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खुली नीलामी:5 बोरी तक ढेर में खुले नीलाम होंगे सोयाबीन और गेहूं, 2 से लागू होगी व्यवस्था

जावराएक महीने पहले
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  • छोटे किसानों को बड़ी राहत : लहसुन-प्याज में भी यह व्यवस्था लागू करवाने पर विचार जारी, अधिकारियों ने एक-दो दिन में निर्णय लेने की बात कही

कृषि उपज की ढेर या बोरी में खुली नीलामी करवाने को लेकर कल तक मंडी प्रशासन आनाकानी कर रहा था लेकिन बुधवार को किसानों ने व्यवस्था लागू करने की मांग की। किसान नेता सचिव से मिले और हर हाल में इसे सुचारू करने की बात कही। इसके बाद मंडी अधिकारियों ने व्यापारियों से बात की और तय हुआ कि 2 नवंबर से गेहूं व सोयाबीन अड्‌डे में 1 से 5 बोरी तक खुली उपज ढेर या बोरी में नीलाम की जाएगी। इसके लिए शुरुआत में शाम 4.30 से 5.30 बजे तक एक घंटे का समय तय रहेगा। यदि व्यवस्था सुचारू चली तो आगे चलकर समय बढ़ा सकते हैं। बाकी समय में ट्रॉली में ही उपज नीलाम की जाएगी। लहसुन और प्याज अड्‌डे में भी बोरी या ढेर में उपज नीलामी शुरू करवाने के लिए मंडी अधिकारियों ने व्यापारियों से बात की है। उन्हाें ने एक-दो दिन में विचार करके निर्णय लेने की बात कही है। वैसे भी शुक्रवार से रविवार तक मंडी में अवकाश रहेगा। इसके बाद 2 नवंबर से मंडी चालू होगी। तब तक उम्मीद है कि लहसुन-प्याज में भी यह सुविधा लागू हो जाएगी। दरअसल छोटे किसान जिनके पास 1 से 5 या 10 बोरी तक ही उपज रखी है, उन्हें व्यक्तिगत वाहन मंडी ले जाने में एक से दो हजार रुपए तक भाड़ा देना पड़ रहा है। यदि ढेर या बोरी में नीलामी शुरू हो जाएगी तो एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में पांच से ज्यादा किसान मिलकर उपज ले आएंगे तो उन्हें भाड़े में राहत मिलेगी और वे मंडी में उपज भी बेच पाएंगे। किसान लंबे समय से ढेर या बोरी में नीलामी शुरू करवाने की मांग कर रहे थे। मंगलवार को जब मंडी प्रशासन ने इससे मना कर दिया तो किसान नेता शिवनारायण धाकड़ समेत अन्य किसान मंडी सचिव राजेश गाेयल एवं निरीक्षक सुरेश शर्मा से मिले। किसानों से चर्चा के बाद अधिकारियों ने व्यापारियों के साथ बैठक की और फिर गेहूं व सोयाबीन में खुली नीलामी शुरू करने का निर्णय ले लिया। वहीं मंडी प्रांगण में इसका अनाउंस करके किसानों को सूचना भी दे दी है। किसान नेताओं ने व्यापारियों से प्लेटफॉर्म खाली करवाने की मांग की ताकि वहां किसान अपनी उपज रख सकें।

कुछ छोटे किसानों ने प्रांगण में ढेर कर दी थी सोयाबीन

मंडी प्रशासन भले ही निर्णय नहीं ले पा रहा था लेकिन परेशान कुछ किसानों ने बुधवार को सोयाबीन अड्‌डे में जाकर ढेर व बोरियाें में उपज खुली कर दी थी। ये दिनभर पड़ी रही लेकिन मंडी ने इनकी नीलामी नहीं करवाई। आखिर में इन किसानों ने भाव भरकर यानी औने-पौने दाम में ही उपज बेची और घर चले गए। 2 नवंबर से खुली नीलामी की पुरानी व्यवस्था लागू होने से सभी किसानों को राहत मिलेगी। हालांकि किसान नेता कैलाश मेहता, रमेश धाकड़ का कहना है कि सिर्फ 5 बोरी से कुछ नहीं होगा 10 बोरी तक ढेर में नीलामी शुरू करें तभी किसानों की परेशानी दूर होगी।

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