सिटी-चाैपाटी रोड रेलवे क्रॉसिंग / सालभर पिछड़े ओवरब्रिज को फिर गति देने की तैयारी, 29 को शिफ्ट करेंगे बिजली की लाइन

Preparation to revive backward overbridge throughout the year, will shift power line to 29
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Preparation to revive backward overbridge throughout the year, will shift power line to 29

  • काम शुरू करने में 3 चुनौतियां, लाइन डालना, मुआवजा देना व लेबर जुटाना

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

जावरा. नगर में सिटी-चाैपाटी रोड रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनना है लेकिन ये प्रोजेक्ट टेंडर पीरियड में पूरा नहीं होगा। पहले साइड क्लीयर नहीं होने से समय पर काम शुरू नहीं हुआ और फिर लॉकडाउन फंस गया। इस तरह सालभर पिछड़ चुके ब्रिज प्रोजेक्ट को अब फिर से गति देने की तैयारी प्रशासन ने शुरू कर दी है। 

एसडीएम ने सेतु निगम, बिजली कंपनी, ब्रिज निर्माण काॅन्ट्रैक्टर कंपनी के साथ ही अन्य अफसरों की बैठक ली और ब्रिज का काम आगे बढ़ाने पर बात की। हालांकि ये इतना आसान नहीं क्योंकि काम शुरू करने में 3 प्रमुख चुनौतियां हैं। पहली चुनौती थाना रोड की बिजली लाइन शिफ्टिंग है। दूसरी समय पर मुआवजा बांटकर साइड क्लियर करने की और तीसरी है काॅन्ट्रैक्टर के लेबर की। ज्यादातर मजदूर लॉकडाउन में फंस गए, इन्हें वापस लाना मुुुश्किलभरा है।

सामान्य दिनों में पैसेंजर के साथ ही मालगाड़ी की आवाजाही ज्यादा होने से फाटक औसत हर आधे घंटे में बंद होता है। इससे बार-बार जाम लगता और लोग परेशान होते हैं। लॉकडाउन में 51 दिन पैसेंजर ट्रेनें बंद रहीं और मालगाड़ी भी इक्का-दुक्का ही निकली तो ना फाटक लगा और ना लोग अनावश्यक बाहर निकले। लॉकडाउन 4.0 में ढील के बाद जहां ट्रेनों की आवाजाही बढ़ गई वहीं लोग फिर से काम-धंधे पर लौट आए। यानी फाटक भी बार-बार बंद होने लगा और जाम भी लग रहा है। अभी 43 डिग्री तापमान में फाटक पर इंतजार करना भी मुश्किल हो रहा है इसलिए सभी को स्थायी समाधान का इंतजार है जो ओवरब्रिज बनने से ही संभव है। विडंबना रही कि राजनीतिक खींचतान और फिर प्रशासनिक लापरवाही के चलते जो ब्रिज अब तक बन जाना था, उसका काम जहां से शुरू हुआ था, वहीं पर रुक भी गया।

जब तक साइड क्लियर नहीं करेंगे तब तक प्रोग्रेस मुश्किल
बैठक और बयानों में भले ही प्रोग्रेस की बात कही जा रही है लेकिन वास्तव में तो जब तक थाना रोड की बिजली लाइन शिफ्ट नहीं होगी और प्रभावित 36 मकान-दुकानों का मुआवजा बांटकर इन्हें तोड़कर साइड क्लियर नहीं करेंगे, तब तक ब्रिज प्रोग्रेस नहीं करेगा। करीब 15 करोड़ से ज्यादा मुआवजा बंटना है और सारी तैयारी हो गई लेकिन अब तक प्रभावितों के बैंक खातों की डिटेल्स नहीं जुटाई जा सकी। दस्तावेज जुटाने के साथ ही सत्यापन में ही पखवाड़ाभर लग जाएगा। मुआवजा बांटने से लेकर लाइन शिफ्टिंग में मई निकल जाएगा और काम शुरू करने की बारी आएगी और बारिश आ जाएगी। बारिश में काम तो शुरू हो जाएगा लेकिन रफ्तार नहीं मिल पाएगी।

जून में शुरू करेंगे- सेतु निगम
सेतु निगम एसडीओ आरपी गुप्ता, इंजीनियर एमएल श्रीवास्तव एवं ब्रिज निर्माण काॅन्ट्रैक्ट कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर देवांग भावसार, एसडीएम राहुल धोटे से मिले। लाइन शिफ्टिंग व मुआवजा बांटकर साइड क्लियर करने की मांग की। एसडीएम ने बिजली कंपनी डीई एमके मेड़ा को बुलाया तो डीई ने शिफ्टिंग के लिए 29 मई को परमिट देना बताया है। कंपनी डीई मेड़ा ने कहा 29 को जितना काम हो जाए, वह करें। फिर आगे की तैयारी कर हमें बताएं तो अगली तारीख का परमिट दे देंगे। वहीं सेतु इंजीनियर एमएल श्रीवास्तव ने कहा मुआवजे की फाइल तैयार है। केवल प्रभावितों के बैंक खाते की डिटेल्स जुटाना बाकी है और इसे लेकर भी एसडीएम ने हमें आश्वस्त किया है कि 31 मई तक ये काम हो जाएगा। इसलिए काॅन्ट्रैक्टर ने भी जून में काम शुरू करने की बात कही है।

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