जिला मूल्यांकन समिति ने की तैयारी:4 साल बाद 1 अप्रैल से 20 % बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के दाम, प्रस्ताव भेजा

मंदसौर8 महीने पहले
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  • इधर सीएम ने महिलाओं के लिए 2% छूट की घोषणा की, आदेश नहीं

1 अप्रैल से जिले में जमीन, मकान व प्लॉट खरीदना महंगा हो जाएगा। 4 साल बाद जिले की गाइड लाइन खरीदी-बिक्री के आधार पर 30 से लेकर 15 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। औसतन पूरे जिले में गाइड लाइन 20 प्रतिशत बढ़ जाएगी। जिला मूल्यांकन समिति ने अप्रूवल के लिए प्रस्ताव भेजा है। इधर, सीएम की घोषणा के बाद भी महिलाओं के लिए 2% छूट को लेकर आदेश जारी नहीं हुए हैं।

जिस प्लाट, मकान या जमीन की रजिस्ट्री खर्च अब तक एक लाख रुपए लग रहा है। 1 अप्रैल से वहां की सौदेबाजी पर रजिस्ट्री कराकर सरकारी मुहर लगाने के लिए 20 हजार रुपए ज्यादा चुकाना पड़ेंगे। गाइड लाइन में सबसे ज्यादा शहर व शहरी इलाकों से लगे ग्रामीण रकबों की गाइड लाइन में बढ़ोत्तरी होगी।

इसके लिए जिला मूल्यांकन समिति ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भोपाल भेज दिया है। भोपाल से अप्रूवल होने की एक अप्रैल से नई गाइड लाइन लागू हो जाएगी। पिछले 4 साल से जिले की गाइड लाइन नहीं बढ़ती है। साल 2016 में तय गाइड लाइन के बाद अब अब गाइड लाइन में बढ़ोत्तरी होगी। ऐसे होने के बाद जमीनों की कीमतों में भी उछाल आएगा।

जिला मूल्यांकन समिति ने रेट तय किए हैं
जिला पंजीयक आशा निगम ने बताया कि 20 फरवरी को हुई जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में जमीन की खरीदी-ब्रिकी के आधार पर मार्केट वैल्यू के आधार पर जिला मूल्यांकन समिति ने जमीनों के रेट तय कर प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया है। गाइड लाइन में औसतन 20 फीसदी बढ़ोतरी होना प्रस्तावित है।

2020 में 4 महीने नपा शुल्क में 2 प्रतिशत कटौती
साल 2020 में कोरोना काल को देखते हुए राज्य सरकार ने नपा टैक्स की राशि में से 2 प्रतिशत छूट दे दी। सितंबर से दिसंबर माह तक इस छूट का फायदा उठाते हुए लोगों ने 11 प्रतिशत नपा शुल्क चुकाने के बजाय 9 प्रतिशत शुल्क दिया।

नई गाइडलाइन से सबसे ज्यादा असर शहरी इलाकों में होगा
नई गाइड लाइन में हो रही 20% की बढ़ोतरी का असर सबसे ज्यादा शहरी इलाकों में देखने को मिलेगा। ग्रामीण खसरा नंबरों की गाइडलाइन भी अधिकतम 30 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। साथ ही सड़कों से लगे क्षेत्रों में भी गाइडलाइन का असर ज्यादा दिखाई देगा।
पहली बार साल 2019 में घटी थी गाइडलाइन
इतिहास में पहली बार 2 साल पहले साल 2019 में गाइडलाइन में कटौती हुई। तत्कालीन कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने ही सीधे पूरे प्रदेश में औसतन 20 प्रतिशत गाइडलाइन कम करने का फरमान जारी कर दिया। इसके चलते सभी जिलास्तरों से भेजे गए प्रस्ताव ही निरस्त कर दिए थे।

7 दिन बाद भी काेई आदेश नहीं मिले : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सीएम शिवराजसिंह चौहान ने महिलाओं को तोहफा तो दिया लेकिन वह अभी तक उनकी झोली में नहीं गिरा। सीएम ने “लक्ष्मी’ के नाम से मकान, प्लॉट या जमीन की रजिस्ट्री कराने पर रजिस्ट्री शुल्क में 2% रियायत देने की घोषणा की थी। 7 दिन बीतने के बाद भी रजिस्ट्रार कार्यालयों को इस संबंध में कोई आदेश नहीं मिले हैं।

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