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ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होने से निराश लौट रहे हैं लोग:रतलाम में 4 तो नीमच में 3 पंचायतें 100 फीसदी वैक्सीनेटेड, मंदसौर जिला प्रशासन के पास कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है

मंदसौर3 दिन पहले
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प्रदेश के अन्य जिलों में किस क्षेत्र में कितना वैक्सीनेशन हुआ इसकी जानकारी जिला प्रशासन द्वारा रखी जा रही है। रतलाम में चार तो नीमच जिले की तीन पंचायतें 100फीसदी वैक्सीनेटेड हो गई। ऐसे में जिस हिस्से में 100 फीसदी वैक्सीनेशन हो गया वहां से केंद्र हटाकर अन्य जगह लगाए जा रहे हैं।

जिले में बिना किसी प्लानिंग के वैक्सीनेशन अभियान चल रहा इसके चलते आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को यह नहीं पता कि शहर में कितने लोगों को वैक्सीन लगी व कितने गांव वैक्सीनेटेड हो चुके हैं। आसपास के जिलों में पूरा डाटा रखा जा रहा है। रतलाम जिले में 4 तो नीमच में 3 पंचायतों में 100 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है। मंदसौर जिले में प्रशासन के पास कोई व्यवस्था नहीं है। मंदसौर शहर में 1 लाख 23 हजार के करीब वोटर है। शहर में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन जारी है। विभाग के पास डोज की कमी होने पर भी शहर में केंद्र जरूर लगाए। अब तक शहर में दो लाख से अधिक डोल लग चुके हैं। कौन-कौन से वार्ड या शहर में कितने फीसदी लोग वैक्सीनेटेड हो चुके हैं इसकी कोई जानकारी विभाग के पास नहीं है। केवल कितने डोज लगे उसके आधार पर प्रतिशत तैयार किया जा रहा। शहर के केंद्रों पर 50 फीसदी भीड़ आसपास के गांव वालों की लग रही है। शहर के केंद्रों पर आसपास के जवासा, पटेला व अन्य क्षेत्र के लोग पहुंचे। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था होने से इन्हें निराश होना पड़ा।

आबादी से ज्यादा वैक्सीनेशन लेकिन डाटा नहीं

धुंधड़का | धुंधड़का में सोमवार को वैक्सीन के लिए लोग बिना मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के घंटों लाइन में लगे रहे। भीड़ इतनी थी कि लोग एक दूसरे से सटे खड़े थे, धक्कामुक्की चलती रही। इससे संक्रमण का खतरा तेज हो रहा है। यह सब प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। जानकारी के अनुसार ऑफलाइन वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद धुंधड़का में 15 सेशन में 3500 डोज लगाए जा चुके हैं। इससे पहले ऑनलाइन में एक से डेढ़ हजार डोज लगाए जा चुके हैं। गांव की वोटर लिस्ट में 3300 ही 18 प्लस के हैं। इसके बाद भी यहां हजारों की भीड़ लग रही। भीड़ में 80 फीसदी लोग आसपास के गांव धमनार, गुलियाना, दलौदा, लसुड़ावन, बड़वन, लदुसा, जोगी खेड़ा, रातीखेड़ी, बाबरेचा, फतेहगढ़, दलौदा रेल, आक्या, सोनगरी, अफजलपुर, भाटरेवास, जीरकन से आ रहे हैं।

प्रशासन डाटा रखता तो पता चलता कितना फीसदी लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं। पांच दस फीसदी शेष रहने पर एक दो सेशन में उन्हें भी वैक्सीनेटेड कर केंद्र को आसपास के गांव में शिफ्ट किया जा सकता था। इससे दस से पंद्रह किमी का सफर तय कर धुंधड़का पहुंच रहे लोगों को आसानी होती।

केंद्र शासन के निर्देश पर बना रहे
मेरे पास इस तरह का कोई डाटा नहीं है, सॉफ्टवेयर में कोई ऑप्शन नहीं है। रतलाम व नीमच वाले कैसे निकाल रहे मुझे नहीं पता। हम तो शासन के निर्देश पर केंद्र लगा रहे।
-डॉ सुरेश सोलंकी, जिला टीकाकरण अधिकारी।


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