यह कैसा मेंटेनेंस:बारिश होते ही लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था, हो रहे फाल्ट

सुल्तानपुर2 महीने पहले
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जोखिम के बीच विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करता कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
जोखिम के बीच विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करता कर्मचारी।

इन दिनों नगर की बिजली व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है, गर्मियों में मेंटेनेंस के बाद भी हालात बदतर में हैं। एक पखवाड़े अधिक समय से नगर की बिजली व्यवस्था लगभग बंद सी है, कभी रात्रि में कभी पूरे दिन दिन बिजली सप्लाई बंद सी रहती है। थोड़ी सी हवा और पानी में बिजली जब जाती है तो 10 घंटे से अधिक समय पहले नहीं आती है।

यही नहीं थोड़ी सी हवा में विद्युत पोल टूट के गिर जाते हैं। 11 केवी की लाइन लगातार 3 दिनों से टूट रही है, जिससे नगर के मुख्य बाजार की बिजली सप्लाई पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है, जिससे लोगों में अब कंपनी के खिलाफ आक्राेश पनपने लगा है।

यही नहीं कंपनी की खराब व्यवस्थाओं को लेकर जब भी शिकायत की जाती है तो अफसर भी शिकायतों को तवज्जो नहीं देते हैं। ऐसे में मामूली बारिश के बीच तेज भीषण गर्मी शाम होते ही जहरीले कीड़ों का आतंक उस पर से विद्युत सप्लाई बंद लोगों को परेशान किए हुए हैं।

इधर दूसरी ओर बिजली कंपनी के ठेकेदार के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी जो अपनी जान की परवाह न करते हुए दिन रात कभी जंगल में कभी नदी नाले पर कभी झाड़ियों कटीले पेड़ों पर अंधेरे में विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करते देखे जाते हैं । बारिश के बीच न ही इन कर्मचारियों के पास रेनकोट है,.

न ही अंधेरे से जूझने हाथों में टॉर्च, न पैरों में बरसाती जूते, रेनकोट के अभाव में हाथ में छाते तक नहीं, ऊंचे खंभों पर चढ़ने , टूटी लाइन को दुरुस्त करने इनके पास कोई क्रेन व्यवस्था या कोई अन्य व्यवस्था नहीं है जिससे यह ऊंचाई पर चढ़कर विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कर सकें ! अगर इन्हीं कहीं ऊंची पर काम करना होता है तो यह नगर परिषद की क्रेन पर निर्भर रहते हैं

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