह से उखड़ने लगी है।

जिससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है, ग्रामीणों का कहना है कि यदि ऐसा ही निर्माण कार्य करवाना था तो न करवाते तो ही बेहतर रहता क्योंकि बारिश के दौरान इन नहरों में पानी कम मलबा ज्यादा रहेगा, जिससे नहरें जगह जगह से फूटेंगी और पानी किसानों के खेतों में पहुंचेगा, जिससे फसलें खराब होंगी।

किसानों ने बताया कि अफसरों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं होने का कारण है कि ठेकेदार ने निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का उपयोग कर नहरों का निर्माण कर दिया। यदि निर्माण के साथ ही नियमित रुप से मॉनिटरिंग होती तो गुणवत्ता का ध्यान रखा जा सकता था। अफसरों की अनदेखी का खामियाजा अब ग्रामीणों को उठाना पड़ेगा।

अफसरों काे मौके पर जांच के दौरान मिली थी गुणवत्ता में कमियां

90 लाख की लागत से चल रहा काम
बारना विभाग में माइनर, सबमाइर का उन्नयन कार्य किए जा रहे हैं जो की चंदवार से 22 चेन तक एसएम 1 और एसएम 2 का निर्माण कार्य किया गया है जिसमें एसएम 1 की लागत 22 लाख रुपए वहीं एसएम 2 की लागत 70 लाख रुपए है जिसमें सबमाइनर की खुदाई के बाद काली मिट्टी से बेस बना कर सीसी निर्माण कार्य किया गया है।

इन नहरों का काम कृपा निधी कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला है, जिसमें सबमाइनर 1 सबमाइनर 2 का सीसी करण कार्य चल रहा है जिसमें कंपनी द्वारा पीली मिट्टी की जगह उसी जगह की काली मिट्टी डालकर उसमें अमानक सीमेंट रेत का उपयोग किया जा रहा है यह नहीं सीसी की पानी से तराई की जा रही है। जिसके कारण सीसी निर्माण महज कुछ हफ़्तों में ही उखड़ने लगा।

निर्देश के बाद भी नहीं रोका निर्माण कार्य
अफसरों ने ठेकेदार का काम रिजेक्ट कर दिया था और सीसी निर्माण कार्य को उखाड़ कर फिर निर्माण करना है, ठेकेदार ने काम नहीं रोका, जिससे यह साफ हो जाता है कि या तो ठेकेदार अधिकारियों पर भारी है या अधिकारियों की मिली भगत है जो भी है लेकिन शासन का पैसा पानी में बहाया जा रहा है।

निर्माण कार्य का नहीं करेंगे भुगतान
ठेकेदार यदि निर्माण कार्य को तोड़ कर नहीं बनाएगा तो किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा।
-दीपक चौकसे, बारना, ईई।

जांच में मिली कमियां तो रुकवाया था काम
एस एम 1 और एस एम 2 पर कृपा निधि कं कंपनी द्वारा काम किया जा रहा है जिसमें चंदवार से 22 चेन तक काम संतोषजनक कार्य नहीं किया गया जांच के दौरान कांक्रीट मिक्स में रेत की मात्रा अधिक पाई गई है इसके अलावा कुछ पेनलों में दरार आ गई है जिन्हें चिह्नित कर रिजेक्ट कर दिया गया है । इसके अलावा ईई की जांच में कई अनियमितताएं पाई थी जिसके चलते ठेकेदार को दोबारा गुणवत्ता काम करने निर्देशित किया गया है।

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