पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

जीतेंगे हम:कोरोना काे हरा चुके मंदसौर के सुरेश राठौर बने जिले के पहले प्लाज्मा डोनर

मंदसौर7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • गंभीर मरीज के लिए उदयपुर में दिया प्लाज्मा, ठीक हुए मरीज प्लाज्मा देकर बचा सकते हैं जान

जिले में कोरोना पाॅजिटिव की संख्या 1386 पहुंच गई है। अच्छी बात यह है कि इनमें से 969 लोग कोरोना को हरा कर स्वस्थ्य हो चुके हैं। अब यह स्वस्थ लोग कोरोना से जीतने में गंभीर मरीजों की मदद कर सकते हैं। जिसकी शुरुआत मंदसौर के सुरेश राठौर ने प्लाज्मा डोनेट करते हुए की। सुरेश जिले के पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने कोरोना को हराने के साथ अब कोरोना मरीज के लिए प्लाज्मा डोनेट किया है। इधर भास्कर द्वारा दो दिन से जिला प्रशासन द्वारा कोरोना मरीजों के आंकड़े छिपाने का मामला सबसे सामने लाने के बाद मंगलवार को प्रशासन ने रैपिड एंटीजन टेस्ट में मिले 27 मरीजों की सूची सार्वजनिक की व जिले के आंकड़ों में भी जोड़ा गया। हालांकि पूर्व के मरीजों को अभी भी जिले के आंकड़ों में शामिल नहीं किया। जिले में कोरोना संक्रमण का खतरा तेज होता जा रहा है। रोज औसत 30 से ज्यादा पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। जिले में कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा 1386 पहुंच गया है, जबकि 969 मरीज कोरोना को हरा कर स्वस्थ्य हो चुके हैं कोरोना बीमारी संक्रमण से फैलती है। ऐसे में चिकित्सा विशेषज्ञों की माने तो संक्रमण वाली बीमारी के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी काफी कारगर साबित होती है। यही कारण है कि अब कोरोना के गंभीर मरीजों को स्वस्थ्य करने में प्लाज्मा थैरेपी का भी उपयोग किया जा रहा है। इसमें कोरोना को हरा कर स्वस्थ हो चुके मरीजों का 28 दिन बाद ब्लड से प्लाज्मा लिया जाता है, जो कोरोना मरीज को चढ़ाया जाता है। इससे कोरोना मरीज सही भी हो रहे हैं। मंदसौर के कई मरीजों को इंदौर, भोपाल व उदयपुर में प्लाज्मा चढ़ाया है। जिले में यह पहला मामला है जब स्वस्थ्य हो चुके मरीज ने प्लाज्मा डोनेट किया है। मंदसौर के राम मोहल्ला निवासी सुरेश राठौर ने मंदसौर के ही कार डेकाेर व्यवसायी के परिजन के लिए उदयपुर में प्लाजमा डोनेट किया है।

जानिए क्या है प्लाज्मा थैरेपी
डॉ हिमांशु यर्जुवेदी ने बताया कि प्लाज्मा थैरेपी को मेडिकल साइंस की भाषा में प्लास्माफेरेसिस नाम से जाना जाता है। प्लाज्मा थैरेपी में खून के तरल पदार्थ या प्लाज्मा को रक्त कोशिकाओं (ब्ल्ड सेल्स) से अलग किया जाता है। इसके बाद यदि किसी व्यक्ति के प्लाज्मा में अनहेल्दी टिशू मिलते हैं तो उसमें हेल्दी प्लाजमा चढ़ा कर इलाज समय रहते शुरू किया जाता है।

समस्या : मंदसौर में मशीन रखी, लेकिन सुविधा नहीं
ब्लड से अलग-अलग कंपोनेंट निकालने के लिए जिला अस्पताल के पास ब्लड सेप्रेशन यूनिट रखी है, लेकिन तीन साल में स्वास्थ्य विभाग इसका इंस्टालेशन कर इसे शुरू नहीं कर पाया है। ऐसे में जिले में सुविधा होने के बाद भी प्लाज्मा डोनेट नहीं हो सकता। इसके लिए इच्छुक लोगांंे को इंदौर, उदयपुर जाना पड़ रहा है। कोरोना संकट को देखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द ब्लड सेप्रेशन यूनिट का शुभारंभ कराना चाहिए, जिससे मंदसौर में भी इच्छुक लोग प्लाजमा डोनेट कर अन्य गंभीर मरीजों की जान बचा सके।

प्रशासन ने रैपिड टेस्ट के मरीजों को माना पॉजिटिव
जिले में पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा रेपिड एंटीजन कीट से फीवर क्लीनिक पर संदिग्ध लोगों की जांच की जा रही। इसमें पॉजिटिव मिल रहे, लेकिन जिला प्रशासन इन्हें संक्रमितों में शामिल नहीं कर रहा है। दैनिक भास्कर ने प्रशासन की इस प्रक्रिया पर सवाल उठाया। इसके बाद पहली बार जिला प्रशासन ने सोमवार रात रैपिड एंटीजन टेस्ट में मिले 27 पॉजिटिव की सूची को सार्वजनिक किया और व जिले के आंकड़ों में शामिल किया। इससे पहले मिले पॉजिटिव की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। मंगलवार को जिले में 2 पॉजिटिव मरीज मिले।

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज घर से संबंधित कार्यों को संपन्न करने में व्यस्तता बनी रहेगी। किसी विशेष व्यक्ति का सानिध्य प्राप्त हुआ। जिससे आपकी विचारधारा में महत्वपूर्ण परिवर्तन होगा। भाइयों के साथ चला आ रहा संपत्ति य...

और पढ़ें