करोड़ों की जमीन से अतिक्रमण हटाया:मंदसौर में सरकारी जमीन पर तान दिया था कार शोरूम और दुकानें, 4 घंटे में किया जमींदोज

मंदसौर22 दिन पहले
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अतिक्रमण हटाता प्रशासन। - Dainik Bhaskar
अतिक्रमण हटाता प्रशासन।

मंदसौर में प्रशासन के अमले ने ऑपरेशन माफिया अभियान में शनिवार को सुबह बड़ी कार्रवाई की। कई दिनों से दीपावली के बाद बड़ी कार्रवाई की तैयारी थी और दीपावली के समापन के साथ प्रशासनिक अमले ने इसकी शुरुआत कर दी। सरकारी व नाले की जमीन पर शोरूम बना था और यहां कार शोरूम चल रहा था और अन्य दुकानों के साथ अस्थाई अतिक्रमण भी था। जिसे 4 घंटे से अधिक समय तक चली।

मशीनों से ढहाया गया। 8 हजार स्क्वेयर फीट जमीन से 8 करोड़ से अधिक की भूमि को प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराते हुए सरकार के पक्ष में खाली कराने का दावा किया है। पक्की दुकानों के साथ सब्जी व दुध के ठेलों से लेकर अस्थाई अतिक्रमण भी हटाया गया। प्रशासन की बड़ी कार्रवाई के बाद अतिक्रमणकर्ताओं में हड़कंप मच गया।

सरकारी जमीन पर महू-नीमच मुख्य मार्ग पर मंडी के ठीक सामने करोड़ों की जमीन पर करोड़ों की बिल्डिंग रसूख के दम पर तान दी गई। जिन्हें 4 घंटे चली कार्रवाई के दौरान धराशाई कर दिया गया। लेकिन कार्रवाई के बाद भी बड़ा सवाल यह खड़ा कि जब सरकारी जमीन पर यह बिल्डिंग खड़ा किया गया।

तब किसी ने रोका क्यों नहीं। बिना रोक-टोक के सरकारी जमीनों पर इतनी बड़ी बिल्डिंग कैसे बन गई। हालांकि अभी भी शहर में सरकारी जमीन व नालों की जमीनों पर अतिक्रमण के कई मामले और शिकायतें हैं, जिन पर कार्रवाई होने का लंबे समय से इंतजार है।

इस तरह कर लिया सरकारी जमीन पर अतिक्रमण

कृषि उपज मंडी के सामने नाले की व सरकारी जमीन पर कच्चा व अस्थाई अतिक्रमण से शुरू हुआ। इसके बाद फखरुद्दीन सहित अन्य तीन से चार लोगों ने मिलकर यहां पर यह पक्का अतिक्रमण कर लिया। अतिक्रमण कर पटेल मोटर्स ने कार का शोरूम और अन्य पक्की दुकानें भी थीं।

इसके साथ ही आसपास सब्जी से लेकर दुध व फ्रूट के विक्रेताओं के साथ अस्थाई अतिक्रमण व गुमटियां भी थीं। इन्हें शनिवार सुबह हटाने की कार्रवाई की गई। शनिवार सुबह 9.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक प्रशासनिक अमले ने जेसीबी व पोकलेन मशीनों की सहायता से पुलिस बल की मौजूदगी में 8 हजार स्क्वेयर फीट की इस 8 करोड़ से अधिक की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की तो 10 अस्थाई अतिक्रमण भी हटाया गया।

तहसीलदार मुकेश सोनी ने बताया कि सरकारी नाले व सरकारी जमीन की जमीन पर अतिक्रमण था। शोरूम से लेकर पक्की दुकानें बना दी गई थी तो आसपास अन्य अस्थाई अतिक्रमण भी था। करीब 8 करोड़ से अधिक की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।