पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अतिक्रमण से संकरी हुई सड़कें, गड़बड़ाई ट्रैफिक व्यवस्था:शहर के बीच से गुजर रहे भारी वाहनों से सड़कें हो गईं खराब, हो रहे हैं हादसे

गरोठ8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
मुख्य मार्गों पर इस तरह भारी वाहनों के चलते बनती है जाम की समस्या। - Dainik Bhaskar
मुख्य मार्गों पर इस तरह भारी वाहनों के चलते बनती है जाम की समस्या।

दो सालों से नगर की ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी हुई है। अतिक्रमण भी बढ़ता जा रहा है। 2-3 वर्षो से नगर में ट्रैफिक लोड बढ़ गया है। एक वजह निर्माणाधीन दिल्ली-मुम्बई 8 लेन एक्सप्रेस वे है। जिसके चलते भारी भरकम ट्रक, डंपर, ट्राले शहर के प्रमुख बाजार से होकर निकलते हैं। ऊपर से बिना परमिट के सीमेंट के कैप्सूल शहर के मध्य से गुजरते हैं, जिससे जाम की समस्या बनती है। नगर के प्रमुख मार्गों बोलिया रोड, शामगढ़ रोड, कुरैशी हॉस्पिटल, खड़ावदा रोड, मोबाइल मार्केट, शहीद चौक, मुख्य बस स्टैंड, सहित भानपुरा रोड पर दिनभर जाम की समस्या बनती रहती है। 7 दिनों में 15 से अधिक दुर्घटनाएं हो गई हैं।

भानपुरा रोड पीडब्ल्यूडी कार्यालय से आगे 3 सालों से रोड खराब है। यहां मौजूद मैकेनिक आजाद मेव की माने तो रोजा एक्सीडेंट होते हैं। 3 दिन में दो बार कारों की भिड़ंत हो चुकी हैं हालांकि किसी को ज्यादा चोट नहीं आई है। सड़कें व गड्ढे भरे रोड से हालात खराब है।

अपना सामान सड़कों पर रखकर वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रहे दुकानदार

शहर में ऐसे हैं हालात

  • अस्पताल चौराहा से बस स्टैंड तक का रोड भले 300 मीटर लम्बा हो लेकिन पल-पल पर जाम लगता है। यह मात्र 15 फीट चौड़ा है। बस स्टैंड होने के कारण हर 5 मिनट में बस निकलती है, फिर ऊपर से ट्रक और सैकड़ों मोटरसाइकिल का दबाब होने से जाम लगता है।
  • 80 फीट चौड़ा शहीद चौक अतिक्रमण के चलते 8 फीट नहीं बचा। अब यहां से सीमेंट के कैप्सूल, डंपर, ट्रकों के निकलने के चलते जाम तो ठीक लेकिन प्रमुख बाजार, सब्जीमंडी और चौराहा होने के कारण दुर्घटनाएं होती हैं।
  • भानपुरा रोड से बस स्टैंड में प्रवेश के दौरान रोज बाइक सवार गिर रहे हैं। यहां किराना और हाथ ठेले वालों का अतिक्रमण होने से पैदल चलना मुश्किल है।

ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए चर्चा करेंगे
नगर परिषद की मीटिंग में एसडीएम और नगर परिषद अधिकारियों से मिलकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए चर्चा करेंगे।
- महेंद्र तारणेकर, एएसपी गरोठ

खबरें और भी हैं...