आत्मनिर्भर भारत अभियान:सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण परियोजना... लागत पर 10 लाख रुपए तक का अनुदान

रायसेन2 महीने पहले
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उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के (पीएमएफएमई स्कीम) तहत उद्यमों के विस्तार/उन्नयन या नए सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों की स्थापना के लिए मौजूदा या नए सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों पर अनुदान सहायता प्रदान की जा रही है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक तथा शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। आवेदक को प्रसंस्करण इकाई का ज्ञान होना भी आवश्यक है।

इसी प्रकार आवेदक के पास स्वयं का भू-स्वामित्व अधिकार की आवासीय/व्यावसायिक भूमि होना आवश्यक है। सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण परियोजना लागत पर 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख का अनुदान प्रावधान है। लाभार्थी का योगदान परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत होना चाहिए, शेष राशि बैंक से ऋण के माध्यम से प्राप्त होगी।

योजना के तहत सभी प्रकार के प्रसंस्करण इकाइयों पर अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। इसमें फल उत्पाद में आम का अचार, नीबू का अचार, जूस, आंवला केंडी, अमरूद जैली, जैम जैली इत्यादी, सब्जी उत्पाद में टमाटर केचप, चटनी, सोस, ड्राय टोमेटो पावडर, मिर्च सोस, आलू/केला चिप्स तथा मसाला उत्पाद में हल्दी, धनियां , मिर्च पावडर, लहसुन पेस्ट, सोंठ, की प्रसंस्करण इकाइयों पर अनुदान दिया जाएगा। अनाज उत्पादों में चावल मिल, आटा मिल, दाल मिल, पोहा मिल आदि के साथ ही अन्य उत्पाद पापड़, नमकीन, कुरकुरे, ब्रेड, गुड़ इकाई, पशु आहार, दूध के प्रोड्क्टस (पनीर, मावा, घी इत्यादि), तेल मिल, मांस फ्रीजिंग, सभी प्रकार की प्रसंस्करण इकाई आधारित सूक्ष्म उद्योग पर लाभ की पात्रता होगी।

पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन
विभाग की ओर से जिले में रिसाेर्स पर्सन नियुक्त किए गए हैं। जो एकल उद्योगों एवं समूहों को डीपीआर तैयार करने, बैंक से ऋण लेने, एफएसएसएआई के खाद्य मानकों, उद्योग आधार, जीएसटी आदि सहित आवश्यक पंजीकरण एवं लाइसेंस प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेंगे।

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