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ड्रिंक एंड ड्राइव:वाहन की कीमत से ज्यादा जुर्माना, कोर्ट से ही छूट रहे

मंदसौरएक महीने पहले
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  • एक गलती पर आपकी गाड़ी जब्त कर लेगी पुलिस, कोर्ट लगाएगी 10 हजार तक जुर्माना

शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़ाए तो पुलिस आपका वाहन जब्त कर लेगी। उसे छुड़ाने के लिए आपको कोर्ट में 10 से 15 हजार रुपए तक चुकाने पड़ेंगे। क्योंकि ड्रिंक एंड ड्राइव की धारा 185 में जुर्माना 2 हजार रुपए से सीधा 10 हजार रुपए हो गया है। यही नहीं लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सहित अन्य दस्तावेज नहीं होने पर जुर्माना 15 हजार और 6 महीने की जेल भी हो सकती है।

बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने, शराब पीकर गाड़ी चलाने, ओवर स्पीड आदि के नियमों का उल्लंघन करने पर 2 हजार नहीं 10 हजार रुपए जुर्माना देना होगा। नए नियम के तहत अब ड्रंक एंड ड्राइव पर जुर्माना पांच गुना बढ़ गया है। पहले अपराध के लिए 6 महीने की जेल और 10 हजार रुपए तक जुर्माना, जबकि दूसरी बार ये गलती करते हैं तो 2 साल जेल और 15 हजार तक का जुर्माना भरना होगा।

हेलमेट नहीं पहनने, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस या फिर इंश्योरेंस नहीं होने पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा मौके पर ही चालान काटा जाता है, लेकिन आप ड्रिंक एंड ड्राइव में पकड़े जाते हैं तब आपकी गाड़ी को पुलिस जब्त कर लेगी।
ड्रिंक एंड ड्राइव पर लगेगी ये धारा
यदि आप ड्रिंक कर ड्राइव करते हैं तब आपके ऊपर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 लगाई जाती है। इसमें लिखा है कि आपने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 का उल्लंघन किया है जिसके चलते आपका वाहन मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत जब्त किया जाता है। आपको निर्देशित किया जाता है कि उक्त दस्तावेज की मूलप्रति माननीय सीजेएम कोर्ट में प्रस्तुत करें। जिससे आपके वाहन के चालान का निराकरण किया जा सके।

गाड़ी में इन दस्तावेज की मूलप्रति रखना जरूरी है
1. लाइसेंस (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 3 के अनुसार)
2. रजिस्ट्रेशन (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 39 के अनुसार)
3. फिटनेस (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 56 के अनुसार)
4. परमिट (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 66 के अनुसार)
5. बीमा (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 146 के अनुसार)

रोज पकड़े जाते हैं 5 लोग
यातायात सूबेदार शैलेंद्रसिंह चौहान ने बताया कोरोना संक्रमण के चलते फिलहाल कार्रवाई नहीं की जा रही है स्थिति सुधरते ही कार्रवाई शुरू करेंगे। ड्रिंक एंड ड्राइव में सीजेएम कोर्ट में पेश करने का प्रावधान हैं। जहां पर कम से कम 10 हजार का जुर्माना होता है। लाइसेंस नहीं होने पर 5 हजार रु. बढ़ जाते हैं। अन्य दस्तावेज नहीं होने पर जुर्माना बढ़ता जाता है। चालक गरीब है तो कोर्ट उसे मुचलके पर छोड़कर राहत दे सकते हंै। वह केस चलता रहता है बाद में निर्णय होता।

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