अष्टान्हिका पर्व:विश्व की शांति के लिए कल अर्पित करेंगे 1024 अर्घ्य

रायसेनएक महीने पहले
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सिद्ध चक्र मंडल विधान के दौरान मंदिर में मौजूद जैन समाज के श्रद्धालु  । - Dainik Bhaskar
सिद्ध चक्र मंडल विधान के दौरान मंदिर में मौजूद जैन समाज के श्रद्धालु ।

दुर्गा चौक पर स्थित श्री पार्श्व नाथ दिगंबर जैन मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान द्वारा सिद्धों की आराधना की जा रही है। सभी जीव सुखी रहें ,इस भावना के साथ विश्व की शांति के लिए यह विधान 8 नवंबर तक चलेगा। सिद्ध चक्र विधान का संचालन कर रहे बुद्ध सेन जैन एवं सुधीर जैन ने बताया कि सिद्धचक्र विधान अष्टान्हिका पर्व में किया जाता है। इसी पर्व में देव भी नंदीश्वर दीप में पूजा-अर्चना करते हैं। यह समय सिद्धचक्र विधान के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस विधान में प्रतिदिन दोगुने करते हुए 8 नवंबर को 1024 अर्घ्य चढाएं जाएंगे।

इसके बाद इसी दिन दोपहर में समस्त विश्व की शांति एवं भारत की समृद्धि के लिए हवन भी किया जाएगा। जैन समाज द्वारा भक्ति भाव से उत्साह पूर्वक पूजा अर्चना करते हुए प्रतिदिन यह अर्घ्य समर्पित किए जा रहे हैं। सिद्धचक्र विधान की सफलता के लिए विधानकर्ता 21000 जाप का संकल्प लेकर प्रतिदिन जाप भी कर रहे हैं । व्यवस्थाओं में कुंदन लाल, नरेंद्र जैन का श्री पार्श्व नाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति एवं समस्त महिला मंडल सहयोग कर रहा है।

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