अब किस्त कैसे भरे?:प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से लिया था लोन, अवैध अतिक्रमण में गुमटी व्यवसायों को नपा ने हटाया

आलोटएक महीने पहले
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साल 2017 में दुकानों को हटाकर आलोट तहसील कार्यालय के पास विस्थापित किया था। यहां व्यवसाय करने वाले 15 दुकान स्ट्रीट वेंडर योजना क तहत ऋण लेकर व्यवसाय कर ही रहे थे कि एक बार फिर 27 अप्रैल को हुई कार्रवाई में ये दुकाने हटा दी गई। ऐसे में इन दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। जिससे उनके सामने ऋण की किस्तें चुकानें की समस्या खड़ी हो गई है। इनमें ज्यादातर फोटो कॉपी, टाइपिंग और चायपानी की दुकानें हैं।

इन दुकानदारों का आरोप है कि अतिक्रमण के नाम पर मात्र गुमटी धारियों को ही आलोट नगर में निशाना बनाया गया। जबकि वास्तविक बात तो यह है कि बड़ी-बड़ी मगरमच्छ अब भी अतिक्रमण से वंचित हैं। नगर में कई अतिक्रमणकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। एक तरफ गरीब व्यवसायियों का व्यवसाय छीन चुका है। जिसकी वजह से उन्हें अपने परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। अतिक्रमण के कारण कारगिल चौराहे से लगाकर तहसील परिसर तक के गुमटी धारियों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। वे अब मजबूरी में चिलचिलाती धूप में ठेला गाड़ी पर व्यवसाय करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

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