MP में दबंगों ने नहीं निकलने दी दलित की बारात:गांव में घुसने से रोका, टेंट उखाड़ा; पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने आंसू गैस दागी

राजगढ़3 महीने पहले

जिस गांव में कुछ महीने पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दलित महिला के हाथों बेर खाए थे, उसी गांव में दलितों पर रविवार रात दबंगों का कहर देखने को मिला। यहां धूमधाम से बेटी की शादी करना एक दलित परिवार को महंगा पड़ गया। इन्होंने लड़की की शादी में इतना कहर ढाया कि टेंट उखाड़ दिए, बिजली काट दी और गांव में बारात नहीं घुसने दी। पुलिस पहुंची तो उस पर भी पथराव कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

खबर आगे पढ़ने से पहले इस पोल पर अपनी राय दे सकते हैं...

घटना के बाद जिलेभर की पुलिस गांव पहुंच गई। इसके बाद खाकी के साए में दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर गांव में दाखिल हुआ। जिसके बाद दलित बस्ती में डीजे के साथ बारात निकली और रात करीब 3 बजे एक स्कूल में बारातियों को खाना खिलवाया गया। फिर लड़की के घर पर 7 फेरों की रस्म अदा की गई।

डीजे पर बारात निकालने को लेकर भड़के दबंग
राजगढ़ जिले के जीरापुर थाना क्षेत्र के गांव पिपलिया कलां में अनीता पिता बिरमसिंह की शादी रविवार रात को होनी थी। गांव में ऐसी कुप्रथा है कि दलित दूल्हा घोड़ी पर बैठकर डीजे के साथ बारात नहीं निकाल सकता। इसी वजह से शनिवार को दूल्हे के परिजनों ने थाने पर आवेदन देकर डीजे के साथ बारात निकालने की बात कही थी। थाने पर आवेदन देने का पता चलते ही दंबग आक्रोशित हो गए। उन्होंने लड़की के घर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया।

बिगड़े हालात के बाद बारात को छापीहेड़ा गांव में रोका
शाम होते-होते शादी के लिए खेत पर लगे टेंट को उखाड़ फेंका। आवदेन मिलने पर पुलिस भी शाम को करीब 7 बजे सुरक्षा की दृष्टि से वहां पहुंच गई, लेकिन तब तक हंगामा शुरू हो चुका था। रात करीब 9 बजे राजगढ़ के पाटन खुर्द गांव से राहुल पिता कंवरलाल मेघवाल बारात लेकर गांव से करीब 12 किमी दूर छापीहेड़ा गांव पहुंच चुका था। हालात को देखते हुए पुलिस ने बारात को छापीहेड़ा गांव में ही रोक दिया।

दलित बस्ती में पुलिस के साये में ही कुछ दूरी के लिए बारात निकली।
दलित बस्ती में पुलिस के साये में ही कुछ दूरी के लिए बारात निकली।

दलित बस्ती की बिजली भी कटवा दी
हंगामे के बीच दलित बस्ती की बिजली काट दी गई। साथ ही धमकाया कि यदि बारात गांव में घुसी तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। पुलिस गांव में घूमी तो उन्हें भगाने के लिए पथराव शुरू हो गया। मामला बिगड़ता देख पुलिस टीम ने और फोर्स भेजने की मांग की। इस पर चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। इतना ही नहीं एसपी प्रदीप शर्मा और कलेक्टर हर्ष दीक्षित भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद तत्काल बिजली चालू करवाई गई। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए 25 आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

पुलिस के पहरे में दूल्हा ससुराल पहुंचा और शादी की रस्में शुरू हुईं।
पुलिस के पहरे में दूल्हा ससुराल पहुंचा और शादी की रस्में शुरू हुईं।

पुलिस के पहरे में निकली बारात
हालात सामान्य होने पर छापीहेड़ा में रुकी बारात को गांव में एंट्री दी गई। दूल्हा पुलिस जीप में गांव पहुंचा। छावनी बने गांव में आधी रात कुछ दूरी तक पुलिस के पहले में बारात निकली और दूल्हा घोड़ी चढ़ा। दलित बस्ती से निकली बारात गांव के एक स्कूल में पहुंची और वहां पर सभी को खाना खिलाया गया। इसके बाद फेरे करवाकर बारात को विदा किया गया।

पुलिस की जीप में बैठकर दूल्हा गांव के भीतर दाखिल हुआ।
पुलिस की जीप में बैठकर दूल्हा गांव के भीतर दाखिल हुआ।

22 आरोपियों पर FIR
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि रविवार रात को दलित की शादी में बवाल करने और पुलिस टीम पर पथराव करने वाले पिपलिया कला गांव के 22 लोगों पर जीरापुर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गांव में शस्त्र के लाइसेंस निरस्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है।

चार थानों का बल गांव में पहुंचा, जिसके बाद यहां का नजारा छावनी जैसा नजर आया।
चार थानों का बल गांव में पहुंचा, जिसके बाद यहां का नजारा छावनी जैसा नजर आया।
जनवरी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पिपलिया कलां गांव की दलित महिला के हाथों से बेर खाए थे।
जनवरी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पिपलिया कलां गांव की दलित महिला के हाथों से बेर खाए थे।

शिवराज ने खाए थे बेर
पिपलिया कलां गांव तब सुर्खियों में आया था, जब पिछले साल नवंबर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने यहां से कांग्रेस की जनजागरण पदयात्रा की शुरू करवाई थी। इसी गांव में 29 जनवरी 2022 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जिले की वृहद नल-जल योजना की शुरुआत की। उस वक्त उन्होंने गांव की एक दलित महिला के हाथों से बेर खाए थे। तब उन्होंने कहा था- यह तो शबरी के बेर हैं।