परंपरा के अनुसार 9 डोकरी की आकृति बनाई:दीवारों पर मंगल आकृतियां बना रहीं बालिकाएं

नरसिंहगढ़7 दिन पहले
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लोक प्रशासन संझावली का अंतिम दौर चल रहा है। सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के साथ 24 अक्टूबर को इसका समापन हो जाएगा। बालिकाएं रोज शाम को दीवार पर गोबर, फूल, पत्ते, कुमकुम और हल्दी से मंगल आकृतियां बना रही हैं। रोज शाम को शहर के अलग-अलग हिस्सों में मधुर संझावली गीत के स्वर गूंजते हैं।

रविवार को बालिकाओं ने परंपरा के अनुसार 9 डोकरी (9 बुजुर्ग महिलाएं) की आकृति बनाई और उन्हें भोग, प्रसाद लगाकर आरती उतारी। संझावली मालवा अंचल का प्राचीन लोक पर्व है, जिसे छोटी बालिकाएं और कुंवारी युवतियां अपने परिवार और देश की मंगल कामना के साथ करती हैं। विवाह के बाद इस का उद्यापन कर विसर्जन कर दिया जाता है।

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