पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

आफत बरकरार:आयकर विभाग का नया पोर्टल बार-बार बंद होने से रिटर्न फाइल करने में परेशानी

नीमच4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
जिला आयकर कार्यालय परिसर। - Dainik Bhaskar
जिला आयकर कार्यालय परिसर।
  • विभाग का कहना सर्वर में नहीं पोर्टल में आ रही परेशानी

सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में लोगों को सहूलियत देने के लिए नया पोर्टल लॉन्च किया था, लेकिन इस पोर्टल ने लोगों की परेशानियों को कम करने की जगह बढ़ा दिया है। आयकर विभाग का यह नया ई-पोर्टल चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कर सलाहकारों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। आयकर विभाग ने इसी साल 7 जून को इस पोर्टल को लॉन्च किया गया था, लेकिन अब तक दिक्कतें कम नहीं हो रही।

लाॅगइन करने से लेकर टीडीएस रिटर्न फाइल करने, रिटर्न आधार से ई-वेरिफाई तक समय पर नहीं होने जैसी परेशानी आ रही है। बार-बार पोर्टल बंद होने से एक दिन में तो 2 से 3 ही रिटर्न ई-वेरिफाई नहीं हो पा रहे है। जबकि प्रतिदिन एक कर सलाहकार 10 से 12 रिटर्न दाखिल करता है। आयकर विभाग के अनुसार जिले में करीब 41 हजार आयकरदाता है, जिन्हें नए साफ्टवेयर से रिटर्न भरना है। लेकिन आयकर विभाग का नया साफ्टवेयर शुरू से ही दिक्कत दे रहा है। विभाग की माने तो पोर्टल की धीमी रफ्तार व गड़बड़ी की वजह से अब तक 30 से 35 फीसदी ही रिटर्न भरे गए है।

खास बात यह है कि इसमें आडिट वाले एक भी नहीं हुए है। ऐसा नहीं है कि पोर्टल के कारण केवल कर सलाहकार परेशान है, विभागीय अधिकारी भी उतने की परेशान है। इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है। कर सलाहकार विनय मारू ने बताया कि रिटर्न दाखिल करने में सबसे ज्यादा परेशानी फॉर्म का फार्मेट बदलने से आ रही है। पहले की तरह जानकारी अभी भी उतनी ही भरनी पड़ रही है, लेकिन नए पोर्टल में प्रत्येक जानकारी जैसे पर्सनल इंफॉर्मेशन , इनकम सहित अन्य जानकारियों को अलग-अलग खंड में बांट दिया है।

प्रत्येक खंड को भरने के बाद ही आगे बढ़ पाते हैं। इससे फॉर्म भरने में काफी समय लग रहा है। बार-बार पोर्टल बंद होने और धीमी रफ्तार के कारण परेशानी बढ़ जाती है। रिटर्न तो भरा जाता है, लेकिन ई-वेरिफाई नहीं दर्शाता है। कई बार तो ई-वेरिफाई होने में 5 से 7 दिन लग जाते है। मेरे यहां कुछ रिटर्न ऐसे है, तो 5 सितंबर को भरे थे, लेकिन अब तक ई-वेरिफाई नहीं दिखा रहा है।

टीडीएस रिटर्न हो रहे रिजेक्ट, ओटीपी इनवेलिड बता रहा

इस प्रकार की दिक्कत आ रही- कर सलाहकारों ने बताया कि नए पोर्टल में सबसे पहले तो लाॅगइन करने में ही परेशानी आती है, क्योंकि पोर्टल की धीमी रफ्तार। इसके अलावा अक्सर रिटर्न फाइल करने में दिक्कत आती है। रिटर्न फाइल होने के बाद आधार से ई-वेरिफाई होने में दिक्कत। टीडीएस रिटर्न रिजेक्ट हो रहे हैं। आईटीआर के ई-वेरिफिकेशन में परेशानी। ओटीपी आने में परेशानी, ओटीपी डालने पर इन वेलिड बताता है। चालान नंबर वैलिडेट नहीं हो पा रहे है। रिफंड रिइश्यू रिक्वेस्ट फाइल नहीं हो पा रहा है। डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट अपडेट नहीं हो रहा है। विशेषकर भागीदारी फर्म में पार्टनर के डिजिटल सिग्नेचर के पासवर्ड में दिक्कत आती है। इनकम टैक्स के सेक्शन 139 (5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने में दिक्कत।

पोर्टल में दिक्कत आ रही है-
नया पोर्टल काफी उन्नत है और आम टैक्स पेयर्स के लिए काफी सुविधाजनक है। नए पोर्टल में शुरू से ही दिक्कत आ रही है। जैसे-जैसे हमें इसकी शिकायत स्थानीय स्तर पर मिलती है, उसका फीडबैक वरिष्ठ कार्यालय को भेजते है। समस्याओं का निराकरण निरंतर हो रहा है। सर्वर में किसी प्रकार की परेशानी नहीं है, नए पोर्टल में दिक्कत आ रही है।-रघुवीर सिंह, जिला आयकर अधिकारी नीमच

खबरें और भी हैं...