दशहरा पर छाया कोरोना का ग्रहण:मंदसौर में सीमित लोगों के साथ ही रावण का किया जाएगा दहन, कोरोना के कारण बरतनी होगी सावधानी

मंदसौर6 दिन पहले
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रावण की प्रतीकात्मक तस्वीर - Dainik Bhaskar
रावण की प्रतीकात्मक तस्वीर

जिले में दशहरे पर्व पर रावण दहन के आयोजन पर कोरोना का ग्रहण दिखाई दे रहा है। आयोजकों को कोविड नियमों का पालन करते हुए सीमित आयोजन करना होंगे। लिहाजा आयोजनकर्ताओं को अब सिमित आयोजन के साथ ही रावण दहन करना होगा। पहले ही बीते दो सालों से कोविड के कारण दशहरे का आयोजन नहीं हो पाया। इस वर्ष भी प्रशासन द्वारा रावण दहन आयोजन की गाइडलाइन देरी से जारी की गई। जिस वजह से रावण पुतले का निर्माण नहीं हो पाया। समितियां अब बाजार से रेडीमेड रावण खरीद कर परंपरा निभाएंगी।

मंदसौर शहर के कॉलेज ग्राउंड का दशहरा उत्सव
मंदसौर के कॉलेज ग्राउंड में जिला दशहरा उत्सव मनाया जाता है। लोग यहां आतिशबाजी देखने पहुंचते हैं। लेकिन देरी से जारी हुई गाइड लाइन के कारण रावण दहन समिति ने इस बार किनारा कर लिया। लेकिन महाघंटा अभियान समिति द्वारा परंपरा का निर्वहन करते हुए कॉलेज ग्राउंड में 15 फिट के रावण का दहन किया जाएगा। अभियान के अध्यक्ष दिनेश नागर ने बताया कि 70 मिनट के लिए बंगलोर के टेक्नीशियन लेजर लाइट शो का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन सीमित होगा।

खानपुरा के जमाई रावण की होगी पूजा
मंदसौर शहर के खानपुरा में नामदेव समाज सुबह रावण के प्रतिमा की पूजा करेगा। इसके बाद शाम को प्रतीकात्मक रूप से रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित होगा। नामदेव समाज रावण को जमाई के रूप में देखता है। यहां महिलाएं रावण की प्रतिमा के सामने घूंघट करती हैं। यह आयोजन भी सीमित ही होगा।

धमनार में भी सिमित होगा आयोजन
धमनार गांव में भी रावण दहन का आयोजन सीमित किया गया है। यंहा रावण दहन को त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। राम-रावण के रोमांचकारी युद्ध को हजारों लोग देखने पहुंचते है। परंपरा के अनुसार युद्ध के बाद रावण की नाक पर मुक्का मार कर घमंड तोड़ा जाता है। लेकिन इस बार यंहा भी आयोजन की सीमित किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के सीतामऊ, सुवासरा, शामगढ, गरोठ, भानपुरा में नगर परिषद सीमित द्वारा रावण दहन का आयोजन किया जाएगा।

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