हरियाली अमावस्या आज:सांवलिया जी में आज बंद रहेंगे दर्शन, सुखानंद में नहीं लगेगा मेला

नीमच3 महीने पहले
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  • पितरों के निमित तर्पण करें, पौधे लगाने से आएगी जीवन में खुशहाली और समृद्धि

हरियाली अमावस्या पर हर साल राजस्थान के मंडफिया स्थित कृष्णधाम श्री सांवलिया जी बड़ा उत्सव मनता है। जिसमें देशभर से लाेग पहुंचते है। कोरोना गाइड लाइन के कारण आज मंदिर में दर्शन बंद रहेंगे। जावद तहसील स्थिति प्राचीन तीर्थ स्थल सुखदेव मुनि की तप स्थली सुखानंद महादेव में भी इसी साल मेला नहीं लगेगा और भक्त अभिषेक भी नहीं कर पाएंगे। यहां प्रतिवर्ष 50 हजार से ज्यादा लोग दर्शन और पितरों के तर्पण के लिए यहां आते है।

मप्र व राजस्थान की सीमा पर अरावली की पहाडिय़ों के बीच सुखानंद धाम बसा होने के कारण बारिश में चारों तरफ हरियाली छाई रहती है। मंदिर परिसर में 60 फीट ऊंचाई से प्राकृतिक झरना गिरता है, जो लगातार बारिश के कारण चालू है और रोज लोग दर्शन के साथ प्राकृतिक सौंदर्य काे निहारने पहुंच रहे है। बीच पहाड़ी पर मंदिर परिसर के पास ही प्राचीन गुफा में गंगा कुंड है। मान्यता है कि सुखदेव मुनि प्रतिदिन गंगा स्नान करते थे। जब उन्होेंने यहां तपस्या कि तब कमंडल से यहां गंगा लेकर आए और कुंड में जल डाला था। तभी से यह गंगा कुंड कहलाता है और लोग इसके पानी से स्नान करते है। तीर्थ स्थल होने के कारण यहां अंतिम संस्कार में बाद अस्थि विसर्जन भी किया जाता है और पितराें के निमित तर्पण करते है। इसलिए अमावस्या पर यहां दूर-दूर से लोग स्नान व पूजन करने आते है।

रविवार का योग-पर्यटन स्थलों पर रहेगी भीड़ : आज रविवार और हरियाली अमावस्या का योग है। ऐसे में लोगों की भीड़ धार्मिक-दर्शनीय स्थालों के साथ पर्यटन स्थलों पर रहेगी। शहर के मंदिरों के साथ 17 किमी दूर जाजू सागर बांध पर भी लोगों की भीड़ रहेगी। इसी प्रकार जिले के अन्य दर्शनीय व पर्यटन स्थल पर ही लोग पहुंचेंगे।

मंदिरों में होंगे आयोजन
आज हरियाली अमावस्या पर श्री सांवलिया जी मंदिर, श्री नरसिंह मंदिर, श्री किलेश्वर महादेव मंदिर, शिव घाट मंदिर सहित देवालयों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होंगे। भगवान का अभिषेक-पूजन कर उन्हें हरे वस्त्र धाराएं जाएंगे और फूल-पत्तियों से मंदिर में श्रृंगार किया जाकर लड्डू गोपाल को पालने में झुलाया जाएंगा। कर्मकांडीय विप्र परिषद के अध्यक्ष पं. मालचंद शर्मा व ज्योतिषाचार्य पं. गोविंद उपाध्याय ने बताया कि रवि पुष्य व सर्वार्थ सिद्धि योग होने से आज का दिन विशेष फलदायी है। काेरोना संक्रमण को देखते हुए भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर जाने से बचे और घर पर ही स्नान कर भगवान की पूजा करें। घर-आंगन या बाग-बगीचे, मंदिर परिसर या सार्वजनिक जगह जहां पौध रोपण किया जा सकता है। ऐसे स्थान पर आज कम से कम एक पौधे का रोपण जरूर करें। इससे पूण्य के साथ सुख-शांति व समृद्धि मिलेगी और पितरों को मुक्ति मिलने के साथ पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है। आज रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग सूर्याेदय से प्रारंभ हो जाएंगा। अमावस्या के दिन पितृ दोष शांति के लिए पितृ तर्पण एवं श्राद्ध करना विशेष शुभ है। इस दिन भगवान सूर्यदेव की पूजा, शिव-पार्वती का षोडशोपचार पूजन, तुलसी एवं पीपल की पूजा एवं परिक्रमा करने से स्वास्थ्य लाभ, धन ऐश्वर्य की वृद्धि एवं पितृ दोष की शांति होती है। इस दिन शाम के समय घर के ईशान कोण में घी का दीपक रखने से स्थिर लक्ष्मी का निवास होता है।

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