अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश:पूर्व मंत्री के पीए जोशी व डॉक्टर कुमावत की रजिस्ट्रियां रद्द

मंदसौर2 महीने पहले
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अपनी ही जमीन को पाने के लिए 6 साल से संघर्ष कर रहे बैंककर्मी को आखिरीकार न्याय मिल ही गया। कोर्ट ने पूर्व मंत्री थावरचंद्र गेहलोत के पीए रहे नंदलाल जोशी व डॉक्टर कमलेश कुमावत की फर्जी रजिस्ट्रियों को रद्द करते हुए अवैध निर्माण को तोड़ने के निर्देश दिए हैं। यह तृतीय वर्ग प्रथम श्रेणी न्यायाधीश समीरकुमार मिश्रा ने दिए।

सेवानिवृत्त बैंककर्मी रत्नेश सेठिया उनके भाई प्रेम सेठिया की सुदामानगर रामटेकरी स्थित प्लाॅट की 1991 में पुष्पा बैरागी ने फर्जी रजिस्ट्री बनाकर राकेश जायसवाल को बेची। जायसवाल को इस भूमि पर 15 सालों तक कोई कब्जा नहीं मिला। वह करीब 15 साल तक पुष्पा पर जमीन देने का दबाव बनाता रहा। इसके बाद पुष्पा ने जायसवाल को रुपए लौटाकर भूमि के वही फर्जी दस्तावेज वापस ले लिए। 2015 में बैंककर्मी सेठिया सेवानिवृत्त हुए। वे अपने प्लाॅट पर मकान बनाने के उद्देश्य से भूमिपूजन करने पहुंचे। यहां पूर्व मंत्री गेहलोत के पीए नंदलाल जोशी पुलिस के साथ पहुंच गए और जमीन को खुद की बताते हुए भूमिपूजन रुकवा दिया। विवाद होने पर दोनों पक्षों ने थाने में शिकायत की। राजनीतिक रसूख के चलते बैंककर्मी को कोई राहत नहीं मिली। बैंककर्मी सेठिया ने न्यायालय की शरण ली। पूर्व मंत्री के पीए जोशी ने अपने साथी डॉ. कमलेश कुमावत के साथ मिलकर मौके पर अवैध निर्माण करवा लिया। कोर्ट में विचाराधीन मामले में न्यायाधीश ने फरियादी बैंककर्मी की रजिस्ट्री के आधार पर 22 फरवरी को दोनों पक्षों के समक्ष नपती कराई। इसमें जमीन बैंककर्मी व उनके परिवार की होने की बात सामने आई।

एडवोकेट ओमप्रकाश टेलर व विमल तरवेचा ने बताया कि प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्य व मूल दस्तावेज के आधार पर कोर्ट ने जोशी व डॉ. कुमावत की रजिस्ट्रियां रद्द करने व निर्माण तोड़ने के निर्देश दिए हैं।

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