पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ratlam
  • Jaora
  • After Discussion With Digvijay Singh, The Assurance Received From The Collector, Will Compensate For The Loss And Give Relief, Then The Farmers Got Up

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

वन विभाग:दिग्विजयसिंह से चर्चा के बाद कलेक्टर से मिला आश्वासन, नुकसान की भरपाई के साथ मोहलत भी देंगे, तब उठे किसान

जावरा11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

रियावन मगरे पर अतिक्रमण की गई शासकीय भूमि पर लगी हरी-भरी फसलें रौंदने के बाद से राजनीति गरमा गई। मंगलवार दिनभर कांग्रेस नेता किसानों को साथ लेकर मैदान में रहे। एक गुट ने एसडीएम के साथ मौके पर जाकर भरपाई की बात कही। दूसरे गुट ने किसान परिवारों को लेकर एसडीएम कार्यालय परिसर में धरना दिया। रात 8 बजे तक धरना चला। आखिर में पूर्व सीएम दिग्विजयसिंह ने कलेक्टर से बात की। फिर उन्होंने किसान नेता डीपी धाकड़ को फोन लगाकर कलेक्टर से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए धरना खत्म करने के लिए कहा। रात में एसडीएम भी वापस धरनास्थल पहुंचे और फसलों के नुकसान की भरपाई के साथ ही कब्जेधारी किसानों को बेदखली से पहले सुनवाई का एक और अवसर देने की बात कही। तब जाकर किसान धरने से उठे। ग्राम रियावन में रानीगांव मगरे पर सोमवार को पिपलौदा नायब तहसीलदार ने पुलिस व पटवारी के साथ पहुंचकर करीब 20 बीघा की लहसुन, गेहूं, चना व सरसों फसल नष्ट कर दी थी। तब से ही कांग्रेस नेता किसानों को संग लेकर भरपाई की मांग कर रहे थे। मंगलवार को फिर से कांग्रेस नेता नीतिराज सिंह, वरुण श्रोत्रिय, वीरेंद्रसिंह सोलंकी, मोहन सैनी, माणक चपड़ोद, पप्पू चारोड़िया, सुशील कोचट्‌टा, फिरोज काजी, प्रेमसुख पाटीदार, गुड्‌डू पठान, नरेंद्रसिंह चंद्रावत व बालूदास बैरागी समेत अन्य नेता रियावन मगरे पर पहुंचे। जहां एसडीएम राहुल धोटे भी गए और किसानों से चर्चा की तथा मौका स्थिति देखी। वहां एसडीएम ने कहा हम उचित निराकरण करेंगे और किसान संतुष्ट हो गए यह कहकर वे वापस आ गए। इधर किसान नेता डीपी धाकड़, भगवतीलाल पाटीदार, रमेश धाकड़, मुकेश हरा, समरथ धाकड़, नानालाल धाकड़ सहित अन्य प्रभावित किसान परिवारों को लेकर एसडीएम कार्यालय के बाहर परिसर में धरने पर बैठ गए। इनका कहना था अधिकारी स्पष्ट करें कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करेंगे और जो बचे हुए किसान है, उनका नुकसान नहीं करेंगे। इस बीच रतलाम से पूर्व महापौर एवं पूर्व विधायक पारस सकलेचा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश भरावा भी धरनास्थल पहुंच गए। धाकड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को फोन लगाकर वस्तुस्थिति बताई। थोड़ी देर बाद पूर्व मुख्यमंत्री सिंह का फोन वापस आया और उन्होंने कहा कि मेरी कलेक्टर से बात हो गई है। उन्होंने सब सेटल होने की बात कही है। इस बीच एसडीएम भी फिर से किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने भी कहा कलेक्टर से चर्चा हुई है। गुरुवार दोपहर किसानों से व्यक्तिगत बात करेंगे। जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई करेंगे। वहीं जो किसान काबिज हैं, उन्हें बेदखली से पहले सुनवाई का अवसर देंगे। प्रयास करेंगे कि कोई परेशान नहीं हो। इसके बाद धरना खत्म हो गया।

भूमि वन विभाग को देना थी, अतिक्रमण के कारण प्रशासन ने रौंदीं फसलें

रतलाम-बाजना रोड बनने से वन विभाग की जमीन चली गईं। इसके बदले रियावन में 3.5 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को देने का प्रस्ताव कलेक्टर ने किया। वन अफसर रियावन में मौका देखने पहुंचे तो इन्हें किसानों का कब्जा दिखा। इसलिए वन विभाग ने कहा कि हमें अतिक्रमण रहित भूमि चाहिए। फिर प्रशासन ने आव देखा ना ताव दल-बल के साथ बुलडोजर व ग्रेडर मशीन भेजी व हरी-भरी फसलें रौंद दीं। हालांकि ये दांव प्रशासन पर भारी पड़ गया।

सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के लिए भी प्रशासन जिम्मेदार, अब समस्या नासूर बनी

केवल रियावन ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में सैकड़ों बीघा सरकारी जमीनों पर लोगों के कब्जे हैं। वहां तो किसान खेती कर रहे थे लेकिन नगर में भी कई सरकारी बेशकीमती जमीनों पर भूमाफिया के कब्जे हैं। आलोट क्षेत्र में छह महीने पहले ही तत्कालीन एसडीएम एमएल आर्य ने 100 बीघा सरकारी भूमि जो रिकाॅर्ड में भी निजी हो गई थी, उसका कब्जा छुड़ाकर इसे वापस सरकारी रिकाॅर्ड में दर्ज करवाई। या यूं कहें कि हर गांव व कस्बे में ये समस्या है। इसके लिए खुद सरकारी मशीनरी जिम्मेदार है। जब अतिक्रमण होता है तब रोकते नहीं और पटवारी एवं पंचायतकर्मी उन कब्जेधारियों की जुर्माना रसीदें काटकर ये आश्वासन देते हँ कि ये रसीदें भविष्य में तुम्हें मालिकाना हक दिलाएंगी। यहां धरने पर बैठे किसान भी बोले कि हमने ज्यादा रुपए लिए और जुर्माना रसीदें कम की दीं। वे ये ही रसीदें दिखाकर जमीन पर हक जता रहे थे। कई बार तो ऐसे गैरजरूरतमंद लोगों को भी सरकारी जमीन का कब्जा या पट्‌टा खुद प्रशासन दे देता है जिन्हें देखकर दूसरे भी कब्जा करते हैं। इसी तरह ये समस्या नासूर बन गई और अब इससे पार पाने की स्थिति में ना शासन है ना ही प्रशासन। यहां प्रशासन की गलती रही कि खड़ी फसल रौंद दी।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज कोई लाभदायक यात्रा संपन्न हो सकती है। अत्यधिक व्यस्तता के कारण घर पर तो समय व्यतीत नहीं कर पाएंगे, परंतु अपने बहुत से महत्वपूर्ण काम निपटाने में सफल होंगे। कोई भूमि संबंधी लाभ भी होने के य...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser