शादी-ब्याह:शादियों में 6 दिन ही बचे, 14 से लगेगा एक माह का ब्रेक, पिछले साल की कसर पूरी

जावरा2 महीने पहले
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साल के आखिरी मुहूर्त में जमकर हो रही शादियां। - Dainik Bhaskar
साल के आखिरी मुहूर्त में जमकर हो रही शादियां।
  • दिसंबर में 100 से अधिक जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे, फिर 22 जनवरी 2022 से हाेंगी शादियां

साल 2021 में विवाह मुहूर्त गिनती के ही बाकी रह गए हैं, जो अगले 6 दिन में पड़ रहे हैं। इसमें आखिरी के एक-दो दिन खूब शादियां होंगी। साल का आखिरी मुहूर्त 13 दिसंबर को है। इसके बाद 14 दिसंबर से मलमास लग जाएगा और मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लगेगा। एक माह तक शहनाई नहीं बजेगी। वर-वधू को महीनेभर इंतजार करना होगा। इसके बाद सीधे नए साल में 22 जनवरी को पहला मुहूर्त मिलेगा, जिसमें वर-वधू परिणय सूत्र में बंधेंगे।

कोरोना के चलते इस साल के शुरुआत में ज्यादातर शादियां टल गई थी। महामारी में राहत के बाद प्रतिबंधों में छूट के कारण साल के आखिरी महीने के बचे मुहूर्तों में शादियां खूब होने वाली है। 14 नवंबर को देवउठनी ग्यारस के साथ शादियों का सिलसिला शुरू हो गया था, जो 13 दिसंबर तक जारी रहेगा।

रिसेप्शन के लिए सभी हॉल की बुकिंग फूल है। आयोजक खुलकर लोगों को बुला रहे हैं। पिछले साल बाजार में पड़ने वाला असर इस बार कम हुआ ज्योतिषाचार्य पंडित श्याम शर्मा ने बताया आखिरी मुहूर्त शीर्ष मास में पड़ रहे हैं। धार्मिक दृष्टिकोण से इस मास का अत्यंत शुभ माना गया है। इस साल की शादियां का आखिरी सीजन 6 दिन और है। 14 दिसंबर को धनु सक्रांति के चलते मलमास लग जाएगा।

शादी-समारोह करने वालों को जनवरी-फरवरी में संक्रमण बढ़ने से लॉकडाउन का डर

कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन व तीसरी लहर की संभावना के चलते माहौल बनने लगा है। हर कोई इसी की बातें कर रहा है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग शादी मलमास लगने से पहले ही करना चाह रहे है। ऐसे में परिणय सूत्र में बंधने वाले वर-वधुओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है।

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक जनवरी में तीसरी लहर संभावित है। ऐसे में फिर से बंदिशें ना लागू हो गए, इसी डर से कई लोगों ने विवाह मुहूर्त दिसंबर के ही निकलवाए हैं। यही कारण है कि रोज कहीं ना कहीं शहनाई बज रही है। पिछले साल की सारी कसर लोगों ने इस साल पूरी कर ली है।

ऑनलाइन शामिल हो रहे विदेशों के मेहमान

ओमिक्रॉन के चलते विदेशों से आने वाले लोगों की लिस्टिंग की जा रही है। इसमें ध्यान रखा है कि कौन कब आया है और उसकी कांटेक्ट हिस्ट्री क्या है। ऐसे लोगों को क्वारेंटाइन करना भी शुरू कर दिया गया है। ऐसे में शादी में आने वाले विदेशी मेहमान अब ऑनलाइन ही समारोह से जुड़ रहे है और वर-वधू को आशीर्वाद दे रहे हैं। क्योंकि अगर वे आते हैं तो वैसे भी वे शादी में शामिल नहीं हो पाएंगे।

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