रामद्वारा परिसर में धर्मसभा का आयोजन:जगदगुरु रामदयाल महाराज ने कहा- जिदंगी दो दिन की, फिर भी सामान सौ वर्ष का सजा लिया

जावरा10 दिन पहले

बुधवार दोपहर को रामद्वारा परिसर में धर्मसभा का आयोजन हुआ। रामस्नेही संप्रदाय के जगदगुरु पूज्य रामदयाल जी महाराज ने कहा कि सभी जानते हैं कि शरीर नश्वर हैं। संसार में कोई सार नहीं सब कुछ यहीं छोड़कर जाना हैं, लेकिन फिर भी इसमें उलझा रहता है।

उन्होंने कहा कि बिना राम कृपा के कोई भी इस माया से पार नहीं पा सकता। जिदंगी दो दिन की, लेकिन व्यक्ति सामान सौ बरस का सजा रहे। रामद्वारा जावरा के महंत रामनिवासजी महाराज के देवलोकगमन पर श्रद्धांजलि भी दी गई।

धर्मसभा में महाराज श्री ने कहा रामनिवास महाराज ने रामद्वारा की लंबे समय तक सेवा की। रामद्वारा तीर्थ भूमि है। बिना राम कृपा के भक्ति मिलना संभव नहीं हैं। सभी जानते हैं पर अपनाते नहीं। परमात्मा से मिलन के लिए जगत से पलटना पड़ेगा। जब तक व्यक्ति को ये समझ में आता है, तब तक समय निकल जाता हैं, इसलिए समय पर जाग जाओ।

27 व 28 जनवरी को होगा तेरहवीं का कार्यक्रम

महाराज श्री ने रामद्वारा की सेवा में लगे रहने वाले संत रामनारायण महाराज की सराहना की। ब्रह्मलीन रामनिवास महाराज की तेरहवीं का कार्यक्रम 27 व 28 जनवरी को होगा। जगद्गुरु रामदयाल महाराज श्रद्धालुओं को आशीर्वाद व ब्रह्मलीन महाराज को श्रद्धांजलि देने आए थे। इस दौरान संत रामनारायण महाराज, संत अंकुशराम,‌ संत रामसुमिरन, संत नयनाराम, संत माणकराम व श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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