पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अतिक्रमण नासूर बन गया:पहले 1700 अवैध गुमटियां थीं, अब 300 बढ़कर 2 हजार तक पहुंच गईं

मंदसौर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या के बाद 4 दिन चला था अवैध गुमटी हटाने का अभियान, फिर फैलने लगा इनका जाल

शहर के लिए गुमटियाें का अतिक्रमण नासूर बन गया है। गतवर्ष नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या में बड़ा कारण गुंडे मनीष की गुमटी के आगे एक पत्रकार द्वारा गुमटी लगाना सामने आया। इसके बाद प्रशासन ने 5 दिन अवैध गुमटियां हटाने की कार्रवाई की। कांग्रेस सरकार में ऑपरेशन सफाया में अवैध गुमटियां हटाईं। इस दौरान कई अपराधियों की नाहटा चौराहा, आम्बेडकर चौराहा पर अवैध गुमटियां मिलीं जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई। अब गुमटी माफिया वापस सक्रिय हो गए हैं। पहले जहां से प्रशासन ने एक गुमटी हटाई वहां दो लग गई, जहां कार्रवाई नहीं हुई वहां और अवैध गुमटियां लग गईं। शहर में पहले से 300 से ज्यादा अवैध गुमटियां लग गईं। गुमटीवालाें काे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हाेने से नपा व प्रशासन भी काेई प्रभावी कार्रवाई नहीं पा कर रहा है। बंधवार हत्याकांड के बाद पुलिस ने अभियान ‘शिकंजा’ चलाकर गुंडे मनीष की गुमटी के साथ क्षेत्र में रखी अन्य गुमटियां तोड़ीं। इसके बाद युवराज हत्याकांड में आरोपियों की नाहटा चौराहा पर अवैध गुमटियों की जानकारी सामने आई। पुलिस व नपा अमले ने यहां से अवैध गुमटियों की सफाई की। यही नहीं कांग्रेस शासन काल में ऑपरेशन सफाया में शहर में अवैध गुमटियों के खिलाफ कार्रवाई चली। इसमें दशपुरकुंज सहित कई जगह अवैध गुमटियों को जेसीबी से तोड़ने की कार्रवाई की गई। इन सबके बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई और गुमटी माफिया वापस सक्रिय हो गए। प्रशासन ने पहले जहां-जहां से गुमटियां तोड़ी वहां उससे डबल गुमटियां रखा गई हैं। प्रशासन ने पूर्व में जिला पंचायत के बाहर हाईवे पर सांची पाॅर्लर की गुमटी तोड़ी, जिला सहकारी बैंक के बाहर करीब 17 गुमटियां हटाईं। वर्तमान में यहां 25 से ज्यादा गुमटियां लग गई हैं।

किरायेदारों की आड़ में रखीं जा रहीं गुमटियां

जिला पंचायत तिराहा संजीत रोड पर नपा ने किराये पर गुमटियां दीं, जिसके दस्तावेज दिखाने पर पूर्व में भी प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। अब इन किरायेदारों की आड़ में यहां अवैध गुमटियां लगाई जा रही हैं। इनकी बड़ी गुमटियों के बाद पुलिया तक लोगों ने छोटी-छाेटी गुमटियां लगा दीं। ये अभी 10-15 दिन में रखी गई हैं जो वर्तमान में बंद हैं।

शहर में यहां लगीं अवैध गुमटियां
जिला अस्पताल के सामने अवैध गुमटियों को हटाने पर अब यहां हाथ ठेलों ने उनकी जगह ले ली। इसके अतिरिक्त नेहरू बस स्टैंड के पीछे व आसपास के क्षेत्र में 400 से ज्यादा अवैध गुमटियां हैं। आंबेडकर चौराहा पर 30 से ज्यादा, रेलवे स्टेशन पर करीब 15 अवैध गुमटियां, गांधी चौराहा से नेहरू बस स्टैंड रोड पर करीब 20, भारत माता चौराहा से बंडीजी बांग तक करीब 20, बंडीजी बांग से सम्राट मार्केट तक करीब 10 गुमटियां रखी हैं। महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर अवैध हाथ ठेले लग रहे हैं। इस तरह पूरे शहर में पहले 1500 से 1700 के मध्य अवैध गुमटियां लगी थीं जाे अब 2 हजार तक पहुंच गई हैं।

कब्जे की नीयत से सरकारी जमीन पर लगाते हैं गुमटी
अवैध गुमटी लगाने का मुख्य कारण सरकारी जमीन पर कब्जा है। माफिया विभिन्न स्थानों पर गुमटियां लगाते हैं ताकि भविष्य में यदि नपा निर्धारित स्थान पर कोई दुकान बनाती है तो वह प्राथमिकता से उन्हें दी जाए। महाराणाप्रताप बस स्टैंड, नेहरू बस स्टैंड पर इस तरह के मामले हो चुके हैं। जिन्हें दुकान दी वे वापस दूसरी जगह गुमटियां लगा रहे हैं।

किराये पर देकर लाखों रुपए की कर रहे अवैध कमाई
ऑपरेशन सफाया में जब नपा ने दशपुकुंज के बाहर से अवैध गुमटियां हटाईं तब यह जानकारी सामने आई थी कि यहां 10 से ज्यादा गुमटियां किसी एक व्यक्ति की थीं जिसने तीन से पांच हजार किराये पर दे रखी थीं। नपाध्यक्ष की हत्या का आरोपी मनीष भी किराये की ही गुमटी में ऑफिस संचालित कर रहा था।

अवैध गुमटियों पर तत्काल कार्रवाई करेंगे
^ गुमटियों के मामले में पहले की जानकारी मुझे नहीं है। अवैध गुमटियां लग रही हैं तो तत्काल कार्रवाई करेंगे।
पी.के. सुमन, सीएमओ, नपा

खबरें और भी हैं...