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कॉलोनाइजर:जिस कॉलोनी में नपा ने नामांतरण किए उसे अवैध बता दर्ज करवा दी एफआईआर

जावरा8 महीने पहले
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  • दो कॉलोनी प्रकरणों में कॉलोनाइजर गंगवाल को भी मिली अग्रिम जमानत

अवैध, अविकसित कॉलोनी मामले में एक और कॉलोनाइजर को दो अलग-अलग प्रकरणों में न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है। इन प्रकरणों में कॉलोनाइजर संजय गंगवाल की तरफ से एडवोकेट प्रकाश मेहरा, मनोहर बनोपा व पिंकेश मेहरा ने बताया कि अग्रिम जमानत अर्जी आवेदन की सुनवाई के दौरान पक्ष रखा कि नपा ने जिस भूमि सर्वे नंबर 1/32, 1/33 व 1/34 पर संजय कॉम्प्लेक्स को अवैध बताते हुए एफआईआर दर्ज करवाई है। उसमें खुद नपा ने भवन नामांतरण किए। नपा ने ही वहां नल कनेक्शन दे रखे हैं। संपत्तिकर व जलकर भी वसूल रही है। सड़क, नाली, बगीचा व ट्यूबवेल भी है। कलेक्टर कार्यालय के कॉलोनी सेल द्वारा 5 जुलाई 2018 को वैध कॉलोनियों का अंतिम प्रकाशन किया था, उसमें क्रमांक 7 व 8 में उक्त सर्वे नंबरों की कॉलोनी को वैध घोषित किया है। बावजूद कॉलोनी को अवैध बताकर प्रकरण दर्ज करके सिर्फ कॉलोनाइजर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। संजय कॉम्प्लेक्स के पास अन्य सर्वे नंबर की एक और कॉलोनी के मामले में भी संजय गंगवाल पर केस दर्ज हैं लेकिन इसमें भी वही तर्क दिए हैं। हालांकि दोनों मामलों में प्रशासन की तरफ से अपर लोक अभियोजक प्रवीणसिंह सोलंकी ने आपत्ति दर्ज करवाते हुए जमानत अर्जी निरस्त करने की तर्क दिया। वहीं नपा की तरफ से इंजीनियर महेशचंद सोनी ने भी वीसी के जरिए कोर्ट में पक्ष रखा है। इन तर्कों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने काॅलोनाइजर संजय गंगवाल को 5 लाख की प्रतिभूति व इतनी ही राशि के मुचलके पर जमानत मंजूर की है। संजय के खिलाफ ही एक अन्य मामला और दर्ज है और इसमें अग्रिम जमानत आवेदन पर सुनवाई 19 अक्टूबर को होना है। वहीं दो अन्य प्रकरणों में राहुल ओस्तवाल व आसिफ मिर्जा की जमानत अर्जी पर 15 अक्टूबर को सुनवाई होगी। बता दें कि कुल 10 कॉलोनी मामलों में 10 अलग-अलग एफआईआर हुई थी। इनमें से 5 मामलों में कॉलोनाइजरों को जमानत मिल चुकी है।

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