कोरोना के कारण पंतग व्यवसाय में मंदी:गिल्ली डंडों में दिखा नीमच के युवाओं का उत्साह

नीमच11 दिन पहले
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पिछले 2 सालों से कोरोना महामारी के चलते सभी तीज और त्योहार फीके हैं। इस बार भी कोरोना की तीसरी लहर के चलते अधिकतर तीज त्योहारों पर कोरोना की मार पड़ती दिखाई दे रही है हालांकि हर बार की तरह इस बार भी मकर सक्रांति को लेकर पतंग और गिल्ली-डंडे के बाजार गुलजार तो हुए हैं पर कोरोना की मार व्यापार पर फिर देखने को मिल रही है। इस बार पतंग और गिल्ली-डंडा के भाव में बढ़ोतरी तो हुई है पर व्यापार में मंदी का दौर देखने को मिल रहा है।

गिल्ली डंडा कर रहा युवाओं को आकर्षित

एक तरफ जहां बाजार में कोरोना महामारी के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के लिए मास्क लगाने, टीकाकरण करवाने जैसी पतंगें बाजार में आई है पर बच्चों का रुझान तो 1 से 5 रुपए की सामान्य पतंगों पर ही दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरी ओर गिल्ली डंडा के मामले में युवाओं का उत्साह खासा देखने को मिला है। मकर सक्रांति के 8 दिन पहले से ही नीमच के क्रमांक 2 मैदान पर युवा बड़ी संख्या में गिल्ली डंडे का लुफ्त उठाते देखे जा रहे हैं।

गिल्ली डंडे लुत्फ उठाते युवा
गिल्ली डंडे लुत्फ उठाते युवा

पतंग व्यापारी लोकेश प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि नीमच में चाइना का मांझा प्रतिबंधित है इसलिए बरेली से कॉटन का मांझा मंगवाया जाता है और आगरा, अहमदाबाद, जयपुर और लखनऊ से पतंगें आती है। पिछले 2 वर्षों से कोरोना के चलते कोई भी तीज त्यौहार सही ढंग से नहीं बन पाए हैं इस बार भी कोरोना के चलते पतंग के व्यापार में महंगाई तो आई है पर मंदी का दौर चल रहा है।

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