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अपहरण:सरपंच पति के साले के बेटे के अपहरण की कहानी का पर्दा नहीं उठा सकी पुलिस

जावराएक महीने पहले
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पीपलखेड़ी सरपंच राजकुंवर के पति नागेंद्रसिंह डोडिया को ढूंढकर भी पुलिस यह पता नहीं लगा पाई कि सरपंच पति के साले के 8 वर्षीय बेटे का अपहरण किसने और क्यों किया था। पुलिस ने सिर्फ सरपंच पति को तलाश कर ये कहते हुए इतिश्री कर ली कि उस पर कर्ज ज्यादा हो गया था। ये चुकाने के लिए उसे जमीन बेचना थी और परिवार राजी नहीं था। उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची।

जबकि इससे बड़ा मामला तो साले के बेटे के अपहरण की कहानी का है जिसका वास्तव में अपहरण हुआ या वह घटनाक्रम इसी कहानी का हिस्सा है। अब सवाल ये उठ रहे हैं कि यदि वास्तव में उस बच्चे का अपहरण हुआ था तो आरोपियों तक पहुंचने का कोशिश क्यों नहीं की गई।शनिवार को ताल थाना पुलिस ने एक प्रेसनोट जारी करते हुए यह बताया कि 3 फरवरी की शाम 5 बजे से लापता सरपंच पति नागेंद्रसिंह डोडिया (50) निवासी लखनेटी को पुलिस ने महिदपुर सिटी में गोपालकृष्ण गोशाला के सामने से ढूंढ लिया।

पुलिस ने कहा कि नागेंद्र के बेटे कुलराज ने रिपोर्ट लिखवाई थी कि पिता नागेंद्र सिंह 3 फरवरी की सुबह मेरे मामा जीवनसिंह निवासी ग्राम बेरछा से मिलने के लिए वहां गए थे। वे सुबह 9 बजे बाइक से घर से निकले और बेरछा से मिलकर वापस लौटते वक्त ग्राम मंडावल में रुके। वहां से शाम 5 बजे उन्होंने फोन कर बताया था कि मैं मंडावल तक आ गया हूं और चाय पीकर घर आता हूं। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हुआ और हम मौके पर गए तो वहां केवल बाइक खड़ी थी। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज करके जांच शुरू कर की।

ताल, आलोट, बरखेड़ाकलां और कालूखेड़ा थाना प्रभारी के नेतृत्व में चार पुलिस टीमें बनाकर सर्चिंग शुरू की और शुक्रवार रात महिदपुर सिटी से नागेंद्रसिंह को ढूंढ निकाला। पुलिस ने बताया कि नागेंद्रसिंह के 10 से 12 लाख रुपए का कर्ज हो गया था। उसे चुकाने के लिए वह परेशान था। इसलिए उसने खुद ही मंडावल में बाइक खड़ी की और फिर खुद के लापता होने की कहानी बनाकर वह बस में बैठकर नागदा, महिदपुर, आलोट, चौमहला, मंदसौर, शामगढ़, बड़ौद घूमते हुए वापस महिदपुर सिटी आ गया। इस बीच उसने नई सिम खरीदी और परिवार को गुमराह करता रहा।

उसने परिजन को अपहरण की कहानी सुनाकर पैसों की बात कही ताकि घर वाले जमीन बेच कर पैसों का इंतजाम कर दें और वह कर्जा उतार पाए। इस घटनाक्रम के साथ ही नागेंद्र के अपहरण की कहानी का पर्दा तो उठ गया लेकिन 10-12 दिन पहले 24 जनवरी को नागेंद्र के साले जीवनसिंह के बेटे जयदीप के अपहरण की जो कहानी है, उसका खुलासा अब तक नहीं हुआ है। मामले में ताल थाना प्रभारी अमित सारस्वत का कहना है अभी सरपंच पति नागेंद्रसिंह घबराया हुआ है। इसलिए ज्यादा पूछताछ नहीं की। नागेंद्र के साले जीवन के बेटे जयदीप के अपहरण की कहानी केवल परिजन के बीच थी।

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