4 सिंचाई परियोजना / 58 हेक्टेयर भूमि का कल होगा सीमांकन

X

  • डूब क्षेत्र में वन विभाग की भूमि आने के कारण 16 साल से फाइलों में अटकी हुई थी चारों परियोजना
  • वन विभाग को भूमि हस्तांतरित होते ही शासन स्तर से होंगे टेंडर

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

नीमच. जिले के मनासा व जावद क्षेत्र की चार सिंचाई परियोजना वन विभाग की जमीन डूब क्षेत्र में आने के कारण 16 साल से फाइलों में अटकी हुई थी। सिंगोली क्षेत्र में राजस्व विभाग की 58 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को देने का कलेक्टर ने आदेश दिया। इसके बाद फुसरिया व लुंबा गांव में सोमवार को भूमि का सीमांकन कर वन विभाग को हस्तांतरण के लिए फाइल शासन को भेजी जाएगी। वहां से विधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद चारों परियोजना की टेंडर प्रक्रिया होगी। पूर्व में इस भूमि का सीमांकन 10 मई को होना था। लेकिन सिंगोली के अनेड़ गांव में युवक के पॉजिटिव होने तथा कलेक्टर द्वारा जिले को टोटल लॉक करने के कारण यह प्रक्रिया अटक गई थी। जो सोमवार को राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में पूरी होगी। जिसको लेकर प्रशासन ने तैयारियां कर ली है।

मनासा के कालिया खो एंव पगारा व जावद क्षेत्र के बाणदा व परवानी बांध निर्माण का क्षेत्र के 30 हजार किसानों को लंबे समय से इंतजार है। वन विभाग की भूमि डूब क्षेत्र में होने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही थी। चारो सिंचाई परियोजनाओं को लेकर वन विभाग की करीब 58 हेक्टेयर जमीन डूब में आने से इसके बदले सिंगोली के फुसरिया व लुंबा मे जमीन आवंटित की गई है। जिसका सीमांकन जल संसाधन विभाग,वन विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में होगा।  

पॉजिटिव बढ़ने व टोटल लॉक के कारण 15 दिन लेट हुए 

प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि 10 मई को सिंगोली क्षेत्र में जमीन का सीमांकन कर वन विभाग को हस्तांतरित करना थी। लेकिन जिले में लगातार पॉजिटिव मरीज बढ़ने तथा टोटल लॉकडाउन होने से प्रक्रिया 15 दिन लेट हो गई।  वन विभाग के डीएफओ, जल संसाधन विभाग के जिला अधिकारी, जावद एसडीएम व सिंगोली तहसीलदार की उपस्थिति में पटवारियों व राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा सीमांकन पूरा किया जाएगा। जमीन हस्तांतरण होने के बाद में शासन स्तर पर टेंडर प्रक्रिया होने के साथ ही इस साल के अंत तक चारों सिंचाई परियोजना का निर्माण शुरू हो जाएगा। 

कहां कितनी भूमि

जल संसाधन विभाग के मुताबिक कुकड़ेश्वर क्षेत्र के कालिया खो डैम निर्माण में 20 हेक्टेयर, पगारा डैम में 3.50 हेक्टेयर व जावद के बाणदा डैम में 25 हेक्टेयर व परवानी बांध में 9 हेक्टेयर कुल 58 हेक्टेयर भूमि वन विभाग की डूब क्षेत्र में आ रही है।   

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना