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विवाह:12 दिन में 8 मुहूर्त, लौटी रौनक, कपड़ा, सराफा में बढ़ी ग्राहकी

नीमचएक महीने पहले
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  • अनलॉक , शादियों पर लगा प्रतिबंध हटाने के बाद लोगों ने शुरु की तैयारी, खरीदारी के लिए बाजारों में निकलने लगे

पूरी क्षमता के साथ बाजार खुलने से रौनक लौटने लगी है। जून के 12 दिनों में शादियों के लिए 8 मुहूर्त है। शादी समारोह में प्रशासन द्वारा छूट का दायरा बढ़ाने के कारण जिन परिवारों ने जून के मुहूर्त कैंसिल किए थे। उनमें से कुछ परिवार अब फिर से मुहूर्त निकलवा रहे है। ऐसे में कपड़ा बाजार सहित सराफा व बर्तन बाजार में ग्राहकी बढ़ने लगी है।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का सबसे ज्यादा असर बाजार पर पड़ा था। जून में शादियों के मुहूर्त भी थे। ऐसे में बाजार में अच्छी ग्राहकी की उम्मीद थी, लेकिन संक्रमण बढ़ने के बाद 17 अप्रैल से कोरोना कर्फ्यू में बाजार बंद रहा। प्रशासन ने मई-जून में शादियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया।

जून में हालात सुधरने के साथ बाजार धीरे-धीरे खुलने लगा और अनलॉक से व्यापारियों काे कुछ राहत मिली। व्यापारियों का कहना है कि शादियों की ग्राहकी शुरू हा़े गई है लेकिन बाजार काे पटरी पर आने में समय लगेगा। कर्मकांडीय विप्र परिषद के अध्यक्ष पं. मालचंद शर्मा ने बताया कि जून में जो शादियां कैंसिल हुई थी, उनमें से कुछ परिवार फिर से जून के मुहूर्त में ही शादी कर रहे है। जुलाई में भी कुछ शादियां हाेंगी लेकिन उसके बाद चार महीने काेई मुहूर्त नहीं है। देवउठनी एकादशी से नवंबर-दिसंबर में शादियां शुरू हाेंगी।

विवाह मुहूर्त- जून : 19,20,21,22,24,27,28 व 30 जून। जुलाई : 1,2,3,4,6,7,15 के साथ 18 जुलाई को भड़ली नवमी पर अबूझ मुहूर्त है।

वजह जाे सुधार रही बाजार का सेंटीमेंट
1. बसें चलना: बसाें के चलने से ग्रामीण क्षेत्रों की खरीदारी लाैटी।
2.मंडी खुलना: उपज बेचने के बाद किसान खरीदारी करने लगा है।

आज से 18 जुलाई तक विवाह के लिए 16 मुहूर्त, फिर चार माह ब्रेक
20 जुलाई को देवशयनी एकादशी के पहले जून-व जुलाई में विवाह के लिए 16 मुहूर्त है। जिसमें जून में आज महेश नवमी से 30 जून तक 8 और जुलाई में 1 से 18 जुलाई तक 8 मुहूर्त है। 20 जुलाई को देवशयनी एकादशी से देव शयन निद्रा में जाने से शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा। विवाह आदि शुभकार्य वर्जित होगें। इसके बाद 14 नवंबर से फिर मांगलिक कार्य शुरू होगें और शहनाइयां गूंज सकेंगी।

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