मंदसौर में न्याय की गुहार:न्याय मांगने के लिए परिवार के साथ बैलगाड़ी से पहुंचा कलेक्ट्रेट पहुंचा किसान, SDM ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

मंदसौरएक महीने पहले
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बैलगाड़ी से पहुंचे किसान - Dainik Bhaskar
बैलगाड़ी से पहुंचे किसान

मंदसौर के बरखेड़ा पंथ से न्याय यात्रा लेकर एक परिवार मंदसौर कलेक्ट्रेट में जन सुनवाई के लिए पहुंचा। जनसुनवाई में बैलगाड़ी से पहुंचे परिवार का आरोप है कि उनकी खेती की जमीन पर कैलाश पिता लक्ष्मीनारायण नाम के व्यक्ति ने वेयर हाउस का निर्माण कर उसकी 200 स्क्वायर फीट जमीन पर कब्जा कर लिया। कब्जे को हटवाने के लिए पीड़ित परिवार लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। उसे स्टे आर्डर मिलने और कब्जा हटाने के निर्देश मिलने के बाद भी प्रशासन उसे न्याय नहीं दिलवा पा रहा है लिहाजा वह आज अपने पूरे परिवार के साथ बैलगाड़ी से न्याय यात्रा के रूप में कलेक्ट्रेट में जन सुनवाई के लिए पहुंचा। हालांकि, अधिकारियों ने उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।

सुबह 6 बजे न्याय के लिए बैलगाड़ी पर सवार होकर निकला परिवार

बरखेड़ापंथ के सुभाष पाटीदार ने बताया कि बरखेड़ापंथ से हम न्याय की आस लेकर सुबह 6 बजे कलेक्ट्रेट के लिए निकलें और यहां जनसुनवाई में पहुंचे। हमारा पूरा परिवार कृषि पर निर्भर है। लेकिन हमारी जमीन पर वेयर हाऊस संचालक ने दबंगई से दीवार बना ली। तहसीलदार को आवेदन दिया था तो उन्होंने स्थगन का आदेश भी दिया था। फिर भी हमारी जमीन पर दीवार बन गई। इसका सीमांकन भी हुआ था। लेकिन स्थानीय स्तर पर वेयर हाऊस संचालक की दबंगई के कारण सुनवाई नहीं हुई तो हम परिवार के साथ न्याय की मांग लेकर यहां पहुंचे। यहां से आश्वासन मिला है। नरेंद्र पाटीदार ने बताया कि भूमि विवाद चल रहा था। कोर्ट के स्टे के बाद भी निर्माण किया गया। सुनवाई नहीं होने के कारण न्याय की मांग को लेकर बैलगाड़ी से यहां तक पहुंचे हैं। यहां से आश्वासन दिया है और निर्माण हटवाने की बात भी कही है।

सीमांकन के आदेश दिए हैं

एडीएम आरपी वर्मा ने बताया कि बरखेड़ापंथ के सोहन पति कंवरलाल पाटीदार ने आवेदन दिया है कि उसके खेत की जमीन पर लक्ष्मीनारायाण पोरवाल ने दीवार बनाकर कब्जा कर लिया है। दीवार वेयर हाऊस की है। इसमें बात की है तो दो तथ्य सामने आए। इनके आवेदन पर एसडीएम ने स्थगन आदेश के दिए। इसके बाद भी निर्माण हुआ तो फिर यह अधिकारी के पास गए नहीं। अधिकारी के पास जाकर बताना चाहिए था। दूसरा सीमा विवाद सामने आया है। इसमें एसडीएम को सीमांकन के निर्देश दिए हैं। इसमें यदि कब्जा आया तो हटाने के निर्देश दिए है।

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