पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

नहीं बंटेगा:आज से सावन शुरू, भगवान का दूर से करना पड़ेगा जलाभिषेक

जावराएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • 450 साल पुरानी है जागनाथ महादेव की प्रतिमा, भक्तों की आस्था का केंद्र है मंदिर
  • कोरोना के चलते शिवालयों की व्यवस्था बदली

आज पहला सावन सोमवार है। नगर के पूल बाजार स्थित जागनाथ महादेव मंदिर में दर्शन के लिए भक्त जुटेंगे। लेकिन भक्तों को भगवान का आशीर्वाद दूर से ही लेना पड़ेगा। क्योंकि उन्हें मंदिर के गर्भ में जाने की इजाजत नहीं है। मंदिर जितना प्राचीन हैं उसकी प्रतिमा का भी अपना इतिहास है। प्रतिमा 450 साल पुरानी है। इसलिए मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है। सुबह अभिषेक से लेकर शाम को आरती होगी। लेकिन भक्तों को इस बार फिजिकल डिस्टेंसिंग रखना होगी। शाम को बाबा जागनाथ का भव्य शृंगार होगा।
इस बार श्रावण मास की शुरुआत ही सोमवार से हो रही है। ऐसे में भक्त भी इस श्रावण को अपनी पूरी आस्था के साथ मनाएंगे। नगर में 10 से अधिक शिव मंदिर है, जहां भक्त जुटते हैं। इस बार भीड़ से बचने के लिए लोग अपने शिव मंदिरों पर जाकर आस्था प्रकट करेंगे। प्रशासन ने पहले ही श्रावण की तैयारी को लेकर मंदिर समिति को निर्देशित कर दिए हैं। ऐसे में भक्त बाहर से ही बाबा का अभिषेक, पुष्प अर्पित कर सकेंगे। कोविड-19 के कारण मंदिरों पर होने वाले अनुष्ठानों पर पाबंदी रहेगी। याने कोई भगवान को छू नहीं पाएंगे। श्रावण मास में मंदिर पर प्रत्येक सोमवार को भगवान का विभिन्न रूपों में मनभावक शृंगार होगा। श्री जागनाथ महादेव भक्त मंडल बीएम ग्रुप के संस्थापक सुनील मिनर्वा ने बताया 1992 में बीएम ग्रुप शुरू हुआ था। इसके बाद से ग्रुप अपनी सेवाएं मंदिर में दे रहा है। पूरे श्रावण मास में अभिषेक, पूजन व भजन कीर्तन आदि होते हैं। श्रावण के पहले सोमवार को भगवान जागनाथ का मावे से शृंगार होगा। शिवलिंग की खास बात ये हैं कि प्रतिमा का दूध, दही सहित पंचामृत से अभिषेक होने के बाद भी शिवलिंग के आकार में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है और यही मंदिर की प्राचीनता व प्रतिमा के चमत्कारिक स्वरूप को दर्शाता है।
सावन का पहला सोमवार आज, मंदिरों पर होगी आरती

सावन का आज पहला सोमवार है। जागनाथ महादेव मंदिर सहित अन्य शिवालयों की आकर्षक विद्युत सज्जा की है। सोमवार को भक्तों का तांता लगेगा। सुबह अभिषेक व पूजा होगी। शाम को महआरती होगी। इसके साथ ही लंकेश्वर महादेव मंदिर, नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, अमरनाथ महादेव मंदिर, पीपलेश्वर महादेव मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर सहित अन्य शिवालयों पर धार्मिक आयोजन होंगे।

450 साल पुराना है शिवलिंग
शिवलिंग 450 साल पुराना है। जागनाथ का शिवलिंग स्वयंभू है। पहले मंदिर एक टापू पर बना हुआ था। मंदिर में जाने का रास्ता तलघर से होकर था। इसके बाद समय अनुसार पीढ़ी दर पीढ़ी मंदिर की भव्यता बढ़ती गई। इस दरमियान मंदिर का चार बार जीर्णोद्धार हुआ। इसे बड़े शंकर मंदिर के नाम से भी पहचाना जाता है।

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज पिछली कुछ कमियों से सीख लेकर अपनी दिनचर्या में और बेहतर सुधार लाने की कोशिश करेंगे। जिसमें आप सफल भी होंगे। और इस तरह की कोशिश से लोगों के साथ संबंधों में आश्चर्यजनक सुधार आएगा। नेगेटिव-...

और पढ़ें