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डेंगू का डंक:जिले में 26 नए मरीज मिले, कुल 852 हो गए

मंदसौर11 दिन पहले
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अस्पताल में जांच के लिए लैब के बाहर इस तरह लगीं कतारें। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में जांच के लिए लैब के बाहर इस तरह लगीं कतारें।
  • जांच के लग रहे 900, ब्लड के देने पड़ रहे 10 हजार रुपए

जिले में डेंगू संक्रमण कम हाेने का नाम नहीं ले रहा है। पीड़ित व उनके परिजन पर जांच व ब्लड के व्यवस्था के नाम पर दाेहरी मार पड़ रही है। लोग बाहर से 8 से 10 हजार देकर प्लेटलेट्स यूनिट लाने को मजबूर हैं। वहीं निजी लैब में डेंगू जांच के लिए 800 से 900 रुपए वसूले जा रहे हैं। प्रशासन अब तक राशि तय नहीं कर पाया है। कैबिनेट मंत्री हरदीपसिंह डंग ने रविवार को अधिकारियों की बैठक लेकर एक दर तय करने को कहा। इधर कलेक्टर गौतम सिंह ने मदारपुरा क्षेत्र व सीतामऊ में स्थिति का जायजा लिया।

लाेगाें ने समस्या बताई ताे कलेक्टर ने अधिकारियाें से निराकरण की बात कही। रविवार को भी जिले में 26 नए मरीज मिले। कुल मरीजाें का आंकड़ा 852 पर पहुंच गया। मंदसौर निवासी वैभव के पिता को डेंगू होने पर प्लेटलेट्स की कमी हो गई। उनके शरीर में मात्र 55 हजार ही प्लेटलेट्स रह गए जबकि 1.30 लाख से 4.50 लाख प्लेटलेट्स होना चाहिए। जिला अस्पताल ब्लड सेपरेशन यूनिट पर लोड अधिक होने से वैभव को इंदौर से एसडीपी मशीन से ब्लड डाेनेट करवाकर प्लेटलेट्स लाना पड़े।

इसके लिए 8 हजार रुपए का भुगतान किया व आने-जाने का खर्च अलग। इसी तरह मिथुन पोरवाल की माता को डेंगू होने पर उनके शरीर में मात्र 21 हजार ही प्लेटलेट्स रह गए। तेजी से प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए भवानीमंडी में एसडीपी मशीन से ब्लड लेने के लिए संपर्क किया तो उन्होंने 9 हजार रुपए की मांग रखी। मिथुन ने जिला अस्पताल में 2 यूनिट ब्लड डोनेशन करवाकर उसमें से प्लेटलेट्स अलग करवाए।

2326 घरों का किया सर्वे
रविवार दोपहर 12 बजे तक प्रशासन ने शहर में कुल 2326 घरों का सर्वे किया। इस दौरान जिन घरों में लार्वा पाया उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है। इससे रविवार को प्रशासन ने 2200 रुपए वसूल किए।

मंत्री डंग ने ली बैठक : डेंगू को लेकर कैबिनेट मंत्री हरदीपसिंह डंग ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। कहा कि हॉस्पिटल में जांच के लिए लैब व निजी अस्पतालों में रेट तय करें। सीतामऊ, सुवासरा, शामगढ़ में डॉक्टर की व्यवस्था करें। कलेक्टर को निर्देश दिए कि रोकथाम के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठकर एक कार्य योजना बनाएं।

रोकथाम के लिए अभियान चला रहे हैं
पूर्व में ही संक्रमण रोकथाम के प्रभावी कदम नहीं उठाए, निश्चित ही इसके कारण संक्रमण तेज हुआ है। अब प्रशासन की मदद से रोकथाम का अभियान चला रहे हैं। दवाई छिड़काव के लिए जो संसाधन हैं उससे काम कर रहे हैं। एक-दो दिन में दवाई छिड़काव के कार्य में तेजी लाई जाएगी।-दीपा पाठक, मलेरिया अधिकारी

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